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हैदराबाद गैंगरेप केस: नाबालिग आरोपियों को अडल्ट की तरह पेश करेगी पुलिस

अगर आरोपी माइनर हो, तो जुवेनाइल जस्टिस ऐक्ट के तहत उसे तीन साल से ज़्यादा जेल की सज़ा नहीं दी जा सकती.

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9 जून 2022 (अपडेटेड: 9 जून 2022, 01:37 PM IST)
hyderabad gangrape case
CCTV फुटेज का स्क्रीनशॉट, जिसमें आरोपी को पब के बाहर दिखाया गया है (फोटो - इंडिया टुडे)
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Hyderabad Minor Gangrape Case में हैदराबाद पुलिस ने सभी छह आरोपियों को गिरफ़्तार कर लिया है. छह में से चार आरोपी नाबालिग हैं. हैदराबाद के पुलिस कमिशनर सीवी आनंद ने बताया कि पुलिस नाबालिगों को कोर्ट में अडल्ट की तरह पेश करने की अपील करेगी. इस पर जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड फैसला करेगा कि आरोपियों को माइनर की तरह ट्रीट करना है या अडल्ट की तरह.

कानून क्या कहता है?

अगर किसी आरोपी को माइनर माना जाता है तो उसके खिलाफ सुनवाई जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड करता है. और उसे तीन साल से ज्यादा की जेल की सज़ा नहीं दी जा सकती है.

हालांकि, जूविनाइल जस्टिस ऐक्ट, 2015 के संशोधन के बाद क़ानून में ये बात और जुड़ गई है कि अगर आरोपी 16 से 18 साल के बीच का है और उसने कोई गंभीर अपराध किया है, तो उसके खिलाफ अडल्ट की तरह सुनवाई की जा सकती है. 

इस केस में अगर जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड आरोपियों को अडल्ट की तरह ट्रीट करने की इजाज़त देता है तो उन्हें सामान्य कोर्ट में पेश किया जाएगा. और उनके खिलाफ कार्रवाई भी सामान्य अपराधियों की तरह होगी.

हैदराबाद पुलिस कमिशनर सीवी आनंद ने कहा कि पुलिस अधिकतम सजा सुनिश्चित करने के लिए अदालत में मांग करेगी.

Hyderabad Gangrape Case के आरोपी -

मामले में कुल छह आरोपी हैं, जिसमें दो वयस्क हैं - ओमर ख़ान और सउद्दीन मलिक. आजतक से जुड़े आशीष पांडे की रिपोर्ट के मुताबिक़, ओमर राजनीतिक संबंधों वाले एक संपन्न परिवार से है. दूसरा वयस्क आरोपी सउद्दीन मलिक है, जो एक स्थानीय TRS नेता का बेटा है.

इसके अलावा बाक़ी चार आरोपी नाबालिग हैं, जिनकी उम्र 16 से 18 साल के बीच है. उनमें से एक आरोपी AIMIM विधायक का बेटा है जो 7 जुलाई को 18 साल का हो जाएगा. वहीं, तीन नाबालिग आरोपियों के कनेक्शन कथित तौर पर  ताक़तवर राजनेताओं से है.

केस क्या है?

28 मई को हैदराबाद के जुबली हिल्स इलाक़े में एक पार्टी हुई थी. इसी पार्टी में एक लड़की अपने एक दोस्त के साथ आई थी. इस पार्टी में लड़की को छह लड़के मिले, जिन्होंने उसे घर ड्रॉप करने का ऑफ़र दिया. इसके बाद पीड़िता अपने दोस्त को छोड़कर उन लड़कों के साथ चली गई. लड़के दो कार में थे, एक इनोवा और एक मर्सिडीज़. घटना में जिस इनोवा का इस्तेमाल हुआ, वो सरकारी वाहन के तौर पर दर्ज है, जो वक्फ़ बोर्ड के एक टॉप पदाधिकारी के नाम पर रजिस्टर्ड है. वहीं, मर्सिडीज़ तेलंगाना के एक विधायक की है. साथ ही मर्सिडीज़ और इनोवा दोनों को कथित तौर पर नाबालिग आरोपी चला रहे थे.

पीड़िता ने शुरुआत में आरोप लगाया कि कार में उन लड़कों ने उसके साथ मारपीट की और उसके साथ बदतमीज़ी की. मामला पुलिस के पास पहुंचा. 1 जून को पीड़िता के पिता ने जुबली हिल्स थाने में इस मामले की FIR दर्ज कराई. शुरुआत में पुलिस ने यौन शोषण और POCSO ऐक्ट की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया था, लेकिन जब विक्टिम की काउंसिलिंग की गई, तो गैंगरेप की बात सामने आई. फिर पुलिस ने IPC की धारा 376D के तहत गैंगरेप का मामला भी दर्ज किया.

वीडियो: लेयर शॉट ऐड और हैदराबाद गैंगरेप केस में बहुत सी चीज़ें कॉमन हैं!

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