धोनी से कोहली तक, IPL के कप्तानों का बड़ा नुकसान कैसे हो गया?
कोहली को 24 लाख रुपए का जुर्माना देना होगा

बस एक चूक और विराट कोहली (Virat Kohli) को लाखों रुपए का जुर्माना देना पड़ गया. ये बात है 23 अप्रैल 2023 की. बेंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम में IPL (IPL 2023) का 32 वां मैच खेला जा रहा था. रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर और राजस्थान रॉयल्स के बीच. इस मैच में RCB के कप्तान थे विराट कोहली. RCB ने 7 रन से मैच तो जीत लिया लेकिन विराट का बड़ा नुकसान हो गया. विराट पर पूरे 24 लाख रुपए का जुर्माना ठोंका गया. टीम के बाकी खिलाड़ियों को भी 6-6 लाख रुपए जुर्माने के देने पड़े. क्यों? क्योंकि उन पर स्लो ओवर रेट पेनाल्टी लग गई.
आज मास्टरक्लास में बात स्लो ओवर रेट पेनाल्टी की. IPL 2023 के बीच इसकी चर्चा क्यों है? कई टीमों और उनके कप्तानों पर ये पेनाल्टी क्यों लगी है? क्या नियम हैं? बचने का तरीका क्या है? सब विस्तार से जानेंगे.
कप्तानों पर जुर्मानासाल 2023 में IPL का 16 वां सीजन खेला जा रहा है. और अब तक कई मैचों में कप्तानों और उनकी टीम को मोटा जुर्माना झेलना पड़ा है. कब, किस पर, कितना जुर्माना लगा, पहले ये जान लेते हैं-
- 10 अप्रैल को IPL का 15 वां मैच रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर और लखनऊ सुपर जायंट्स के बीच खेला गया. लखनऊ की टीम आख़िरी गेंद पर मैच जीत गई. और RCB के कप्तान फाफ़ डु प्लेसी पर IPL के कोड ऑफ़ कंडक्ट के उल्लंघन के मामले में 12 लाख रुपए का जुर्माना लगा.
- 12 अप्रैल को IPL का 17 वां मैच राजस्थान रॉयल्स और चेन्नई सुपर किंग्स के बीच खेला गया. राजस्थान रॉयल्स 3 रन से मैच जीती. लेकिन कप्तान संजू सैमसन पर 12 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया.
- 13 अप्रैल को IPL का 18 वां मैच गुजरात टाइटंस और पंजाब किंग्स के बीच खेला गया. गुजरात टाइटंस ने 6 विकेट से मैच जीता. लेकिन टीम के कप्तान हार्दिक पंड्या पर 12 लाख का जुर्माना लगा.
- 19 अप्रैल को IPL का 26 वां मैच लखनऊ सुपर जायंट्स और राजस्थान रॉयल्स के बीच खेला गया. लखनऊ की टीम ने 10 रन से मैच जीता लेकिन टीम के कप्तान KL राहुल पर 12 लाख रुपए का जुर्माना लगा.
जिस मैच में विराट पर पेनल्टी लगी, उसमें डु प्लेसी बतौर इम्पैक्ट प्लेयर खेले. अच्छे रन भी बनाए. लेकिन उनकी 10 अप्रैल वाली गलती ने विराट की सजा और बढ़ा दी. उन पर डबल जुर्माना लगा. ये जुर्माने का प्रावधान पुराना है. साल 2021 में धोनी पर भी चेन्नई सुपर किंग्स के कप्तान के बतौर 12 लाख रुपए का जुर्माना लगा था. लेकिन कैसे?
और किन नियमों के तहत, ये जानते हैं.
T20 में एक पारी के 20 ओवर फेंकने के लिए ICC ने 90 मिनट का समय तय किया है. ये नियम पुराना है. हालांकि पूरे 20 ओवर की गेंदबाजी में अगर किसी खिलाड़ी को चोट लगती है तो उसके फर्स्ट ऐड या उसे मैदान से बाहर ले जाने में लगने वाला वक़्त और DRS रिव्यू या अम्पायर रिव्यू का वक़्त इन 90 मिनट में नहीं जोड़ा जाता. और 90 मिनट में ढाई-ढाई मिनट के दो स्ट्रेटेजिक टाइम आउट भी होते हैं. माने गेंदबाजी कराने के लिए कुल 85 मिनट मिलते हैं. यानी एक ओवर फेंकने के लिए करीब 4 मिनट 15 सेकंड. लेकिन कई मैचों में किसी न किसी वजह से पूरे 20 ओवर की गेंदबाजी पूरी नहीं हो पाती. यानी ओवर रेट स्लो रहता है. खिलाड़ियों और स्टाफ के लिए ICC ने अपने कोड ऑफ कंडक्ट के तहत कुछ नियम बनाए हैं. और इस कोड ऑफ कंडक्ट में स्लो ओवर रेट के लिए एक नया नियम भी लाया गया.
क्या है ये नया नियम?इंग्लैंड में द हंड्रेड नाम से घरेलू T20 टूर्नामेंट होता है. इस टूर्नामेंट के नियमों की तर्ज पर ही जनवरी 2022 में ICC ने ये नया नियम लागू किया. ICC में 'T20 वर्ल्ड कप प्लेयिंग कंडीशंस 2022' में स्लो ओवर रेट का जिक्र किया गया.
T20 में आमतौर पर एक इनिंग्स के पहले 6 ओवर यानी पावरप्ले के ओवर्स के बाद फील्डिंग टीम का कप्तान 30 गज के दायरे के बाहर 5 फील्डर तैनात कर सकता है. ज्यादातर टीमें 30 गज के दायरे के बाहर इन 5 फील्डर्स को बाउंड्री पर रखती हैं. लेकिन ICC के प्लेइंग कंडीशंस के नए क्लॉज 13.8 के मुताबिक, अब अगर 20 ओवर का तय समय पूरा होने तक पूरे 20 ओवर नहीं फेंके जा सके तो बचे हुए ओवर्स के लिए स्लो ओवर रेट पेनाल्टी लगेगी. यानी धीमी रफ़्तार से बोलिंग करने की सज़ा. इस पेनाल्टी में बचे हुए ओवर्स में 30 गज के दायरे के बाहर सिर्फ 4 फील्डर तैनात किए जा सकते हैं.
आसान उदाहरण से इसे ऐसे समझिए,
ICC के नियम के मुताबिक, पारी शुरू होने से पहले गेंदबाजी करने वाली टीम को बता दिया जाता है कि फलां वक़्त तक आपके 90 मिनट पूरे हो जाएंगे. फील्डिंग टीम का करेंट ओवर रेट हर 30 मिनट में थर्ड अंपायर की सलाह पर स्कोर बोर्ड पर या ग्राउंड की रिप्ले स्क्रीन पर दिखा दिया जाता है. अब नियम के मुताबिक, अगर कोई टीम आख़िरी यानी 20वें ओवर की पहली गेंद तय समय से लेट फेंकना शुरू कर रही है, तो इस आख़िरी ओवर के लिए उसे ऑन ग्राउंड पेनाल्टी के तहत 30 गज के दायरे के बाहर सिर्फ 4 खिलाड़ी रखने की अनुमति होगी.
इस नियम के आने के बाद कई मैचों में इसका असर भी साफ़ नज़र आया. बीते साल 2022 में एशिया कप में भारत पाकिस्तान के बीच मैच हुआ. पाकिस्तान को जीत के लिए आख़िरी ओवर में सिर्फ 7 रन की दरकार थी. स्लो ओवर रेट पर पेनाल्टी के चलते इस ओवर में भारत को एक एक्स्ट्रा फील्डर 30 गज के दायरे के अंदर रखना पड़ा था. और पाकिस्तान को इफ्तिकार अहमद ने 5वीं गेंद पर जीत दिला दी. ये पेनाल्टी भारत को महंगी पड़ी, इसे ऐसे समझ सकते हैं कि जब पेनाल्टी की घोषणा हुई तो पाकिस्तानी कप्तान बाबर आजम खुशी से चीख रहे थे, कह रहे थे-
'पांच फील्डर्स आ गए भाई!'
ये तो हो गई ऑन ग्राउंड पेनाल्टी की बात. स्लो ओवर रेट पर कप्तान और टीम को भारी जुर्माना भी भरना पड़ रहा है.
कप्तान पर जुर्माने का नियमICC के कोड ऑफ़ कंडक्ट के तहत, जो ऑन ग्राउंड पेनाल्टी का नियम हमने आपको अभी बताया, उसे BCCI ने भी IPL की मैच प्लेयिंग कंडीशंस में क्लॉज़ 13.8 के तहत शामिल किया है. इसके अलावा BCCI ने IPL के खिलाडियों और टीम ऑफिशियल्स के कोड ऑफ़ कंडक्ट में जुर्माने के प्रावधान भी तय किए हैं.
BCCI ने IPL 2023 के कोड ऑफ़ कंडक्ट के तहत मिनिमम ओवर रेट तय किया है. इसके मुताबिक प्रति घंटे करीब 14 ओवर के हिसाब से इनिंग्स के 20 ओवर की गेंदबाजी कुल 90 मिनट में पूरी करनी होगी. हालांकि कोड ऑफ़ कंडक्ट के मुताबिक, किसी खिलाड़ी को चोट लगने पर उसके ट्रीटमेंट में, अम्पायर्स के रेफेरल्स में लगने वाला वक़्त इन 90 मिनट में शामिल नहीं होगा. पारी के दौरान छठे, सातवें, आठवें और नवें विकेट के गिरने पर भी 1-1 मिनट का वक़्त दिया जाएगा. बल्लेबाजी कर रही टीम अगर वक़्त खराब कर रही है, तो उस पर भी नियमों के उल्लंघन के लिए अलग से कार्रवाई हो सकती है. इसके अलावा भी अगर समय ख़राब होने में फील्डिंग करने वाली टीम का नियंत्रण नहीं है तो उस पर कोई कार्रवाई नहीं होगी.
लेकिन अगर मैच का रेफरी ये तय करे कि फील्डिंग करने वाली टीम, मिनिमम ओवर रेट से गेंदबाजी नहीं कर पाई है तो उस पर कोड ऑफ़ कंडक्ट के आर्टिकल 4.2 के मुताबिक, जुर्माने के प्रावधान हैं. ये प्रावधान कुछ इस तरह हैं-
-IPL के किसी सीजन में पहली बार मिनिमम ओवर रेट के नियम का उल्लंघन करने पर गेंदबाजी करने वाली टीम के कप्तान पर 12 लाख रुपए का जुर्माना लगेगा.
-उसी सीजन में दूसरी बार स्लो ओवर रेट से गेंदबाजी हुई तो कप्तान पर 24 लाख रुपए का जुर्माना लगेगा. साथ ही टीम के हर सदस्य पर 6 लाख रुपए या उसकी मैच फ़ीस का 25 फीसदी (दोनों में से जो भी कम हो) का जुर्माना लगेगा.
-किसी IPL सीजन में तीसरी बार मिनिमम ओवर रेट के नियम का उल्लंघन करने पर कप्तान को 30 लाख रुपए का जुर्माना देना होगा. साथ ही उसे टीम के अगले मैच से बैन कर दिया जाएगा. और कप्तान के अलावा टीम के बाकी सदस्यों पर भी 12 लाख रुपए या मैच फ़ीस के आधे में से जो भी कम हो, उतने का जुर्माना लगेगा.
चूंकि पहले फाफ़ डु प्लेसी पर 12 लाख रुपए का जुर्माना लग चुका था, इसीलिए विराट कोहली पर 24 लाख रुपए का जुर्माना लगा. क्योंकि कप्तान भले बदला हो, टीम दोनों बार एक ही थी. BCCI ने कोड ऑफ़ कंडक्ट के आर्टिकल 4.2 के सबसेक्शन में ये भी कहा है कि अगर किसी कप्तान को एक या ज्यादा बार आर्टिकल 4.2 के तहत दोषी माना जाता है तो भले ही वो कप्तानी छोड़ दे, अगर BCCI को कप्तान बदलने को लेकर लिखित रूप से जानकारी नहीं दी गई है तो उस खिलाड़ी पर प्रतिबन्ध जारी रहेंगे.
ये तो थी IPL में स्लो ओवर रेट से जुड़े ऑफेंस की कहानी. मास्टरक्लास में आज इतना ही कल फिर किसी मुद्दे पर विश्लेषण के साथ हाजिर होंगे.
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