BCCI क्यों हटा रहा ए-प्लस कैटेगरी? सेक्रेटरी ने बताई पूरी बात
BCCI सेक्रेटरी Devajit Saikia ने क्रिकेटर्स की ए-प्लस कैटेगरी को हटाने की वजह बताई है. मौजूदा समय में Rohit Sharma, Virat Kohli, Ravindra Jadejaऔर Jasprit Bumrah इस कैटेगरी में शामिल हैं. ए-प्लस कैटगरी हटने के बाद रोहित-विराट और जडेजा की सैलरी में कटौती होगी.

बीसीसीआई सिलेक्शन कमिटी के चीफ अजित आगरकर (Ajit Agarkar) ने कुछ दिन पहले इंडियन क्रिकेटर्स के कॉन्ट्रैक्ट की ए-प्लस कैटेगरी को हटाने का सुझाव दिया था, जिस पर काफी चर्चा हुई. वहीं, अब भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के सेक्रेटरी देवजीत सैकिया (Devajit Saikia) ने आने वाले रिटेनरशिप साइकिल में ए-प्लस कैटेगरी को हटाने की वजह बताई है. बीसीसीआई के सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट में शामिल प्लेयर्स की 4 कैटेगरी ' A'+, 'A', 'B' और 'C' हैं. सेक्रेटरी के बयान के बाद यह साफ हो गया है कि अब ए-प्लस कैटेगरी को हटा दिया जाएगा. इस कैटेगरी के हटने के बाद, रोहित शर्मा (Rohit Sharma), विराट कोहली (Virat Kohli) और रवींद्र जडेजा (Ravindra Jadeja) का डिमोशन तय हो गया है. ये सभी क्रिकेटर बीसीसीआई की ए-प्लस कैटेगरी में शामिल हैं.
ए-प्लस कैटेगरी हटाने की वजहइस साल रिटेनरशिप के दौरान किसी खिलाड़ी को ए-प्लस कैटेगरी में शामिल नहीं किया जाएगा. क्योंकि तीनों फॉर्मेट में खेलने वाले ज्यादा क्रिकेटर नहीं हैं. रोहित शर्मा, विराट कोहली सिर्फ वनडे फॉर्मेट में खेलते हैं. वहीं, रवींद्र जडेजा वनडे और टेस्ट क्रिकेट खेलते हैं. बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने स्पोर्टस्टार से बात करते हुए कहा,
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बीते सीजन रोहित शर्मा, विराट कोहली, जसप्रीत बुमराह और रवींद्र जडेजा को ए-प्लस कैटेगरी में शामिल किया गया था. केवल बुमराह ही सभी फॉर्मेट में खेलते हैं. रोहित और विराट टी20 और टेस्ट से रिटायर हो गए हैं. जडेजा वनडे और टेस्ट का हिस्सा हैं. सैकिया का मानना है कि एक फॉर्मेट खेलने वाले प्लेयर्स को टॉप कैटेगरी में नहीं रखा जा सकता. इसके चलते बीसीसीआई ए-प्लस कैटेगरी को हटाने के लिए बाध्य है. उनके मुताबिक,
स्टार प्लेयर्स की सैलरी कटेगीए-प्लस कैटेगरी हटने के बाद रोहित शर्मा, विराट कोहली और रवींद्र जडेजा का डिमोशन तय है. इसके बाद इन क्रिकेटर्स की सैलरी में कटौती की जाएगी. जबकि, जसप्रीत बुमराह की सैलरी में कटौती नहीं होगी. क्योंकि, वह करंट सेट-अप में सभी फॉर्मेट खेलते हैं. ए-प्लस कैटेगरी में शामिल प्लेयर्स को बीसीसीआई की तरफ से सालाना 7 करोड़ रुपये सैलरी के रूप में दिए जाते हैं. वहीं, ए कैटेगरी में शामिल प्लेयर्स को 5 करोड़ रुपये मिलते हैं. जबकि, बी कैटेगरी में शामिल प्लयेर्स को 3 करोड़ और सी कैटेगरी में आने वाले खिलाड़ियो को एक करोड़ रुपये दिए जाते हैं.
वीडियो: विराट कोहली और रोहित शर्मा को हो सकता है नुकसान, BCCI हटा सकती है A+ कैटेगरी!

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