सरकार का हवाला देकर वर्ल्ड कप छोड़ा, अब उसी सरकार के खिलाफ ICC की शरण में अमीनुल
पद से हटाए जाने के एक दिन बाद अमीनुल इस्लाम ने ICC को लेटर लिखा. उन्होंने सरकार के इस कदम को असंवैधानिक बताया और ICC से तुरंत हस्तक्षेप करने की अपील की.

बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) के पूर्व अध्यक्ष अमीनुल इस्लाम बुलबुल एक बड़ा विवाद में फंस गए हैं. पहले उन्होंने T20 वर्ल्ड कप में टीम के न खेलने के फैसले के लिए सरकार का हवाला दिया था. अब जब सरकार ने उन्हें हटा दिया है तो वो उसी के खिलाफ ICC से मदद मांगने पहुंच गए हैं.
क्या हुआ था विश्व कप में?फरवरी-मार्च 2026 में ICC T20 वर्ल्ड कप खेला गया. बांग्लादेश की टीम ने सिक्योरिटी कंसर्न्स का हवाला देकर अपने मैच भारत से श्रीलंका शिफ्ट किए जाने की मांग की थी. अमीनुल इस्लाम उस समय BCB के अध्यक्ष थे. ICC ने कई बार इस मसले पर बोर्ड को समझाने की कोशिश की और सुरक्षा की जांच भी कराई, जिसमें कोई खतरा नहीं पाया गया. लेकिन अमीनुल अड़े रहे और सरकार का हवाला देते रहे.
आखिरकार बांग्लादेश को वर्ल्ड कप से बाहर कर दिया गया. उनकी जगह स्कॉटलैंड को शामिल किया गया था. ये फैसला बांग्लादेश क्रिकेट के लिए बड़ा झटका था.
अप्रैल 2026 में स्थिति में नया मोड़ आया. बांग्लादेश सरकार ने अमीनुल इस्लाम को BCB अध्यक्ष पद से हटा दिया. उनकी जगह पूर्व कप्तान तमीम इकबाल को इंटरिम अध्यक्ष बनाया गया. सरकार ने एक जांच कमेटी बनाई थी, जिसने अक्टूबर 2025 के BCB चुनाव में गड़बड़ियां पाई. 5 अप्रैल 2026 को ये रिपोर्ट सरकार के पास पहुंची. इसके आधार पर नेशनल स्पोर्ट्स काउंसिल ने अमीनुल वाली चुनी हुई कमेटी को भंग कर दिया और 11 सदस्यों वाली एड-हॉक कमेटी बना दी.
सरकार का कहना है कि बोर्ड के चुनाव में अनियमितताएं थीं, इसलिए ये कदम उठाया गया.
अमीनुल ICC पहुंचेपद से हटाए जाने के एक दिन बाद अमीनुल इस्लाम ने ICC को लेटर लिखा. उन्होंने सरकार के इस कदम को असंवैधानिक बताया और ICC से तुरंत हस्तक्षेप करने की अपील की. अमीनुल का कहना है कि अक्टूबर 2025 का चुनाव पूरी तरह कानूनी था. उस चुनाव की निगरानी एक तीन सदस्यीय कमेटी ने की थी, जिसमें सुप्रीम कोर्ट के वकील और सीआईडी के सीनियर अधिकारी शामिल थे. क्रिकबज की रिपोर्ट के मुताबिक अमीनुल ने कहा,
"हम ICC से अपील करते हैं कि चुने हुए बोर्ड को बचाएं. एड-हॉक कमेटी गैरकानूनी है. जांच रिपोर्ट भी गैरकानूनी है. सरकार किसी भी तरह से अक्टूबर 2025 के चुनाव की वैधता पर सवाल नहीं उठा सकती."
उन्होंने 5 अप्रैल की रिपोर्ट को मनमाना और कानूनी रूप से अस्थिर बताया.
ICC का जवाबICC के एक डायरेक्टर ने इस पर हैरान जताई है. उन्होंने कहा,
"ये हैरानी की बात है कि वही बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड, जिसने वर्ल्ड कप न खेलने के लिए सरकार के निर्देश का हवाला दिया और ICC के साथ समझौते को नजरअंदाज किया, अब उसी सरकार की जांच से बचने के लिए ICC और उसके संविधान की मदद मांग रहा है."
ये बयान दिखाता है कि ICC अमीनुल के दोहरे रवैये को लेकर नाराज है. पहले सरकार का साथ लेकर ICC को अनदेखा किया. अब सरकार के खिलाफ ICC की शरण में आए. अमीनुल का दावा है कि सरकार क्रिकेट बोर्ड में अनुचित हस्तक्षेप कर रही है, जो ICC के नियमों के खिलाफ है. अगर ICC इस मामले में हस्तक्षेप करता है तो बांग्लादेश बोर्ड पर सस्पेंशन का खतरा भी हो सकता है.
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