फुटबॉल मैच के दौरान हुई ऐसी मारपीट, पुलिस बुलानी पड़ गई, 23 खिलाड़ियों को रेड कार्ड
प्लेयर्स के बीच तगड़ा झगड़ा चला. खिलाड़ी, सब्स्टीट्यूट, कोचिंग स्टाफ और सिक्योरिटी वाले भी इसमें शामिल हो गए. सबने एक-दूसरे पर मुक्के, लातें मारीं.

ब्राजील में एक फुटबॉल मैच के दौरान प्लेयर्स के बीच झड़प हो गई. मैच इतना हिंसक हो गया कि 23 खिलाड़ियों को रेड कार्ड (Brazilian soccer match ) दिखाया गया. ये मैच 9 मार्च 2026 को ब्राजील के कैम्पियोनाटो मिनेरो (मिनास गेराइस स्टेट चैंपियनशिप) के फाइनल में क्रूजेरो और एटलेटिको मिनेरो के बीच खेला गया.
CNN की रिपोर्ट के मुताबिक दोनों टीमें स्थानीय प्रतिद्वंद्वी हैं. क्रूजेरो ने ये मैच 1-0 से जीता, लेकिन मैच के आखिरी मिनटों में प्लेयर्स आपस में भिड़ गए. मैच के आखिरी सेकंड में जोरदार मारपीट हुई. इस झगड़े में इतना बवाल मचा की मिलिट्री पुलिस (सैनिक पुलिस) को मैदान में उतरना पड़ा.
रिपोर्ट के मुताबिक झगड़ा एक मिनट से ज्यादा चला. और मैदान के एक छोर से दूसरे छोर तक फैल गया. खिलाड़ी, सब्स्टीट्यूट, कोचिंग स्टाफ और सिक्योरिटी वाले भी इसमें शामिल हो गए. सबने एक-दूसरे पर मुक्के, लातें मारीं.
प्लेयर्स के बीच मारपीट उस वक्त शुरू हुई, जब क्रूजेरो के मिडफील्डर क्रिश्चियन ने एटलेटिको के गोलकीपर एवरसन को चैलेंज किया. जवाब में एवरसन ने विपक्षी टीम के प्लेयर को रग्बी स्टाइल में पुश कर दिया. उन्होंने उसे जमीन पर पटका और दोनों घुटनों से उसके सिर पर हिट कर दिया.
मैच खत्म होने के बाद रेफरी ने रिव्यू करके कुल 23 खिलाड़ियों को रेड कार्ड दिखाया. इसमें क्रूजेरो के 12 खिलाड़ी और एटलेटिको मिनेरो के 11 खिलाड़ी शामिल थे.
पूर्व ब्राजील फॉरवर्ड हल्क (जो एटलेटिको मिनेरो के लिए खेलते हैं) भी उनमें शामिल थे. उन्हें भी रेड कार्ड मिला. क्रूजेरो के लिए गोल करने वाले खिलाड़ी जॉर्ज को भी रेड कार्ड दिया गया.
ये घटना ब्राजील फुटबॉल में अब तक की सबसे बड़ी झड़प की घटनाओं में से एक मानी जा रही है. कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक 1954 के बाद ऐसा हुआ है कि किसी मैच में सबसे ज्यादा रेड कार्ड दिखाए गए हैं. इससे पहले एक मैच में 22 रेड कार्ड का रिकॉर्ड था.
मैच के बाद हल्क ने एक इंस्टाग्राम पोस्ट में लिखा,
"हमें अपनी गलतियों को मानना चाहिए और उनसे सीखना चाहिए. मैच में जो हुआ, वो फुटबॉल के असली मूल्यों को नहीं दिखाता. राइवलरी खेल का हिस्सा है, लेकिन सम्मान हमेशा किसी भी इमोशन से ऊपर होना चाहिए."
हल्क ने आगे लिखा,
“मैं स्टेडियम में मौजूद सभी लोगों से, टीवी पर मैच देखने वालों से, और खासकर उन बच्चों से माफी मांगता हूं जो फुटबॉल को देखकर इंस्पायर होते हैं.”
हल्क ने आखिर में ये भी कहा कि जो कुछ मैदान पर हुआ, वो ऐसा उदाहरण नहीं है जो हम बच्चों को देना चाहते हैं.
वीडियो: India vs New Zealand: संजू सैमसन के फाइनल में भी खेली शानदार पारी

.webp?width=60)

