CSK को IPL जीतना है तो इस प्लेयर को T20 वर्ल्ड कप वाली फॉर्म दिखानी होगी
इस प्लेयर की ताकत ये है कि वो स्पिन को मिडिल ओवर में मार सकता है और डेथ में फिनिश भी कर सकते है.

चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) IPL 2026 में पिछले सीजन की परफॉर्मेंस को जरूर भुलाना चाहेगी. टीम ने इस सीजन कई नए प्लेयर्स को साइन किया है. उनकी परफॉर्मेंस पर तो सभी की नजरें होंगी ही, लेकिन फ्रेंचाइजी के लिए शिवम दुबे का कमबैक भी मायने रखता है. क्या वो 2026 IPL में अपनी पुरानी फॉर्म में दिखेंगे, और टीम को मजबूती दे पाएंगे? टीम के लिए यही सबसे बड़ा सवाल है.
14 में से सिर्फ 4 मैच ही जीते थे2025 का IPL सीजन CSK के लिए बहुत खराब रहा. टीम ने 14 में से सिर्फ 4 मैच ही जीते थे. ये पहली बार था जब CSK प्लेऑफ में नहीं पहुंची और लास्ट पोजीशन पर फिनिश किया. पांच बार की चैंपियन टीम की ये हालत देख फैन्स काफी दुखी थे.
फ्रेंचाइजी ने इस बार टॉप ऑर्डर में संजू सैमसन को शामिल किया है. वो और ऋतुराज गायकवाड़ जैसे खिलाड़ी हैं, जो टीम को स्टेबिलिटी दे सकते हैं. यंग प्लेयर्स में आयुष म्हात्रे और डेवाल्ड ब्रेविस भी पिछले सीजन अच्छा खेले थे. लेकिन टीम का मिडिल ऑर्डर अब भी काफी पॉलिशिंग मांगता है.
दिसंबर 2025 में हुए मिनी ऑक्शन में CSK ने दो अनकैप्ड भारतीय बैटरों पर अपनी बेट लगाई. विकेटकीपर बैटर कार्तिक शर्मा और ऑलराउंडर प्रशांत वीर को 14.2 करोड़ रुपये में टीम ने साइन किया. दोनों ही काफी प्रॉमिसिंग यंग प्लेयर्स हैं. छक्का मारना दोनों के लिए वैसा ही है जैसे आदित्य धर के लिए ‘पीक डिटेलिंग’ करना. कार्तिक का स्ट्राइक रेट 162.92 का है. उन्होंने जितने भी मैच अभी तक खेले हैं वो हर 7वीं बॉल पर छक्का लगाते हैं.
दुबे के रोल पर होगा फोकसइन नए खिलाड़ियों के आने से शिवम दुबे के रोल पर टीम का काफी फोकस होगा. दुबे के लिए भी ये एक नया चैलेंज है. टीम को देखना होगा कि प्लेइंग इलेवन में कार्तिक और प्रशांत में से एक या दोनों को जगह मिल सकती है या नहीं.
शिवम दुबे CSK के लिए वैसे ही हैं जैसे आदित्य धर के लिए रणवीर सिंह. वो मिडिल ओवरों में (7 से 15 ओवर के बीच) स्पिन के खिलाफ अच्छा खेलते हैं और डेथ ओवर में अपनी हिटिंग के लिए भी जाने जाते हैं. T20 वर्ल्ड कप 2026 में हमने यही देखा. टूर्नामेंट में दुबे ने क्लच परफॉर्मेंसेस दीं.
सेमीफाइनल और फाइनल में उन्होंने स्पिन के खिलाफ तेजी से रन बनाए. सेमीफाइनल में दुबे ने आदिल राशिद के खिलाफ 8 गेंद पर 22 रन ठोक दिए. और इंडियन टीम के लिए मोमेंटम शिफ्ट कर दिया. संजू सैमसन के साथ मिलकर उन्होंने स्पिन के खिलाफ अच्छा स्ट्राइक रेट मेंटेन कर के रखा.
IPL 2025 की परफॉर्मेंस भुलानी होगीलेकिन IPL 2025 में दुबे की फॉर्म परेशान करने वाली थी. उनका स्ट्राइक रेट 132.22 का ही था. जबकि 2022-2024 IPL में उन्होंने 159.16 के आसपास स्ट्राइक रेट से बैटिंग की थी. स्पिन के खिलाफ उनका स्ट्राइक रेट 176.47 से गिरकर 118.8 रह गया. दुबे क्रीज पर फ्रीज दिख रहे थे. सिंगल्स ज्यादा ले रहे थे, और उनके बैट से अटैकिंग शॉट्स कम निकले. बाउंड्री परसेंटेज भी गिरा. टोटल शॉट्स में उनका बाउंड्री परसेंट 11.96% ही रह गया. पहले वो हर 5 गेंद पर एक बाउंड्री लगाते थे. जो कि बाद में हर 8 गेंद पर पहुंच गया.
पिछेल IPL में दुबे स्टार्ट ही धीमी कर रहे थे. पहली 10 गेंदों में उनका स्ट्राइक रेट 2025 में 123.57 था. जबकि 2023 में 146.56 और 2024 में 144.16 का था. जिन मैचों में CSK को जीत मिली, उन मैचों में दुबे का स्टार्ट तेज रहता था. वो 155.05 के स्ट्राइक रेट से अपनी पारी शुरू करते थे. लेकिन जो मैच CSK हारी, उसमें दुबे भी धीमा खेले. 122.95 के स्ट्राइक रेट से बैटिंग की.
मिडिल ओवर में भी उनका स्ट्राइक रेट 152.38 से गिरकर 127.12 रह गया. टीम की समस्या ये थी कि टॉप ऑर्डर में जल्दी विकेट गिर जाते थे. जिससे मिडिल ऑर्डर (4 से 8 नंबर) पर प्रेशर बढ़ जाता था. 2025 सीजन में CSK का मिडिल ऑर्डर पहले 10 गेंदों में सबसे कम स्ट्राइक रेट (123.15) वाला रहा. लीग औसत 137.14 का था.
दूसरी तरफ गुजरात टाइटंस, मुंबई इंडियंस और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु जैसे टीमों का मिडिल ऑर्डर काफी मजबूत था. 2023 में जब CSK चैंपियन बनी थी, तब ओपनिंग जोड़ी शानदार थी. अंबाती रायडू, मोईन अली, रविंद्र जडेजा, एमएस धोनी जैसे खिलाड़ी टीम को मिडिर ओवर्स में सपोर्ट देते थे. लेकिन इसके बाद के सीजन में ये सपोर्ट कम हो गया.
उदाहरण के लिए, मुंबई इंडियंस के खिलाफ एक मैच में दुबे ने पहले 10 गेंद पर सिर्फ 3 सिंगल लिए. अपनी इनिंग्स में उन्होंने 32 गेंद पर 50 रन बनाए, लेकिन टीम 176 रन ही बना सकी और हार गई. मुंबई की टीम ने ये टारगेट 26 गेंद रहते ही चेज़ कर लिया था.
दुबे को सपोर्ट की जरूरतT20 वर्ल्ड कप में दुबे ने दिखाया कि सपोर्ट मिले तो वो स्पिन को बुरी तरह पीट सकते हैं. डेवाल्ड ब्रेविस भी स्पिन के खिलाफ तेज बैटिंग (SR 171.78) करने के लिए जाने जाते हैं. अगर वो और दुबे साथ खेलें तो मिडिल ओवर्स में टीम को मजबूती दे सकते हैं.
CSK को स्पिन के खिलाफ चेज करने में भी दिक्कत होती है. धोनी का स्पिन के खिलाफ स्ट्राइक रेट काफी कम है. 2020 IPL से अब तक 13 बार टीम को 180+ का टारगेट चेज़ करने को मिला है. लेकिन CSK एक ही बार मैच जीत पाई है. दुबे की ताकत ये है कि वो स्पिन को मिडिल ओवर में मार सकते हैं और डेथ में फिनिश कर सकते हैं. उन्होंने अपनी फिटनेस पर भी काम किया है.
वर्ल्ड कप में उन्होंने बल्ले के साथ-साथ अपनी बॉलिंग से भी टीम को थोड़ा सपोर्ट किया था. CSK को उनकी इसी ऑलराउंड परफॉर्मेंस की जरूरत है. अब देखना होगा कि दुबे T20 वर्ल्ड कप की अपनी फॉर्म कंटिन्यू रख पाते हैं या नहीं.
वीडियो: CSK के एक बॉलर आईपीएल से पहले ही चोटिल हुए, टीम पर क्या असर?

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