पूर्व साइकलिंग कोच RK शर्मा पर एक और साइकलिस्ट ने लगाया अनुचित व्यवहार का आरोप
आर के शर्मा के साथ असिस्टेंट कोच गौतमनी देवी भी आईं लपेटे में.

पूर्व साइकलिंग कोच आर के शर्मा (RK Sharma) पर हाल ही में यौन उत्पीड़न और अनुचित व्यवहार के गंभीर आरोप लगे थे. इन आरोपों की शुरुआती जांच के बाद स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया (SAI) ने उनका कॉन्ट्रैक्ट खत्म कर दिया था. अब एक और साइकलिस्ट ने आर के शर्मा पर गंभीर आरोप लगाए हैं.
मौजूदा नेशनल चैंपियन और इंटरनेशनल गोल्ड मेडलिस्ट अंडमान की डेबोरा हैरॉल्ड (Deborah Herold) ने इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए शर्मा और टीम की असिस्टेंट कोच गौतमनी देवी पर कई आरोप लगाए. हैरॉल्ड ने कहा कि शर्मा और देवी उन्हें परेशान करते थे. हैरॉल्ड का ये भी दावा है कि गौतमनी ने उन्हें थप्पड़ भी मारा था.
इंडियन एक्सप्रेस की ख़बर के मुताबिक इस मामले में हैरॉल्ड के साथ नेशनल टीम की दो मौजूदा सदस्यों ने भी आर के शर्मा के खिलाफ़ शिकायत की है. इन दोनों ने मामले की जांच कर रही SAI की इंटरनल कम्प्लेन कमिटी को बताया, कि शर्मा और देवी उन्हें लगातार परेशान करते और धमकाते थे. ये सिलसिला कई सालों तक चलता रहा जिससे उनका प्रदर्शन भी प्रभावित हुआ है.
असिस्टेंट कोच गौतमनी देवी ने अपने ऊपर लगे आरोपों पर इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए कहा,
‘मैं वही करती थी जो साइकलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (CFI) की ओर से करने को कहा जाता था.’
वहीं CFI ने इस मामले में कहा कि हैरॉल्ड ने इससे पहले कभी शर्मा और देवी के खिलाफ आवाज नहीं उठाई. साथ ही यह स्पष्टीकरण भी दिया की CFI अपने नियमों के अनुसार काम करता रहा है. देवी के अलावा इंडियन एक्सप्रेस ने शर्मा से भी संपर्क करने की कोशिश की पर उन्होंने उत्तर नहीं दिया.
27 साल की हैरॉल्ड साल 2012 से ही भारत की साइकलिंग टीम का हिस्सा रही हैं. साल 2014 से उन्होंने आर के शर्मा के अंडर ही ट्रेनिंग की है. हालांकि उनका दावा है कि वो 200 मीटर स्प्रिंट में देश की सबसे तेज महिला साइकलिस्ट हैं. लेकिन इसके बावजूद 2018 से ही उन्हें टीम से बाहर रखा गया है. इसके पीछे का कारण बताते हुए उन्होंने कहा,
‘असिस्टेंट कोच गौतमनी देवी को ये लगता था कि मैं एक दूसरी महिला साइकलिस्ट के साथ रिलेशनशिप में हूं. जबकि ऐसा कुछ नहीं था, हम सिर्फ अच्छे दोस्त हैं. लेकिन इसकी वजह से वो मुझे काफी परेशान करती थी. मुझे दूसरे साइकलिस्ट से अलग रखा जाने लगा. और मुझे नेशनल कैंप तक से हटा दिया गया.’
उन्होंने आगे कहा,
‘आर के शर्मा के अंडर टीम में जो टॉक्सिक माहौल बन गया था, उसके कारण किसी भी साइकलिस्ट के लिए अपनी पूरी क्षमता से परफॉर्म कर पाना मुश्किल था. मुझे आशा है कि ऐसी घटनाओं के उजागर होने के बाद, हमें इस कल्चर में बदलाव देखने को मिलेगा.’
हैरॉल्ड ने ये भी बताया कि उन्होंने अपने साथ हो रहे व्यवहार से नाराज़ और परेशान होकर साल 2018 में ही आर के शर्मा के अंडर ट्रेनिंग लेनी बंद कर दी थी. इतना ही नहीं उन्होंने अपने करियर को बचाने के लिए खुद को स्प्रिंट से अलग भी कर लिया है.

