इलाहाबाद हाई कोर्ट (Allahabad High Court) ने लिव-इन रिलेशनशिप (Live inrelationship) पर बड़ी टिप्पणी की है. अदालत ने लिव इन में रह रही एक हिंदू लड़की औरमुस्लिम लड़के की याचिका पर सुनवाई करते हुए लिव-इन रिलेशनशिप को टाइम पास जैसा करारदिया है. कोर्ट ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने लिव-इन रिलेशनशिप को मान्यता जरूर दीहै, लेकिन ऐसे रिश्तों में ईमानदारी से ज्यादा एक दूसरे के लिए मोह या आकर्षण हीहोता है. कोर्ट ने अपनी टिप्पणी में लिव-इन रिलेशनशिप को बेहद नाजुक और अस्थाईबताते हुए दोनों की याचिका खारिज कर दी है. देखें वीडियो.