(यहां बताई गई बातें, इलाज के तरीके और खुराक की जो सलाह दी जाती है, वो विशेषज्ञोंके अनुभव पर आधारित है. किसी भी सलाह को अमल में लाने से पहले अपने डॉक्टर से ज़रूरपूछें. दी लल्लनटॉप आपको अपने आप दवाइयां लेने की सलाह नहीं देता.)आरती और बीना ने हमें सेहत पर एक ऐसी प्रॉब्लम के साथ मेल किया है, जो आपकी, मेरीहम सबकी भी प्रॉब्लम है. आरती कहती हैं कि ठंड का मौसम आते ही उनकी सालभर की मेहनतपर पानी फिर जाता है. जितना वज़न उन्होंने सालभर में घटाया होता है, सर्दियों मेंउसे वो वापस गेन कर लेती हैं. बीना का भी यही कहना है. वो जानना चाहती हैं किसर्दियों में वेट गेन ज़्यादा क्यों होता है और इतनी जल्दी कैसे हो जाता है. साथ हीये दोनों जानना चाहती हैं कि सर्दियों में वज़न को बढ़ने से कैसे रोका जाए.बात तो सही है. सर्दियों में एक तो रजाई से निकलने का मन नहीं करता. एक्सरसाइज करनातो दूर की बात है. ऊपर से मन करता है कि गरमा-गरम पराठे, कचौड़ी, जंक फ़ूड, मीठा खानेको मिलता रहे. फिर हम खुद से पूछते हैं कि हमारा वज़न क्यों बढ़ गया है. तो परेशानहोने की ज़रुरत नहीं हैं. एक्सपर्ट से जानते हैं कि इस मौसम में आपका मेटाबॉलिज्मकिस तरह से काम करता है. सर्दियों में इतनी आसानी से वज़न क्यों बढ़ जाता है? ये हमेंबताया क्लिनिकल न्यूट्रिशनिस्ट निधि सहाय ने.निधि सहाय, क्लिनिकल न्यूट्रिशनिस्ट, मैक्स हॉस्पिटल, ग़ाज़ियाबाद-सर्दियों में रातें लंबी होती हैं-दिन की रोशनी का टाइम कम होता है-शरीर को गर्म रखने के लिए हम ज़्यादा समय रजाई में रहते हैं-सुबह एक्सरसाइज का रूटीन जो गर्मियों में बनाया होता है, वो खत्म हो जाता है-जिसके कारण शरीर दिनभर सुस्त रहता है-एक्सरसाइज की कमी के कारण वज़न बढ़ने लगता है-उसके साथ मेटाबॉलिज्म एक बड़ी वजह होती है-सर्दियों में शरीर का मेटाबॉलिज्म फ़ास्ट हो जाता है, जिसके कारण हम खाना भी ज़्यादाखाते हैं-शरीर को गर्म रखने वाली चीज़ें खाने में ज़्यादा पसंद आती हैं-चाय और कॉफ़ी का सेवन बढ़ जाता है-शराब का सेवन बढ़ जाता है-क्योंकि ये सब चीज़ें शरीर को गर्म रखती हैंसर्दियों में शरीर का मेटाबॉलिज्म फ़ास्ट हो जाता है, जिसके कारण हम खाना भी ज़्यादाखाते हैंएकदम से हुए इस वेट गेन से किस तरह के हेल्थ रिस्क हो सकते हैं? -एकदम से बढ़े हुएवज़न के कारण हेल्थ रिस्क हो सकते हैं-जैसे फैटी लिवर यानी जो चर्बी शरीर में बढ़ेगी, वही चर्बी लिवर पर भी जमा होगी-जिससे लिवर पर असर पड़ता है, लिवर की बीमारियां हो सकती हैं-कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है जिससे बाद में दिल की बीमारियां हो सकती हैं-खाने में क्योंकि तेल, चिकनाई ज़्यादा होती है, इससे ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है-डायबिटीज हो सकता है-ज़्यादा वज़न बढ़ने से डायबिटीज का रिस्क बढ़ सकता है सर्दियों में होने वाले वेट गेनको कैसे मैनेज करें -खाने में ड्राई फ्रूट्स और नट्स ले सकते हैं-जैसे- बादाम, अखरोट, खुबानी और अंजीर शरीर को गर्म रखते हैं-खजूर भी एक ऑप्शन है-इन नट्स में प्रोटीन भी बहुत होता है और फाइबर भीएकदम से बढ़े हुए वज़न के कारण हेल्थ रिस्क हो सकते हैं-गुड़ भी खा सकते हैं-सर्दियों में ज़्यादातर लोग गुड़ का सेवन करते हैं-इससे हमें एनर्जी मिलती है, इसमें मौजूद मिठास के कारण-आयरन मिलता है-हर तरह के खाने में गुड़ को इस्तेमाल किया जा सकता है-मीठा खाने के लिए हम घी वाला हलवा क्यों पसंद करते हैं?-उसकी जगह हम गुड़ का एक छोटा टुकड़ा खा लें, तो ये हमारे मीठा खाने की क्रेविंग कोपूरा करता है-जब गुड़ और तिल को मिलाकर छोटा लड्डू बनाया जाए तो उसमें घी नहीं डालना पड़ेगा-हालांकि हल्के हाथ से लड्डू को स्मूथ करने के लिए थोड़ा घी इस्तेमाल कर सकते हैं-इससे घी का इनटेक भी कम होगा-साथ ही हेल्दी मीठा खाने को मिल जाएगा, जो घर का बना हुआ होगा-क्योंकि सर्दियों में बाहर नहीं जा सकते, ठंड ज़्यादा होती है जिसके हेल्थ रिस्क भीहोते हैं-इसलिए ज़रूरी है कि हम घर के अंदर ही किसी न किसी तरह की एक्सरसाइज करें-घर के अंदर ही वॉक कीजियेसुबह एक्सरसाइज का रूटीन जो गर्मियों में बनाया होता है, वो खत्म हो जाता है-एक ही जगह पर खड़े होकर लाइट जॉगिंग करें-स्किपिंग करें-आप घर पर म्यूजिक चलाकर ज़ुम्बा या डांस कर सकते हैं-ये सभी कार्डियोवैस्कुलर एक्सरसाइज हैं, जो आराम से घर पर की जा सकती हैं-इससे शरीर से सुस्ती निकल जाएगी-साथ ही शरीर दिनभर के लिए एक्टिव रहेगासर्दियों में आपका वज़न हमेशा क्यों बढ़ जाता है, ये तो आपको समझ में आ ही गया होगा.अब इसे कंट्रोल करने के लिए न्यूट्रिशनिस्ट निधि की बताई गई टिप्स को ज़रूर फॉलोकरें, असर देखने को मिलेगा.