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रोज़ एक ही टाइम पर सिर में दर्द? जानें ये कितना खतरनाक हो सकता है

कुछ लोगों को हमेशा एक ही समय पर सिरदर्द होता है. ये दर्द अक्सर रात या एकदम सुबह-सुबह होता है. अगर आप पेनकिलर खाकर इस सिरदर्द को नज़रअंदाज़ कर रहे हैं. तो, अब से ऐसा बिल्कुल न करें. यह किसी गंभीर बीमारी का लक्षण हो सकता है.

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why do you get a headache at the same time everyday symptoms and treatment
सिरदर्द एक बहुत ही आम दिक्कत है
1 जुलाई 2024
Updated: 1 जुलाई 2024 16:06 IST
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क्या आपको भी रोज़ एक ही टाइम पर सिरदर्द होता है? जैसे सुबह-सुबह उठते ही. या शाम को ऑफिस का काम निपटाने के बाद. या फिर रात में सोने से पहले? अगर हां, तो आप अकेले नहीं हैं. बहुत लोग इस तरह के सिरदर्द से परेशान है. इसमें दवाई खाने पर भी आराम नहीं मिलता. दर्द बढ़ता जाता है. फिर वो ‘खास समय’ बीतने के बाद दर्द अपने आप ठीक हो जाता है. अगर आप भी पेन किलर खाकर इस तरह के दर्द को नज़रअंदाज़ कर रहे हैं, तो ऐसा न करें क्योंकि इसके पीछे कुछ खास वजहें हो सकती हैं जिन पर ध्यान देना ज़रूरी है.

कुल मिलाकर इस सिरदर्द को समझना ज़रूरी है. इसलिए, आज डॉक्टर से जानेंगे कि आखिर हर दिन एक ही समय पर सिर में दर्द क्यों होता है? किन लक्षणों को देखकर डॉक्टर को दिखाना ज़रूरी है? क्या ये सिरदर्द किसी गंभीर बीमारी का लक्षण हो सकता है? और, इससे अपना बचाव और इलाज कैसे किया जाए?

हर दिन एक ही समय पर सिर में दर्द क्यों होता है?

ये हमें बताया डॉक्टर प्रवीण गुप्ता ने.

डॉ. प्रवीण गुप्ता, प्रिंसिपल डायरेक्टर एंड हेड, न्यूरोलॉजी, फोर्टिस, गुरुग्राम

हमारे शरीर का एक सर्केडियन रिदम (बॉडी क्लॉक) होता है जो सूरज की रोशनी से जुड़ा होता है. इस रिदम के हिसाब से हमारे दिमाग में मौजूद केमिकल्स और हार्मोन्स काम करते हैं. अगर दिन के किसी एक ख़ास वक्त ये हमारी नसों को ट्रिगर करते हैं तो इससे शरीर में अंदरूनी सूजन आ सकती है. फिर सिरदर्द हो सकता है. क्लस्टर हेडेड एक तरह का सिरदर्द है जो शरीर की सर्केडियन रिदम के हिसाब से होता है. यानी अगर एक बजे होना है तो सिरदर्द रोज़ एक बजे ही होगा. जब हम सोते हैं तब हमारे ब्रेन को सपोर्ट करने वाला फ्लूड जिसे CSF कहते हैं, उसका प्रेशर बढ़ जाता है. ये प्रेशर सुबह-सुबह सबसे ज़्यादा होता है इसलिए लोगों को सबसे ज़्यादा सिरदर्द रात में सोते हुए होता है या सुबह-सुबह उठने पर. सिरदर्द हमारे खाने के समय से भी जुड़ा हो सकता है. कुछ लोगों को दोपहर में खाना न खाने की वजह से सिरदर्द हो सकता है.

किन लक्षणों को देखकर डॉक्टर को दिखाना ज़रूरी है?

- अगर दर्द लगातार सिर के एक ही हिस्से में बना हुआ है.

- दवाई खाने से भी सिरदर्द ठीक नहीं हो रहा है.

- पहले जो दर्द होता था, उसका पैटर्न बदल गया है.

- सिरदर्द के साथ दूसरे लक्षण भी दिख रहे हैं.

- जैसे दौरे पड़ना.

- आंखों की रोशनी कम होना.

- डबल दिखना.

- चलते समय लड़खड़ाना.

- याददाश्त या व्यवहार में बदलाव.

- बोलने में दिक्कत होना.

- तो ये लक्षण बताते हैं कि दर्द गंभीर हो सकता है और ब्रेन में समस्या हो सकती है.

- साथ ही बुखार आना.

- वज़न कम होना.

- कैंसर या कोई और बीमारी हो तो भी सिरदर्द गंभीर हो सकता है.

- अगर दर्द नया हो, बहुत तेज़ हो या कुछ महीनों से ठीक न हो रहा हो.

- तो भी डॉक्टर को दिखाना ज़रूरी है क्योंकि ये सीरियस हो सकता है.

लगातार एक ही समय पर होने वाला सिरदर्द ब्रेन ट्यूमर का लक्षण हो सकता है (सांकेतिक तस्वीर)
क्या ये किसी गंभीर बीमारी का लक्षण भी हो सकता है?

अगर ये सारे लक्षण मौजूद हैं तो सिरदर्द ब्रेन में ट्यूमर का सूचक हो सकता है. ब्रेन में छोटे-बड़े आकार के कई तरह के ट्यूमर हो सकते हैं. ब्रेन की नसों में ब्लॉकेज हो सकता है, इसे थ्रोम्बोसिस (Thrombosis ) कहा जाता है. ब्रेन में हेमरेज (Brain hemorrhage) भी हो सकता है. इससे अचानक तेज़ सिरदर्द हो सकता है

ब्रेन के फ्लूड का प्रेशर बढ़ा हुआ हो सकता है. इसे Raised Intracranial Pressure कहते हैं जिससे रात में सिरदर्द हो सकता है. ब्रेन के अंदर ब्लॉकेज, नसों में सूजन हो सकती है. ब्रेन में इंफेक्शन हो सकता है जिसे मेनिनजाइटिस (Meningitis ) या इन्सेफेलाइटिस कहा जाता है जो गंभीर तेज़ दर्द दे सकता है.

बचाव और इलाज

- समय पर सोएं.

- समय पर जागें.

- बहुत ज़्यादा या बहुत कम न सोएं.

- समय पर खाना खाएं.

- अगर किसी खास खाने से दिक्कत होती है,

- जैसे चाइनीज़, चीज़ या चॉकलेट तो उससे बचें.

- तले हुए खाने से बहुत लोगों का सिरदर्द बढ़ सकता है, इससे परहेज़ करें.

- तनाव न लें.

- कोई हॉबी अपनाएं. मन को अच्छी लगने वाली एक्टिविटी करें.

- मेडिटेशन, योग या एक्सरसाइज़ करें.

ये आपको एक हेल्दी लाइफस्टाइल की तरफ ले जाएगा और सिरदर्द से बचाएगा. अगर आपका सिरदर्द ठीक नहीं हो रहा है. घरेलू तरीकों और बचाव से भी कोई फायदा नहीं पहुंच रहा है तो केवल पेनकिलर के भरोसे न रहें. तुरंत डॉक्टर से मिलें. यह किसी गंभीर बीमारी का लक्षण हो सकता है. साथ ही, अपनी लाइफस्टाइल को भी हेल्दी रखें.

(यहां बताई गई बातें, इलाज के तरीके और खुराक की जो सलाह दी जाती है, वो विशेषज्ञों के अनुभव पर आधारित है. किसी भी सलाह को अमल में लाने से पहले अपने डॉक्टर से जरूर पूछें. दी लल्लनटॉप आपको अपने आप दवाइयां लेने की सलाह नहीं देता.)

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