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FIFA राउंड ऑफ 32 की टीमें कैसे सेलेक्ट करेगा? पूरी मैथ्स जान लीजिए

FIFA World Cup 2026: वर्ल्ड कप में ग्रुप स्टेज में कुल 12 ग्रुप हैं. हर ग्रुप में 4 टीमें हैं. सभी 3-3 मैच खेलेंगी. ग्रुप की टॉप 2 टीमें सीधे लास्ट 32 में पहुंच जाएंगी. इसके अलावा 8 बेस्ट थर्ड प्लेस्ड टीमें (तीसरे नंबर वाली) भी आगे बढ़ेंगी. लेकिन कैसे?

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24 जून 2026 (पब्लिश्ड: 01:48 PM IST)
2026 World Cup How teams can advance to the knockout rounds
TCS में किसी भी टीम का स्कोर जीरो के जितना करीब होगा, उतना फायदा होगा. (फोटो- Getty)
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FIFA World Cup 2026 में राउंड 2 के मैच चल रहे हैं. हर टीम पॉइंट्स टेबल में टॉप दो में बने रहने की कोशिश कर रही है. क्योंकि राउंड ऑफ 32 में क्वालीफाई करने का यही सबसे आसान तरीका है. पर 48 टीमों में से 32 टीम इस राउंड में खेलेंगी. 12 ग्रुप से टॉप 2 टीमें आने के बाद भी 8 टीम नंबर तीन पर रहने के बावजूद अगले राउंड में खेलेंगी. इसलिए इस बार की मैथ्स थोड़ी अलग है. अगले राउंड में क्वालीफाई करने का पूरा फॉर्मूला आराम से समझाते हैं.  

इस बार वर्ल्ड कप में ग्रुप स्टेज में कुल 12 ग्रुप हैं. हर ग्रुप में 4 टीमें हैं. जोड़ेंगे पर 48 होता है. हर टीम 3 मैच खेलेगी. और ग्रुप की टॉप 2 टीमें सीधे लास्ट 32 में पहुंच जाएंगी. इसके अलावा 8 बेस्ट थर्ड प्लेस्ड टीमें (तीसरे नंबर वाली) भी आगे बढ़ेंगी. इस तरह कुल 32 टीमें नॉकआउट में इस बार मूव करेंगी.

पॉइंट्स कैसे गिने जाते हैं?

मैच जीत पर = 3 पॉइंट्स
ड्रॉ होने पर = 1 पॉइंट
हारने पर = 0 पॉइंट

अगर दो या ज्यादा टीमें पॉइंट्स में बराबर हों तो टाईब्रेकर नियम लगता है. इसके लिए नया टाईब्रेकर नियम भी समझना जरूरी है.

यहां पहले गोल डिफरेंस सबसे पहले कंसीडर किया जाता था. लेकिन अब हेड-टू-हेड रिजल्ट पहले आता है. माने, अगर दो टीमें बराबर पॉइंट्स पर हैं और उन्होंने आपस में मैच खेला है तो जिसने उस मैच को जीता, वो ऊपर रहेगी. अगर तीन या चार टीमें बराबर हों तो उन टीमों के बीच मिनी लीग बनाई जाती है. सिर्फ उनके आपसी मैचों के पॉइंट्स, गोल डिफरेंस और गोल्स देखे जाते हैं. अगर फिर भी ये टीमें बराबर रहें तो, पूरे ग्रुप का गोल डिफरेंस, पूरे ग्रुप में टोटल गोल्स, और फिर टीम कंडक्ट स्कोर (TCS), यानी फेयर प्ले या डिसिप्लिनरी रिकॉर्ड देखा जाएगा.

अभी भी ये फॉर्मूला यहां खत्म नहीं हुआ है. TCS कैसे काम करता है, ये भी जानना जरूरी है?

येलो कार्ड = -1 पॉइंट
दो येलो से रेड = -3
सीधा रेड कार्ड = -4
येलो + सीधा रेड = -5

TCS में किसी भी टीम का स्कोर जीरो के जितना करीब होगा, उतना फायदा होगा. मसलन, दक्षिण अफ्रीका की टीम को ले लीजिए. उनका TCS अभी -12 है, जो बहुत खराब है. कई टीमें अभी जीरो पर हैं.

अब किसी तरह अगर टीमें इसके बाद भी बराबरी पर रहती हैं, तो जून 2026 की FIFA रैंकिंग देखी जाती है.

अब आते हैं सबसे बड़े सवाल पर. 24 टीमें तो चुन ली गईं. हर ग्रुप से टॉप 2. लेकिन बाकी 8 टीमें 12 में से कैसे आगे जाएंगे?

थर्ड प्लेस्ड टीमें कैसे सेलेक्ट होंगी?

12 ग्रुप्स में से 12 थर्ड प्लेस्ड टीमें सबसे पहले चुनी जाएंगी. इनमें से सिर्फ 8 बेस्ट आगे बढ़ेंगी. इन 8 टीमों की रैंकिंग भी ऊपर बताए गए नियमों से ही होगी. माने,

1. पॉइंट्स
2. गोल डिफरेंस
3. गोल स्कोर्ड
4. TCS
5. FIFA रैंकिंग

यहां ध्यान देने वाली ये है कि ये स्थिति अभी की है. 29 जून तक ग्रुप स्टेज के सारे मैच होंगे. एक भी मैच, एक गोल या एक कार्ड पूरी तस्वीर बदल सकता है. तो मैदान का रोमांच पॉइंट्स टेबल पर उससे भी ज्यादा इंटरेस्टिंग है. आने वाले दिनों में इसकी तस्वीर और साफ होगी.

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