TMC ने मांगे 5 करोड़, इनकार किया तो टिकट कटा, पूर्व क्रिकेटर ने पार्टी छोड़ी
पूर्व क्रिकेटर का मानना है कि TMC की हार का सबसे बड़ा कारण भ्रष्टाचार ही था. पार्टी में विकास के नाम पर कुछ नहीं हुआ. लोगों में नाराजगी बढ़ती गई और BJP को फायदा मिला.

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस (TMC) की बड़ी हार हुई. पार्टी की हार के एक दिन बाद पूर्व भारतीय क्रिकेटर और पार्टी के पूर्व विधायक मनोज तिवारी ने पार्टी छोड़ने का ऐलान कर दिया. उन्होंने दावा किया कि चुनाव लड़ने के लिए उनसे 5 करोड़ रुपये मांगे गए थे, लेकिन उन्होंने इनकार कर दिया.
मनोज तिवारी बंगाल में जूनियर स्पोर्ट्स मिनिस्टर भी थे. चुनाव नतीजों के बाद उन्होंने PTI को दिए इंटरव्यू में TMC पर बड़े-बड़े आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि पार्टी में भ्रष्टाचार बहुत बढ़ गया था. यही वजह है कि BJP ने TMC को हराया और 15 साल की सत्ता खत्म हो गई.
तिवारी का कहना है,
"मुझे इस हार से कोई हैरानी नहीं हुई. जब पूरी पार्टी भ्रष्टाचार में डूबी हुई हो और किसी क्षेत्र में विकास न हो, तो ऐसा होना तय था."
उन्होंने आरोप लगाया कि टिकट देने के लिए पैसे मांगे जाते थे. उन्होंने Howrah के Shibpur इलाके से टिकट मांगा था. लेकिन उन्होंने 5 करोड़ रुपये देने से मना कर दिया तो टिकट नहीं मिला.
मनोज ने राज्य के खेल मंत्री अरूप बिस्वास पर भी तीखे हमले किए. उन्होंने कहा कि अरूप दा को खेल की A, B, C, D भी नहीं पता. कई फंक्शन्स में उन्हें स्टेज पर नहीं बुलाया जाता था. Durand Cup जैसे कार्यक्रमों में उनकी तस्वीरें पहले अखबारों में छपती थीं, लेकिन बाद में उन्हें इनवाइट तक नहीं मिलता था.
तिवारी ने Messi इवेंट का भी जिक्र किया. उन्होंने बताया कि उन्होंने खुद इस इवेंट से दूरी बनाई थी क्योंकि आम लोगों के साथ गलत व्यवहार हो रहा था. उन्होंने बार-बार अरूप बिस्वास से खेल नीति बनाने और बजट का सही इस्तेमाल करने को कहा, लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया गया.
भ्रष्टाचार की वजह से हारमनोज तिवारी का मानना है कि TMC की हार का सबसे बड़ा कारण भ्रष्टाचार ही था. पार्टी में विकास के नाम पर कुछ नहीं हुआ. लोगों में नाराजगी बढ़ती गई और BJP को फायदा मिला. अरूप बिस्वास खुद अपनी सीट पर BJP उम्मीदवार पापिया अधिकारी से 6,000 वोटों से हार गए.
तिवारी ने साफ कहा कि अब TMC से उनका कोई लेना-देना नहीं है. उन्होंने पार्टी में रहते हुए जो कुछ देखा, उससे वो निराश थे. क्रिकेट से राजनीति में आए तिवारी ने हमेशा खेल को बढ़ावा देने की कोशिश की, लेकिन पार्टी के अंदरूनी हालात ने उन्हें निराश किया.
वीडियो: पश्चिम बंगाल चुनाव में BJP के किन नारों ने TMC को हराया?

