दिल्ली हाई कोर्ट (Delhi High Court) ने हाल में एक मामले की सुनवाई के दौरान कहाकि किसी लड़की के साथ आपसी सहमति से संबंध बनाने से पहले उसका आधार कार्ड या डेट ऑफबर्थ जांचने की जरूरत नहीं है. कोर्ट ने कथित रूप से नाबालिग पार्टनर के साथ 'रेप'के आरोपी व्यक्ति को जमानत देते हुए ये बात कही. जस्टिस जसमीत सिंह की सिंगल बेंचने आरोपी व्यक्ति को POCSO एक्ट के तहत दर्ज केस में जमानत दी. कोर्ट ने कहा किआधार कार्ड से पता चलता है कि संबंध बनाने के दौरान लड़की बालिग थी. देखें वीडियो.