समंदर के तट पर हुई एक मुलाक़ात. पहले हृदय और फिर बाद में धर्म परिवर्तन. और, अंतमें गोली मारकर हत्या. ये कहानी देवसहायम पिल्लई की है. 15 मई को वेटिकन सिटी मेंपोप फ़्रांसिस ने उन्हें सेंट की उपाधि दी है. मरणोपरांत. 270 बरस बाद. पिल्लई पहलेआम भारतीय हैं, जिन्हें सेंट की उपाधि मिली है. आज हम जानेंगे, देवसहायम पिल्लई कौनथे? उनका सेंट बनना अभूतपूर्व क्यों है और, सेंट बनते कैसे हैं? देखें वीडियो.