सिल्क्यारा सुरंग (Silkyara tunnel). ये दो शब्द पूरी जिंदगी याद रहेंगे. उन्हें जोइसमें फंसे थे और उन्हें भी जिन्होंने रात-दिन अपना सबकुछ झोंककर श्रमिकों को बाहरनिकाला. याद हमें और आपको भी रहेगा, याद हर उस व्यक्ति को रहेगा जिसने इस समय कोजिया है. लेकिन, इस सब के बीच बाहर निकले 41 श्रमिकों ने 17 दिन सुरंग के अंदर कैसेकाटे? कैसे इनकी हिम्म्मत नहीं टूटी? ये सब कौन नहीं जानना चाहेगा. जो बाहर आए हैं,उन्होंने सब बताया है. देखें वीडियो.