लियोनल मेसी को रेफरी ने ‘स्पेशल ट्रीटमेंट’ दिया? रेड कार्ड न दिए जाने की बहस लंबी होगी
FIFA World Cup 2026: पोलिश रेफरी सिमोन मार्सिनियाक ने सिर्फ फ्री किक दी और कोई कार्ड नहीं दिखाया. VAR ने भी Messi के टैकल को रिव्यू करने की जरूरत नहीं समझी.

‘ये लियोनल मेसी (Lionel Messi) की दुनिया है, और हम सभी इसमें जी रहे हैं’! FIFA World Cup 2026 में अर्जेंटीना के पहले मैच के बाद इंटरनेट पर कुछ ऐसी ही बातें हो रही हैं. लोग मेसी को Glitch in Matrix बता रहे हैं. क्योंकि वो खेले ही ऐसा. भाई 38 की उम्र में कौन वर्ल्ड कप में गोल्स की हैट्रिक मारता है. मेसी मारते हैं. लेकिन अल्जीरिया के खिलाफ मैच में मेसी के गोल्स के अलावा उनका एक टैकल भी चर्चा में हैं. जिसको लेकर कहा जा रहा है कि उन्हें रेड कार्ड दिया जाना चाहिए था. क्या रेफरी ने मेसी को स्पेशल ट्रीटमेंट दिया? इस बारे में बात करेंगे, उससे पहले मेसी के रिकॉर्ड की बात कर लेते हैं.
38 साल के मेसी ने मैच में हैट्रिक लगा अपने वर्ल्ड कप करियर के 16 गोल पूरे कर लिए. जो जर्मनी के मिरोस्लाव क्लोज़े के रिकॉर्ड के बराबर हैं. यानी, वो अब वर्ल्ड कप में गोल मारने वाले प्लेयर्स की लिस्ट में सबसे ऊपर आ गए हैं.
मैच की शुरुआत से ही मेसी हर जगह नजर आए. पहले हाफ के 4 मिनट में ही वो अपनी डिफेंसिव थर्ड में बॉल जीत रहे थे. फिर अल्जीरिया के डिफेंडर्स के पीछे भागते दिखे. उनकी एज बस एक नंबर लग रही थी. गेंद पर मेसी हमेशा की तरह कंट्रोल दिखा रहे थे. उन्होंने अल्जीरिया के गोलकीपर लुका जिदान की तरफ एक शॉट मारा, लेकिन उसे ऑफसाइड दे दिया गया.
पहला गोल मेसी की ही बनाई हुई मूवमेंट से आया. वो मिडफील्ड से खेल सेट कर रहे थे और फिर फिनिशिंग भी की. गोलकीपर से गलती हुई, लेकिन मेसी पूरे मैच के आर्किटेक्ट थे.
दूसरे हाफ में भी मेसी ने खूबसूरत पास दिए. लाउतारो मार्टिनेज के लिए मौका बनाया. 60वें मिनट में दूसरा गोल और फिर 76वें मिनट में तीसरा गोल किया. वो भी मेसी का ब्रांडेड शॉट, बॉटम कॉर्नर में.
अर्जेंटीना के कोच लियोनेल स्कालोनी टीम की इस परफॉर्मेंस से काफी खुश होंगे. डिफेंडिंग चैंपियंस के रूप में उनकी ये शानदार शुरुआत है. ब्राजील और स्पेन जैसी टीमें इस वर्ल्ड कप में अच्छा स्टार्ट नहीं कर पाई हैं.
लेकिन मैच का सबसे बड़ा डिस्कशन पॉइंट ये रहा कि, मेसी को रेड कार्ड क्यों नहीं मिला?
रेफरी का “स्पेशल ट्रीटमेंट”!मैच के दौरान 32वें मिनट के आसपास मेसी का एक टैकल चर्चा का टॉपिक बन गया. मेसी ने अल्जीरिया के कैप्टन ऐसा मांडी पर एक खतरनाक चैलेंज किया. मांडी गेंद पर कंट्रोल कर रहे थे, ज्यादा तेज नहीं जा रहे थे. तभी मेसी ने अपनी पोजिशन से उन्हें टैकल करने की कोशिश की. उनके स्टड्स मांडी की राइट काफ और अकिलीज़ टेंडन पर लगे.
इस टैकल से मांडी ज़मीन पर गिर गए और काफी दर्द में नजर आए. ये चैलेंज बहुत खतरनाक लग रहा था. स्टड्स ऊपर थे, गेंद से दूर, और बिना किसी रियल चांस के.

फुटबॉल के नियमों के हिसाब से ये कम से कम येलो कार्ड तो बनता ही था. बल्कि कई एक्सपर्ट्स के मुताबिक ये रेड कार्ड भी हो सकता था. क्योंकि ये रेकलेस और एंडेंजरिंग प्ले था.
पोलिश रेफरी सिमोन मार्सिनियाक ने सिर्फ फ्री किक दी और कोई कार्ड नहीं दिखाया. VAR ने भी इस इंसिडेंट को रिव्यू करने की जरूरत नहीं समझी.
कई पूर्व खिलाड़ी और कमेंटेटर्स ने इसे “100% रेड कार्ड” बताया. ESPN पर चर्चा में कहा गया कि मेसी के स्टड्स मांडी के घुटने से एड़ी तक स्क्रेप करते हुए गए. कहा गया कि ये खतरनाक टैकल था.
कुछ लोगों का कहना है कि मेसी को “स्पेशल ट्रीटमेंट” मिलता है. उनके करियर में पहले भी ऐसे आरोप लगे हैं. इस बार रेफरी की लीनिएंसी साफ दिखी. अगर कोई आम खिलाड़ी ऐसा करता तो शायद तुरंत रेड कार्ड मिल जाता.
मेसी के फैंस कहते हैं कि रेफरी ने पूरा एंगल नहीं देखा या VAR ने मिस कर दिया. लेकिन इस घटना के बावजूद मेसी मैच में डोमिनेट करते रहे और हैट्रिक पूरी की. पर ये सवाल अब पूरे टूर्नामेंट उठता रहेगा कि क्या स्टार प्लेयर्स को अलग नियम मिलते हैं?
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