सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार, 18 अप्रैल को बिलकिस बानो की उस याचिका पर सुनवाई की,जिसमें गुजरात सरकार पर रेप और सामूहिक हत्या के मामले के दोषियों को समय से पहलेरिहा करने का आरोप लगाया गया था. जस्टिस केएम जोसेफ और बीवी नागरत्ना की बेंच नेमामले की सुनवाई की. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जिस तरह से अपराध किया गया वो भयावहहै, इस मामले में एक गर्भवती महिला के साथ सामूहिक बलात्कार किया गया था, उसकीतुलना मानक धारा 302 (हत्या) के मामले से नहीं की जा सकती. देखिए वीडियो.