दी लल्लनटॉप शो: सुप्रीम कोर्ट ने नहीं दिया समलैंगिक शादी और क्वीर कपल को बच्चा गोद लेने का अधिकार
अदालतें और सरकारें अपना काम करेंगी. हम बतौर समाज अपना काम करेंगे. किसी को किसी को जेंडर आइडेंटिटी के साथ चिढ़ाएंगे नहीं. उसके सेक्शुअल चुनाव के चलते उसे उलाहनाएं नहीं देंगे. खुद को सहज करेंगे क्योंकि ये लोग कोई अजायबघर नहीं हैं. ये लोग हम हैं. हमारे जितना व्यक्ति, हमारे जितने इंसान, हमारे जितने नागरिक.