पिछले कुछ समय से तुर्की में तीन चीजें रुकने का नाम नहीं ले रही हैं. वित्तीयअधिकारियों के इस्तीफे, राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप अर्दोआन की ज़िद और, तुर्की कीमुद्रा का पतन. नतीजा. रोटी की दुकानों के बाहर लगी लंबी कतारें. सूखे पेट्रोल पंप.बंजर पड़े खेत. और, तुर्की का गौरवशाली इतिहास लौटाने का वादा करने वाले सुप्रीमलीडर अर्दोआन के ख़िलाफ़ चल रहे प्रोटेस्ट. उनके ही गढ़ में. तुर्की के आर्थिक संकटकी पूरी कहानी क्या है? क्या अर्दोआन की कुर्सी खिसकने वाली है? और, इस संकट सेनिकलने का रास्ता क्या है? आज के दिन विदेशी मीडिया में क्या ख़ास छपा है? देखेंवीडियो.