आज बात एक विद्रोही गुट की. जिसे ‘आतंकवादी संगठन’ घोषित करने की तैयारी चल रही है.जहां ये तैयारी हो रही है, वहां एक हफ़्ते बाद सरकार बदलने जा रही है. ये फ़ैसला नईसरकार के लिए परेशानी खड़ी करने वाला क्यों है? इन सबके बीच एक ज़ब्त केमिकल टैंकरकी कहानी भी सुनाएंगे. इस खेल का विस्तार इतना है कि कई और पक्ष भी दम साधे नज़ारादेख रहे हैं. तेल, परमाणु हथियार, शिया-सुन्नी, अरब स्प्रिंग, ज़िद और भी कई पहलू.ये पूरा मामला क्या है?