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विनेश फोगाट एशियन गेम्स ट्रायल खेलेंगी, दिल्ली हाईकोर्ट का बड़ा फैसला

कोर्ट ने कहा कि कानून का सिद्धांत ये है कि किसी भी महिला को मैटरनिटी लीव के दौरान उसके करियर, रैंकिंग, प्रमोशन या नौकरी में कोई नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए.

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23 मई 2026 (अपडेटेड: 23 मई 2026, 05:48 PM IST)
Delhi High Court allows Olympian wrestler Vinesh Phogat to participate in Asian Games selection trials
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि फोगाट ने 2025 के दौरान सैबेटिकल के लिए उचित रूप अप्लाई किया था. (फोटो- X)
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भारत की रेसलर Vinesh Phogat को दिल्ली हाईकोर्ट ने एशियन गेम्स 2026 के ट्रायल्स में हिस्सा लेने की अनुमति दे दी है. सेलेक्शन ट्रायल्स 30 और 31 मई को होने हैं. विनेश को राहत देते हुए बेंच ने कहा कि खेल और न्याय के हित को देखते हुए ये जरूरी है कि उन्हें सेलेक्शन ट्रायल्स में भाग लेने की अनुमति दी जाए.

बता दें कि WFI ने विनेश फोगाट पर 26 जून तक का बैन लगा रखा है. कोर्ट ने विनेश को WFI के कारण बताओ नोटिस का जवाब देने को कहा था. फेडरेशन ने विनेश पर डिसिप्लिन और डोपिंग नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाया. विनेश की तरफ से कहा गया कि जहां इंटरनेशनल लेवल पर मैटरनिटी लीव पर गई महिला एथलीट्स की रैंकिंग को सुरक्षित रखा जाता है. वहीं WFI के नए नियमों में ऐसा कुछ नहीं है.

चीफ जस्टिस डीके उपाध्याय और जस्टिस तेजस कारिया की बेंच ने इस मामले की सुनवाई की. बेंच ने कहा है कि रेसलिंग फेडरेशन (WFI) की नई पॉलिसी और सर्कुलर में सिलेक्शन ट्रायल्स का जो स्टैंडर्ड रखा गया है, वो पुरानी व्यवस्था से काफी अलग है. बेंच ने कहा,

“पहले फेडरेशन के पास अधिकार था कि वो आइकॉनिक खिलाड़ियों (जैसे विनेश फोगाट) को बिना ट्रायल दिए एशियन गेम्स की टीम में चुन सकता था. लेकिन नई पॉलिसी में ऐसी कोई छूट नहीं दी गई है. इसमें विनेश फोगाट जैसे बड़े खिलाड़ियों को मैटरनिटी लीव के कारण कोई छूट नहीं दी जा रही.”

कोर्ट ने आगे कहा कि कानून का सिद्धांत ये है कि किसी भी महिला को मैटरनिटी लीव के दौरान उसके करियर, रैंकिंग, प्रमोशन या नौकरी में कोई नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए. इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक कोर्ट ने शुक्रवार, 22 मई को आदेश दिया था. ये आदेश शनिवार, 23 मई को मीडिया के सामने आया. बेंच ने साफ-साफ कहा कि WFI द्वारा फोगाट की पेरिस 2024 ओलंपिक में हार को ‘राष्ट्रीय शर्म’ कहना निंदनीय है. कोर्ट ने कहा,

“CAS का फैसला पहले ही साफ कर चुका है कि फोगाट ने कुछ गलत नहीं किया था, फिर भी WFI ने शो-कॉज नोटिस में ऐसी बातें लिखीं. ये टिप्पणियां मनगढ़ंत लगती हैं. ऐसा कहना बिल्कुल गलत है, ये नहीं होना चाहिए था.”

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि फोगाट ने 2025 के दौरान सैबेटिकल के लिए अप्लाई किया था. उस साल हुई किसी भी चैंपियनशिप या टूर्नामेंट में वो इसलिए हिस्सा नहीं ले सकीं, क्योंकि उन्होंने जुलाई 2025 में अपने पहले बच्चे को जन्म दिया था. बेंच ने कहा,

“फोगाट ने ITA, WFI, UWW और SAI को अपने सैबेटिकल के बारे में सूचित किया था और 3 जुलाई 2025 को इसका कन्फर्मेशन भी उन्हें दिया गया था. जिससे वो 1 जनवरी 2026 के बाद से खेलने के लिए एलिजिबल थीं.”

बेंच ने विनेश को राहत देते हुए सेलेक्शन ट्रायल्स में हिस्सा लेने की बात कही. हालांकि, फोगाट द्वारा WFI की पॉलिसी, सर्कुलर और शो-कॉज नोटिस को लेकर दी गई चुनौती अभी भी सिंगल जज बेंच के सामने पेंडिंग है.

वीडियो: विनेश फोगाट ने कुश्ती में वापसी का किया ऐलान, इस ओलंपिक के लिए करेंगी तैयारी

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