IAEA चीफ राफेल ग्रॉसी ने बताया कि ईरान का 200 kg से ज़्यादा 60% एनरिच्डयूरेनियम, जो 90% वेपन-ग्रेड तक बढ़ाने पर 10 बम बनाने के लिए काफी है, शायदइस्फ़हान के बिना नुकसान वाले अंडरग्राउंड टनल कॉम्प्लेक्स में है, जिसे जून 2025में US-इज़राइल के हमलों से कोई नुकसान नहीं हुआ, जिसमें IAEA के मना करने केबावजूद नतांज़, फोर्डो और दूसरी साइट्स तबाह हो गईं. युद्ध से पहले के 440.9 kg केस्टॉक से, यह “बम-ग्रेड से थोड़ा ही कदम दूर” का भंडार ऑपरेशन मिडनाइट हैमर केबंकर-बस्टर्स से बच गया, जिससे यह डर बढ़ गया कि युद्ध के 11वें दिन, 1,200 लोगोंकी मौत और IRGC की 1,000 kg वॉरहेड की धमकियों के बीच ईरान हथियार बना सकता है.ट्रंप ने होर्मुज बंद होने पर 20 गुना बदला लेने की कसम खाई है, लेकिन क्या यहयूरेनियम बैलेंस बदल देगा? क्या है पूरी खबर, जानने के लिए देखें वीडियो.