BCCI का बड़ा प्लान, होम सीरीज में हार बचाने के लिए प्लेयर्स तैयार किए जाएंगे
वैभव सूर्यवंशी और आयुष म्हात्रे जैसे 'Gen Z' क्रिकेटर्स को फोर-डे टूर्नामेंट खिलाया जाएगा. इस इंट्रा-COE टूर्नामेंट के लिए 64 क्रिकेटर्स को चुना गया है.

IPL के बीच इंडियन टेस्ट क्रिकेट को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है. BCCI के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (COE) ने टेस्ट टीम का पूल तैयार करने के लिए रोडमैप तैयार किया है. IPL के बाद जून-जुलाई 2026 के आसपास बोर्ड कुछ प्लेयर्स के लिए रेड बॉल टूर्नामेंट आयोजित करेगा. इसमें वैभव सूर्यवंशी और आयुष म्हात्रे जैसे प्लेयर्स खेलेंगे.
टीम इंडिया का पिछले दो साल से टेस्ट क्रिकेट में रिकॉर्ड कुछ खास नहीं रहा है. 2024 और 2025 में इंडियन टीम न्यूजीलैंड और साउथ अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट सीरीज हारी थी. जिसके बाद से टीम की परफॉर्मेंस को लेकर कई सवाल उठने लगे थे.
टेस्ट क्रिकेट को सुधारने के लिए पूर्व क्रिकेटर वीवीएस लक्ष्मण ने सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (COE) में एक प्लान तैयार किया है. जिसके तहत वैभव सूर्यवंशी और आयुष म्हात्रे जैसे 'Gen Z' क्रिकेटर्स को फोर-डे टूर्नामेंट खिलाया जाएगा. PTI की एक रिपोर्ट में बताया गया कि इस इंट्रा-COE टूर्नामेंट के लिए 64 क्रिकेटर्स को चुना गया है. ये सभी अंडर 25 कैटेगरी वाले होंगे.
इस टूर्नामेंट से COE का मेन मकसद भारतीय टीम के लिए एक टैलेंट पूल तैयार करना है. ये प्लेयर्स COE में रेड बॉल टूर्नामेंट खेलेंगे. रिपोर्ट के मुताबिक इस प्लान के बारे में सभी कोच और नेशनल सेलेक्टर्स को सूचना दे दी गई है.
इंडिया A, इंडिया U-23 और एज ग्रुप जैसे U-19 और U-16 के प्लेयर्स इसमें शामिल होंगे. इन्हीं से ही 64 खिलाड़ियों को चुना जाएगा. इन सभी को अगले एक साल में बेंगलुरु में हाई परफॉर्मेंस कैंप्स में ट्रेन किया जाएगा. ट्रेनिंग का फोकस सिर्फ रेड बॉल क्रिकेट पर होगा.
टेस्ट में लगातार खराब परफॉर्मेंसनवंबर 2025 में इंडियन टीम साउथ अफ्रीका के खिलाफ गुवाहाटी टेस्ट में 408 रनों से हार गई थी. इससे पहले टीम कोलकाता टेस्ट में 30 रनों से हारी थी. अफ्रीका की टीम ने ये सीरीज 2-0 से अपने नाम की. भारतीय क्रिकेट हिस्ट्री में 1959 के बाद पहली बार ऐसा हुआ था जब इंडियन टीम होम सीरीज में लगातार 5 मैच हारी थी.
1959 में भारत ऑस्ट्रेलिया और वेस्टइंडीज के खिलाफ 2-0 और 3-0 से सीरीज हारा था. साउथ अफ्रीका के खिलाफ सीरीज में हार के बाद इंडियन टीम का वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) का इक्वेशन भी गड़बड़ा गया. टीम अब 5वें नंबर पर है. सिर्फ 48.28 पॉइंट परसेंट के साथ.
साउथ अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट सीरीज में इंडिया टीम का एक और लो पॉइंट रहा. टीम का कोई भी बैटर पूरी सीरीज में सेंचुरी नहीं लगा पाया. ऐसा भारतीय टेस्ट क्रिकेट की हिस्ट्री में केवल तीन बार हुआ है. इससे पहले ये 1969/70 और 1995/96 में न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज में हुआ था.
भारतीय टीम के बैटर्स साउथ अफ्रीका के खिलाफ सीरीज में 15.23 के एवरेज से ही रन बना पाए थे. ये दूसरा सबसे खराब प्रदर्शन था. इससे पहले 2002/03 में न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में भारत के बैटर्स का एवरेज 12.42 का था. ये दिखाता है कि इंडियन टीम का हालिया टेस्ट रिकॉर्ड कितना खराब है. बोर्ड टेस्ट टीम पर अपना फोकस बढ़ाना चाहता है. जिसके लिए प्लान तैयार किया जा रहा है.
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