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3 मैचों में सिर्फ एक पचासा, फिर भी साई सुदर्शन और करुण नायर के बचाव में आए पुजारा

युवा बल्लेबाज Sai Sudharsan ने तीन मैचों की सीरीज 23.33 के औसत से 140 रन बनाए थे. वहीं Karun Nair ने चार मैचों में 25.62 के औसत से 205 रन बनाए.

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5 अगस्त 2025 (पब्लिश्ड: 07:46 PM IST)
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करुण नायर और साई सुदर्शन ने सीरीज में एक ही फिफ्टी लगाई. (Photo-PTI)
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भारतीय टीम ने भले ही एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी (Anderson Tendulkar Trophy) ड्रॉ कराई हो, लेकिन इस सीरीज के दौरान कई खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर सवाल उठे. खासतौर पर करुण नायर (Karun Nair) और साई सुदर्शन (Sai Sudharsan) के. नायर की लंबे समय बाद टीम इंडिया में एंट्री हुई थी, लेकिन वो पूरी सीरीज में केवल एक ही अर्धशतक लगा सके. वहीं, युवा बल्लेबाज साई ने तीन मैच खेले और उनके बल्ले से भी एक ही फिफ्टी निकली. चेतेश्वर पुजारा (Cheteshwar Pujara) ने इन दोनों खिलाड़ियों का बचाव किया है. उनका कहना है कि इन्हें समय देने की जरूरत है.

पुजारा ने किया करुण नायर और सुदर्शन का बचाव

सुदर्शन ने तीन मैचों की सीरीज 23.33 के औसत से 140 रन बनाए थे. वहीं नायर ने चार मैचों में 25.62 के औसत से 205 रन बनाए. पुजारा के मुताबिक, इन दोनों खिलाड़ियों को टीम में बनाए रखना चाहिए. समय के साथ उनके प्रदर्शन में भी सुधार होगा. उन्होंने कहा,

देखिए, युवा खिलाड़ियों को मैच्योर होने के लिए थोड़ा समय चाहिए. साई सुदर्शन ने अपनी क्षमता दिखाई है. उन्होंने एक बार अच्छा प्रदर्शन किया है. करुण नायर ने भी अच्छा प्रदर्शन किया है. इसलिए धीरे-धीरे, जैसे-जैसे उन्हें अनुभव मिलेगा, उनके खेल में निखार आता रहेगा. आप हर खिलाड़ी से हर बार दो या तीन शतक लगाने की उम्मीद नहीं कर सकते, खासकर जब वो युवा खिलाड़ी हों, तो उन्हें समय चाहिए.

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भारत के लिए हर खिलाड़ी ने दिया योगदान

पुजारा ने इस सीरीज में टीम इंडिया के प्रदर्शन की तारीफ की. उन्हें लगता है कि भारत का प्रदर्शन बताता है कि ये टीम भविष्य में अच्छा प्रदर्शन करेगी. उन्होंने कहा,

यह भारतीय टीम के लिए एक अच्छा दौर है. क्योंकि यह एक मुश्किल सीरीज थी, और इसे 2-2 से ड्रॉ कराना दर्शाता है कि हर खिलाड़ी ने योगदान दिया. इसलिए आगे बढ़ते हुए, यह टीम निश्चित रूप से अच्छा प्रदर्शन करेगी. टीम ने कई सेशन जीते हैं. इसलिए अगर हम सिर्फ इस सीरीज़ की बात करें, तो हां, यह ड्रॉ रही. लेकिन मेरे विचार से, यह जीत से कम नहीं है. यह भारतीय टीम की जीत है. भारतीय क्रिकेट सही हाथों में है और जिस तरह से सभी युवा खिलाड़ी प्रदर्शन कर रहे हैं, उसे देखकर भविष्य से काफी उम्मीदें हैं.

ये सीरीज शुभमन गिल की बतौर कप्तान पहली टेस्ट सीरीज थी. टीम में कई युवा खिलाड़ी थे. इसी कारण इस टीम को सीरीज जीतने का दावेदार नहीं माना जा रहा था. हालांकि, भारत ने सीरीज 2-2 से ड्रॉ कराई. टीम ने एजबेस्टन और ओवल टेस्ट जीता. वहीं, मैनचेस्टर टेस्ट ड्रॉ रहा. इंग्लैंड ने लीड्स और लॉर्ड्स टेस्ट अपने नाम किया था.

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