The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • Sports
  • Breakdown in cricket relations with Bangladesh rings alarm bells for India Olympic bid

T20 वर्ल्ड कप में बांग्लादेश और पाकिस्तान के रुख का भारत को होगा तगड़ा नुकसान!

ICC ने माना कि भारत में बांग्लादेश को कोई खतरा नहीं है. बांग्लादेश फिर भी नहीं माना तो आईसीसी ने उन्हें रिप्लेस कर दिया. पाकिस्तान पहले से ही भारत का दौरा नहीं कर रहा लेकिन अब बांग्लादेश भी उसी राह पर है. इससे भले ही BCCI को ज्यादा फर्क न पड़ा हो लेकिन यह भारत की ओलंपिक मेजबानी की दावेदारी के लिए अच्छी खबर नहीं है.

Advertisement
JAY SHAH, ioc, ioa
ICC के चेयरपर्सन जय शाह और IOC की प्रेसिडेंट क्रिस्टी कोवेंट्री. (Photo-PTI)
pic
रिया कसाना
31 जनवरी 2026 (पब्लिश्ड: 08:55 PM IST)
font-size
Small
Medium
Large
font-size
Small
Medium
Large
whatsapp share

बांग्लादेश ने टी20 वर्ल्ड कप (T20 World Cup) के लिए भारत आने से इनकार कर दिया. उन्होंने टूर्नामेंट से बाहर होना मंजूर किया, लेकिन भारत आने के लिए तैयार नहीं हुए. इसके बाद खबरों की बौछार हो गई, जिसमें बताया गया कि बांग्लादेश को इससे क्या-क्या नुकसान होंगे. यह बताया गया कि किस तरह बांग्लादेश (Bangladesh) ने यह कदम उठाकर अपने लिए परेशानियां खड़ी कर ली है. लेकिन, परेशानियां सिर्फ बांग्लादेश के लिए नहीं है. भारत को भी इसका नुकसान उठाना पड़ सकता है. क्यों हम आपको बताते हैं.

भारत के पक्ष में खड़ा था ICC

ICC ने माना कि भारत में बांग्लादेश को कोई खतरा नहीं है. बांग्लादेश फिर भी नहीं माना तो आईसीसी ने उन्हें रिप्लेस कर दिया. पाकिस्तान पहले से ही भारत का दौरा नहीं कर रहा, लेकिन अब बांग्लादेश भी उसी राह पर है. इससे भले ही BCCI को ज्यादा फर्क न पड़ा हो, लेकिन यह भारत की ओलंपिक मेजबानी की दावेदारी के लिए अच्छी खबर नहीं है.

द गार्जियन कि रिपोर्ट के मुताबिक, ICC में BCCI का काफी इंफ्लुयेंस है. साथ ही इस बोर्ड का भारतीय सरकार से भी कनेक्शन है. आईसीसी के चेयरपर्सन जय शाह भारत के गृह मंत्री अमित शाह के बेटे हैं. वहीं, ICC के चीफ एक्जीक्यूटिव संजोग गुप्ता जियोहॉटस्टार के चीफ एक्जीक्यूटिव रहे हैं. जियोहॉटस्टार के पास भारत में ICC के सभी टूर्नामेंट्स के मीडिया राइट्स हैं. यही भारत को भारी पड़ सकता है.

भारत को रिश्ते सुधारने होंगे

इंटरनेशल क्रिकेट पॉलिटिक्स भारत की मेजबानी बैटल में काफी अहम है. 1900 के बाद से 2028 में पहली बार क्रिकेट ओलंपिक में वापसी कर रहा है. 2023 के ब्रिस्बेन ओलंपिक में भी वह शेड्यूल में है. भारतीय ओलंपिक संघ भी देश में क्रिकेट की लोकप्रियता को देखते हुए उसे शामिल करना चाहेगा. दो देशों का इस तरह भारत आने से इनकार करना, उसकी इमेज के लिए अच्छा नहीं है. मेजबानी देते हुए इन सभी चीजों का बहुत ख्याल रखा जाता है कि इस देश के बाकियों के साथ रिश्ते कैसे हैं और उसका खेल पर क्या और कितना असर है. IOC ने साफ कर दिया कि भारत को पाकिस्तान और बांग्लादेश के साथ रिश्ते सुधारने होंगे, तभी वह ओलंपिक की मेजबानी के लिए दावेदारी कर सकता है.

यह भी पढ़ें-रिबाकिना ने लगातार दो बार की चैंपियन सबालेंका को हराकर जीता ऑस्ट्रेलियन ओपन ख‍िताब 

नियमों को लेकर सख्त है IOC 

IOC किसी भी फेडरेशन में सरकार की दखल को बर्दाश्त नहीं करती है. साथ ही इस बात की संभावना भी कम है कि किसी ऐसे देश को ओलंपिक मेजबानी दी जाए, जिसे दो देश बायकॉट कर रहे हो. IOC के नियम 50.2 के मुताबिक,

हर स्पोर्ट्स संस्था के लिए यह जरूरी है कि वह स्वतंत्र रूप से काम करे. उसके अपने नियम और अपनी गर्वनेंस होगी, जिसमें कोई बाहरी राजनीतिक प्रभाव नहीं हो सकता.

IOC इसे लेकर कितना गंभीर है, इसका उदाहरण हाल ही में देखने को मिला. बीते साल अक्तूबर में इंडोनेशिया को ओलंपिक 2036 की मेजबानी प्रक्रिया से बाहर कर दिया गया था. इंडोनेशिया की राजधानी में आर्टिस्टिक जिम्नास्टिक वर्ल्ड चैंपियनशिप होनी थी. हालांकि, इंडोनेशिया ने इजायरली टीम को वीजा नहीं दिया था. इसी वजह से यह फैसला किया गया. इंडोनेशिया भी 20236 ओलंपिक की मेजबानी का दावेदार था.

भारत ने अब तक किसी भी देश के खिलाड़ियों को वीजा देने से इनकार नहीं किया है. हाल ही में बांग्लादेश के शूटर्स को भी भारत में हो रही एशियन चैंपियनशिप के लिए वीजा दिया गया है. वहीं, जूनियर हॉकी वर्ल्ड कप और हॉकी एशिया कप में भी पाकिस्तान को वीजा देने की बात की गई थी. लेकिन, पाकिस्तान ने सुरक्षा कारणों का ही हवाला देकर भारत आने से इनकार कर दिया था.

वीडियो: क्रिकेटर्स नहीं तो शूटर्स क्यों? बांग्लादेश का दोहरा रवैया सामने आ गया

Advertisement

Advertisement

()