ससुरालियों पर आरोप, दहेज के लिए बहू की हत्या की, फिर रात के अंधेरे में ही शव को जला दिया
बिहार का मामला, पुलिस ने पति और सास को गिरफ्तार कर लिया है
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देश में सख्त कानूनों के बावजूद दहेज जैसी कुरीति पूरी तरह खत्म नहीं हो पाई है. (सांकेतिक फोटो - इंडिया टुडे.)
दहेज उत्पीड़न को लेकर कितने भी कड़े कानून बन गए हों लेकिन हमारी सामाजिक कुरीतियों से ये अभी तक खत्म नहीं हो पाया है. बिहार में पूर्वी चम्पारण के कुशहर गांव में ऐसा ही एक मामला सामने आया है. यहां पति पर पत्नी की पीट-पीटकर हत्या का आरोप लगा है. यहीं नहीं, रात में ही शव को भी जला दिया गया. पुलिस ने मुख्य आरोपी समेत दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया है. दो अब भी फरार हैं. क्या है पूरा मामला, बताते हैं इस रिपोर्ट में.
पुलिस ने जब छानबीन की तो मुकेश के घर के दरवाज़े के पास सुप्रिया की अस्थियां मिलीं.
तमाम मान-मनउअल के बावजूद सुप्रिया के घरवालों ने पुलिस को फ़ोन कर दिया. ससुरालवालों पर दहेज़ के चक्कर में हत्या का आरोप दर्ज लगाया. पुलिस को छानबीन से पता चलता है कि सुबह-सुबह ही सुप्रिया की लाश को घर के दरवाज़े के सामने गड्ढा खोदकर जला दिया गया है. सुप्रिया के घरवालों का कहना था कि 9 दिसंबर की रात को घर में सुप्रिया के अलावा चार लोग मौजूद थे. इनमें पति मुकेश रंजन पांडेय, ससुर सुरेंद्र पांडेय, सास इन्द्रासन देवी और जेठानी रिंकी पांडेय मौजूद थीं. पुलिस ने मुख्य आरोपी मुकेश और सास इन्द्रासन देवी को गिरफ्तार कर लिया है. ससुर और जेठानी रिंकी फरार हैं. कहा जा रहा है कि रिंकी अपने साथ सुप्रिया के दोनों बच्चों को भी ले गयी है. बता दें कि मृतक सुप्रिया के दो बेटे थे जिनमें से एक 5 साल का तो दूसरा लगभग 3 साल का था. सुप्रिया के दो बेटे हैं, एक 5 साल का और दूसरा लगभग 3 साल का.
मुख्य आरोपी मुकेश रंजन पांडेय और सुप्रिया की शादी 7 साल पहले हुई थी.
क्या है पूरा मामला?
10 दिसंबर को सुबह 6 बजे बिनोद दुबे के घर एक फ़ोन आता है. फ़ोन पर उनकी बेटी कुमारी सुप्रिया उर्फ़ नेहा के पति कहते हैं - बस. फ़ोन कट. इसके बाद बिनोद दुबे के घर में कोहराम मच जाता है. सुप्रिया के ससुरालवालों को लगातार फ़ोन पर फ़ोन किये जाने लगते हैं, लेकिन कोई फ़ोन नहीं उठाता. थोड़ी देर बाद लड़की का छोटा भाई सुप्रिया के ससुराल पहुंचता है, तो देखता है कि वहां सुप्रिया के ससुर सुरेंद्र पांडेय, उनके दो भाई और ग्राम प्रधान बैठे हैं. आरोप है कि ससुरालवालों से पूछने पर भी कोई जवाब नहीं दिया जाता. बस इतना पता चलता है कि उसकी बहन सुप्रिया की रात में मौत हो गयी थी. उसका अंतिम संस्कार भी कर दिया गया है. ये भी आरोप है कि लड़की के भाई को तरह-तरह से इमोशनली ब्लैकमेल करने की कोशिश की जाती है. कहा जाता है कि तुम्हारी बहन तो ख़तम हो गयी. मेरे बेटे के भविष्य का सोचो.पुलिस ने जब छानबीन की तो मुकेश के घर के दरवाज़े के पास सुप्रिया की अस्थियां मिलीं.
तमाम मान-मनउअल के बावजूद सुप्रिया के घरवालों ने पुलिस को फ़ोन कर दिया. ससुरालवालों पर दहेज़ के चक्कर में हत्या का आरोप दर्ज लगाया. पुलिस को छानबीन से पता चलता है कि सुबह-सुबह ही सुप्रिया की लाश को घर के दरवाज़े के सामने गड्ढा खोदकर जला दिया गया है. सुप्रिया के घरवालों का कहना था कि 9 दिसंबर की रात को घर में सुप्रिया के अलावा चार लोग मौजूद थे. इनमें पति मुकेश रंजन पांडेय, ससुर सुरेंद्र पांडेय, सास इन्द्रासन देवी और जेठानी रिंकी पांडेय मौजूद थीं. पुलिस ने मुख्य आरोपी मुकेश और सास इन्द्रासन देवी को गिरफ्तार कर लिया है. ससुर और जेठानी रिंकी फरार हैं. कहा जा रहा है कि रिंकी अपने साथ सुप्रिया के दोनों बच्चों को भी ले गयी है. बता दें कि मृतक सुप्रिया के दो बेटे थे जिनमें से एक 5 साल का तो दूसरा लगभग 3 साल का था. सुप्रिया के दो बेटे हैं, एक 5 साल का और दूसरा लगभग 3 साल का.

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