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सेक्स लाइफ खराब कर सकता है डायबिटीज, जानें लक्षण और इलाज

डायबिटीज़ एक ऐसी बीमारी है जिसका असर शरीर के सभी जरूरी अंगों पर होता है. जैसे किडनी, लिवर, हार्ट. लेकिन इसका असर मरीज की सेक्स लाइफ पर भी होता है. डॉक्टर से समझिये इसकी वजह और इलाज.

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डायबिटीज़ एक ऐसी बीमारी है जिसका असर शरीर के सभी जरूरी अंगों पर होता है.
5 मार्च 2024
Updated: 5 मार्च 2024 18:33 IST
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डायबिटीज एक ऐसी बीमारी है, जिसका असर आपके शरीर के हर अंग पर पड़ता है. लिवर से लेकर दिल तक. यहां तक कि आपकी सेक्स्शुअल लाइफ पर भी डायबिटीज का सीधा असर पड़ता है. अगर आप में से किसी को डायबिटीज डायग्नोज़ हुआ है और आपने अपनी सेक्स लाइफ में कुछ बदलाव नोटिस किया है. तो ये केवल आपके दिमाग की उपज नहीं है. वाकई ऐसा होता है. 

हमारे देश में डायबिटीज एक बहुत ही आम समस्या बन गई है. इसलिए इस मुद्दे पर सही जानकारी होना बेहद ज़रूरी है. डॉक्टर से जानिए कि क्या डायबिटीज़ का असर पेशेंट की सेक्स्शुअल लाइफ पर पड़ता है? दोनों के बीच क्या कनेक्शन है? साथ ही इसका इलाज क्या है.

डायबिटीज़ का असर पेशेंट की सेक्स्शुअल लाइफ पर पड़ता है?

(जानिए डॉ राजीव कोविल से.)

(Dr. Rajiv Kovil, Head, Diabetology , Zandra Healthcare)
(डॉ. राजीव कोविल, हेड, डायबिटोलॉजी, ज़ैन्ड्रा हेल्थकेयर)

       

करीब 50% डायबिटीज़ के मरीजों को कुछ न कुछ सेक्स्शुअल प्रॉब्लम होती है. ये पुरुषों और महिलाओं दोनों को हो सकती है. पुरुषों में 3 तरह की समस्याएं हो सकती हैं. सबसे पहली है लॉस ऑफ़ लिबिडो यानी सेक्स करने की इच्छा में कमी होना. दूसरी है लिंग में इरेक्शन की समस्या यानी लिंग की सख्ती में कमी आना. तीसरा है प्रीमेच्योर इजेकुलेशन यानी क्लाइमेक्स जल्दी होना.

महिलाओं में भी 3 तरह की समस्याएं हो सकती हैं. पहली है सेक्स की इचछा कम हो जाना. दूसरी समस्या है सेक्स के समय दर्द. इसके अलावा वजाइना में ड्राइनेस की समस्या भी हो सकती है. पुरुषों में ये समस्या ज़्यादा होती है. उनको डॉक्टर से भी बात करने में हिचकिचाहट होती है. लेकिन आप डॉक्टर से खुल कर बात करें. ताकि इसका इलाज हो सके. 

अब लॉस ऑफ़ लिबिडो दो तरह से हो सकता है. अगर आपकी शुगर बढ़ी हुई है तो मेटाबॉलिक वजहों से. दूसरा है इन्सुलिन रेजिस्टेंस या मोटापा. इन दोनों की वजह से टेस्टोस्टेरोन का लेवल कम हो जाता है. इसको मेडिकल भाषा में LOH (लेट-ऑनसेट हाइपोगोनाडिज्म) कहते हैं. टेस्टोस्टेरोन कम होने की वजह से सेक्स करने की इच्छा कम हो जाती है. शरीर में मांसपेशियों का वजन कम हो जाता है और मोटापा बढ़ जाता है. एक टेस्ट के ज़रिए इसका पता लगाकर इलाज भी हो सकता है.

दूसरी सबसे कॉमन प्रॉब्लम है इरेक्टाइल डिसफंक्शन की. इसमें लिंग की सख्ती में कमी आ जाती है, जिस कारण सेक्स नहीं हो पाता. इसके लिए डॉक्टर से चर्चा करनी चाहिए. कुछ जरूरी टेस्ट करवाने चाहिए. जैसे टेस्टोस्टेरॉन, थायरॉइड, शुगर, कोलेस्ट्रॉल, लिवर फंक्शन टेस्ट, किडनी फंक्शन टेस्ट और हीमोग्लोबिन. अगर इससे कारण पता चल जाए तो इलाज हो सकता है. तीसरा है प्रीमेच्योर इजेकुलेशन यानी क्लाइमेक्स जल्दी होना. ये भी डायबिटीज़ की वजह से होता है. इसका भी इलाज हो सकता है

कारण

इसके 3-4 कारण हैं. पहला है हॉर्मोनल लॉस. यानी मोटापा और इन्सुलिन रेजिस्टेंस की वजह से टेस्टोस्टेरोन का कम हो जाना. दूसरी वजह है खून का संचार. इसे मेडिकल भाषा में वैस्कुलर सप्लाई कहते हैं. खून के संचार का लिंग के सख्त होने से एक बड़ा संबंध है. शुगर, कोलेस्ट्रॉल, और ब्लड प्रेशर की वजह से खून की सप्लाई कम हो जाती है. इसकी वजह से इरेक्शन में दिक्कत होती है और इरेक्टाइल डिसफंक्शन हो सकता है. तीसरी वजह है न्यूरोपैथी यानी नसों की वजह से. इसकी वजह से उत्तेजना कम होती है. उत्तेजना कम होने की वजह से ब्लड सप्लाई कम होती है. इस कारण से इरेक्टाइल डिसफंक्शन हो सकता है. चौथी है साइकोलॉजिकल वजहें. यानी आप इसके बारे में ज़्यादा सोचते हैं या ज़्यादा तनाव वाली जिंदगी जीते हैं. इसकी वजह से भी इरेक्टाइल डिसफंक्शन की दिक्कत हो सकती है. महिलाओं को फंगल इन्फेक्शन हो सकता है. इसकी वजह से सेक्स में दर्द हो सकता है.

इलाज

इन सारी समस्याओं को डॉक्टर के साथ डिस्कस करें. हर समस्या का हल होता है, इसका भी है. इसके बाद कुछ जांच करवानी होती हैं. फिर दवाइयों के ज़रिए इलाज हो सकता है

ये तो साफ़ है डायबिटीज होने के बाद कुछ लोगों को सेक्स्शुअल हेल्थ से जुड़ी समस्याएं आती हैं. पर इनका इलाज बड़ी आसानी से हो सकता है. बशर्त आप एक डॉक्टर से मिलें. जो टेस्ट बताए गए हैं, उन्हें करवाएं. आपके साथ क्या समस्या आ रही है, एक बार ये पकड़ में आ जाए तो इलाज बिलकुल मुमकिन है.

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