तेलंगाना की वो महिला नेता, जिस पर राजद्रोह का आरोप लगा था, अब वीडियो वायरल है
जानिए कौन हैं कल्वकुंतला कविता.
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तेलंगाना के सीएम KCR की बेटी कविता तेलंगाना ही नहीं, दक्षिण की पहली ऐसी महिला नेता हैं, जिसके ट्विटर पर 10 लाख से ज्यादा फॉलोअर हैं. (तस्वीर: फेसबुक/Kalvakuntla Kavitha Official)
कल्वकुंतला कविता. तेलंगाना राष्ट्र समिति (TRS) की नेता हैं. इसी साल अक्टूबर में MLC बनी हैं. इनका एक वीडियो वायरल हो रहा है. पहले आप वो वीडियो देख लीजिए:
अब वीडियो के पीछे की कहानीTRS Leader @RaoKavitha
— Prerna Pratham Singh (@reallypps) December 23, 2020
निज़ामाबाद आई थीं, जहां रास्ते में एक घायल महिला को देख उसकी मदद के लिए उतरीं, और बाद में महिला को अस्पताल भिजवाया गया. pic.twitter.com/y3Is9hR0FH
वीडियो निजामाबाद का है. यहां पर कल्वकुंतला कविता आधिकारिक दौरे पर आई हुई थीं. निजामाबाद के कांतेश्वर इलाके में कविता को एक बेहोश महिला दिखीं. ANI की रिपोर्ट के मुताबिक़, वो महिला एक रोड एक्सीडेंट में घायल हो गई थीं, और सड़क किनारे लेटी हुई थीं. कविता ने ये देखकर अपना काफिला रुकवाया. महिला की मदद करने के लिए उतर गईं. महिला को होश में लाने की कोशिश की गई. उसके बाद उन्हें अस्पताल भेज दिया गया. कविता के इस काम की स्थानीय लोगों ने तारीफ की.
महिला की मदद करतीं कविता. (तस्वीर : वीडियो स्क्रीनशॉट)कौन हैं कल्वकुंतला कविता?
कविता TRS की पहली महिला नेता तो हैं ही, तेलंगाना की मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव (KCR) की बेटी भी हैं. हैदराबाद के इंजीनियरिंग इंस्टिट्यूट से बीटेक करने के बाद मास्टर्स की पढ़ाई करने अमेरिका चली गई थीं. वहीं नौकरी भी की कुछ समय तक, बतौर सॉफ्टवेयर इंजीनियर. 2004 में भारत वापस आईं. शादी की. काफी समय तक तेलंगाना जागृति नाम का NGO चलाती रहीं. फिर 2014 में एक्टिव पॉलिटिक्स में आईं. निजामाबाद सीट से लोकसभा चुनाव लड़ा, और जीतकर सांसद बन गईं. 2019 के लोकसभा इलेक्शन में दोबारा वहीं से खड़ी हुईं, लेकिन BJP कैंडिडेट धर्मपुरी अरविन्द ने उन्हें लगभग 69 हजार वोटों से हरा दिया. इसके बाद कविता ने इसी साल अक्टूबर में राज्य में विधान परिषद का उपचुनाव लड़ा और जीतकर MLC बनीं. अपने NGO के ज़रिए कई स्कूलों को 500 कम्प्यूटर भी दान कर चुकी हैं, ताकि बच्चों की बेहतर पढ़ाई हो सके.
हाल में चल रहे किसान प्रोटेस्ट में किसानों के समर्थन में धरने पर बैठीं कविता. (तस्वीर: फेसबुक/Kalvakuntla Kavitha Official)कविता सोशल मीडिया पर भी पॉपुलर हैं. जब भारत में नया-नया सोशल मीडिया आया था, तब से कविता लगातार कुछ न कुछ करके नज़रों में आती रही हैं.
इसी साल सितंबर में कविता पहली ऐसी दक्षिण भारतीय महिला नेता बनी थीं, जिनके ट्विटर पर दस लाख फॉलोअर्स हैं. ये उन्होंने तब किया, जब वो फिल्मी बैकग्राउंड से भी नहीं हैं.
साल 2008 में जब अलग तेलंगाना राज्य की मांग उठी थी, तब अपने पिता KCR का साथ देते हुए कविता ने सोशल मीडिया पर इसे लेकर जोरदार अभियान चलाया था.
कविता के कई हैशटैग ट्विटर पर भी लोकप्रिय रहे, जैसे #sistersofchange और #gift a helmet.
लॉकडाउन के दौरान फंसे लोगों को घरों तक पहुंचाने के लिए भी कविता ने काफी प्रयास किए. कोरोना से जूझ रहे फ्रंटलाइन वर्कर्स के लिए उन्होंने #thankyouwarriors कैम्पेन चलाया, जो पूरे देश में पॉपुलर हुआ.
कविता पर विरोधी पार्टियों ने चुनाव में धांधली के आरोप भी लगाए थे. (तस्वीर: फेसबुक/Kalvakuntla Kavitha Official)नेता हो और विवादों न हो, ऐसा कम ही होता है. कविता के साथ भी विवादों का सिलसिला लगा रहा है:
इसी साल MLC उपचुनावों के दौरान कांग्रेस पार्टी ने कविता की चुनाव आयोग से शिकायत कर दी थी. स्टेट कांग्रेस प्रेसिडेंट एन. उत्तम कुमार रेड्डी ने उन पर आचार संहिता का उल्लंघन करने और नियम तोड़कर रैलियों में लोगों को जुटाने के आरोप लगाए थे. कविता को डिसक्वालीफाई करने की मांग भी की थी.
इससे पहले, 2014 में कविता के खिलाफ BJP की ओर से कम्प्लेंट दर्ज कराई थी, कविता के एक बयान को लेकर. कविता ने एक इंटरव्यू में कथित रूप से कहा था कि कश्मीर और तेलंगाना पहले भारत का हिस्सा नहीं थे. इस मामले में पुलिस ने राजद्रोह और भड़काऊ बयान देने की धाराओं में केस दर्ज किया था.
कविता ट्विटर पर भी बेहद सक्रिय हैं. (तस्वीर: फेसबुक/Kalvakuntla Kavitha Official)इस वक़्त कविता एक वायरल वीडियो की वजह से खबरों में हैं. लेकिन उनके लिए ये एक बड़ा सवाल हमेशा से रहा है कि क्या वो अपने पिता की विरासत आगे बढ़ा पाएंगी. 'द वीक' को दिए एक इंटरव्यू में कविता ने कहा था,
ये एक कसी हुई रस्सी पर चलने जैसा है. अगर मैं कोई गलती करती हूं तो एक बुरा उदाहरण पेश करूंगी. अगर मैं अपने पिता की विरासत में कुछ जोड़ नहीं सकती, तो मैं निश्चित रूप से उसे डैमेज नहीं करना चाहूंगी.TRS की पहली महिला नेता होने के नाते कविता आगे क्या करती हैं, इस पर नज़र सबकी बनी रहेगी.

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