सर्दी के मौसम में आलस और ठण्ड के मारे कई बार हम गरम कपड़े या स्वेटर पहन कर ही सोजाते हैं. और फिर मम्मी से पड़ती है ज़ोरदार डांट. मैंने तो बहुत डांट खाई है गरमकपड़े पहन कर सोने के लिए. सर्दियों में गरम कपड़े पहन कर सोने का आईडिया सुनने मेंचाहे कितना ही अच्छा क्यों न लगे but it actually is not a good idea. इसका आपकेस्वास्थ्य पर खराब असर पड़ता है. आज हम आपको बताएंगे गरम कपड़े पहन कर सोने से होनेवाले नुकसान के बारे में:एग्ज़िमा या स्किन ड्राईनेस का खतरा रात को गर्म कपड़े पहनकर सोने से स्किन का मॉइश्चर कम हो सकता है और वो ड्राई होसकती है. स्किन के ज़्यादा ड्राई होने से एग्ज़िमा का खतरा बढ़ जाता है और लोगों कोखुजली की परेशानी हो सकती है. इतना ही नहीं स्किन के ज़्यादा ड्राई होने पर स्किनसे जुड़ी कई दूसरी परेशानियां भी आपको हो सकती हैं.हो सकते हैं पिंपल्स अगर आपको लगता है कि सर्दियों में आपको पसीना नहीं आता है तो ये आपकी गलतफहमी है.सर्दियों में भी पसीना आता है. स्वेटर या ऊनी कपड़ों की एब्जॉर्बिंग पावर बहुतअच्छी नहीं होती है जिस वजह से ये पसीना आपके शरीर पर ही रहता है और ऐसे में अगरआपने स्वेटर पहना हुआ है तो पसीना और स्वेटर के कारण हुई गर्मी और फ्रिक्शन की वजहसे स्किन के पोर्स ब्लॉक हो जाते हैं. जो बाद में पिम्पल बन जाते हैं जिन्हेंस्वेट पिम्पल कहा जाता है और ये जल्दी ठीक भी नहीं होते हैं गर्म कपड़े पहन कर सोने से शरीर में बढ़ सकती है खुजली की समस्या- Freepikखुजली की परेशानी सर्दियों में गर्म कपड़े पहनकर सोने से खुजली की समस्या भी बढ़ सकती है. ऐसा इसलिएक्योंकि अगर आपकी त्वचा रूखी है तो ऊन के रोएं उससे चिपक जाएंगे और परेशान करेंगे.इससे रैशेज़ या दाने हो जाते हैं. इससे बचने के लिए स्वेटर पहनने से पहले अपने पूरेशरीर पर बॉडी लोशन लगा लें. जिससे त्वचा की नमी बनी रहेगी. पैरों में छाले अक्सर लोग शिकायत करते हैं कि सर्दियों में उनके पैर एकदम ठंडे हो जाते हैं. ऐसेमें कई लोग रात को अपने पैर गर्म रखने के लिए गर्म कपड़ों के साथ-साथ मौजे भी पहनकरसो जाते हैं. लेकिन ऊन में मौजूद थर्मल इन्सुलेशन पसीने को अच्छी तरह से सोख नहींपाता. जिससे पैरों में बैक्टीरिया पैदा होकर छाले भी हो सकते हैं.गर्म कपड़े पहन कर सोने से हो सकती है बेचैनी और घबराहट- Freepik बेचैनी और घबराहट रात में गर्म कपड़े पहनकर सोने से शरीर में गर्माहट बढ़ती है जिससे बेचैनी औरघबराहट की शिकायत होने लगती है. इसके अलावा व्यक्ति को लो ब्लड प्रेशर की भी समस्याहो सकती है. अगर आपके लिए रात को सोते समय गर्म कपड़े पहनना जरूरी ही है तोथर्मोकॉट पहने जा सकते हैं. बॉडी की टेंपरेचर रेगुलेट करने की क्षमता पर डालता है असर आपका शरीर नैचुरली बॉडी टेंपरेचर को रेगुलेट करता है जो स्वेटर पहनने के बाद पॉसिबलनहीं हो पाता है. स्वेटर पहनने के बाद आपके शरीर का एक्सटर्नल टेम्परेचर तो कम होजाता है लेकिन इंटरनल टेम्परेचर रेगुलेट नहीं हो पाता है.एक्सपर्ट्स का मानना है कि रात को सोते समय बॉडी का टेम्परेचर कम होना चाहिए इससेबॉडी की हीलिंग प्रोसेस और रिकवरी बेटर तरीके से होती है . इतना ही नहीं रात कोशरीर का तापमान कम होने से नींद भी अच्छी आती है और मेटाबॉलिज़्म भी अच्छा होता है.लेकिन अगर आप स्वेटर पहन कर सोते हैं तो शरीर का टेम्परेचर रातभर ज़्यादा ही बनारहता है. तो सोते समय लगे तो क्या करें? # ऊनी कपड़ों की बजाए थर्मल पहनकर सोएं.# आप कॉटन सॉक्स पहन कर रखें लेकिन सोने से पहले उन्हें उतार दें.# जिन लोगों के शरीर में आयरन की कमी होती हैं उन्हें ज्यादा ठंड लगती है. अपनीडाइट में आयरन रिच फ़ूड को शामिल करें.