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"पृथ्वीराज ने राजपूतों को मारा, मोदीजी भी..." - यति नरसिंहानंद का ये Video वायरल है

पृथ्वीराज चौहान, गांधी और मोदी सबका नाम लिया!

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7 नवंबर 2022 (अपडेटेड: 7 नवंबर 2022, 11:54 AM IST)
yati narsinghanand saraswati viral video prithviraj chauhan
(बाएं-दाएं) यति नरसिंहानंद का स्क्रीनग्रैब, और पृथ्वीराज चौहान की मूर्ति की तस्वीर (इंडिया टुडे)
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डासना देवी मंदिर के महंत यति नरसिंहानंद सरस्वती फिर चर्चा में हैं. मुसलमानों या मुगलों पर दिए किसी बयान की वजह से नहीं, बल्कि हिंदू राजा पृथ्वीराज चौहान पर अपनी निजी और आलोचनात्मक राय जाहिर करके. यति नरसिंहानंद सरस्वती का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. इसमें वो पृथ्वीराज चौहान और जयचंद के लिए ऐसी-ऐसी टिप्पणियां कर रहे हैं, जिन्हें सुनकर लोग भड़क गए हैं.

वीडियो देखकर लगता है कि यति नरसिंहानंद ने कोई ऑनलाइन इंटरेक्शन सेशन किया था जिसमें वो लोगों के सवालों के जवाब दे रहे थे. इस बातचीत में भाग लेने वाले किसी शख्स ने यति से पूछा था,

"मैं पृथ्वीराज चौहान वाली स्थिति बता रहा हूं. अगर आपको जयचंद की दोस्ती और मोहम्मद गौरी की दुश्मनी में से किसी एक को चुनना हो तो आप क्या चुनेंगे?"

इसके जवाब में यति नरसिंहानंद ने जो कहा वो अब सोशल मीडिया पर बहस का मुद्दा बन गया है. यति कहते हैं कि वो 'जयचंद की दोस्ती' चुनेंगे, क्योंकि उसके जैसे दोस्त बहुत कम हैं. डासना देवी मंदिर के महंत ने कहा,

"पृथ्वीराज चौहान ने गलती की है. जयचंद की क्या गलती है? दोनों मौसेरे भाई थे. दोनों गुरु भाई थे. एक ही आश्रम में पढ़े. जयचंद हमेशा ही पृथ्वीराज चौहान का जनरल था. पृथ्वीराज चौहान कहीं लड़ने जाता था तो जयचंद को बुला लेता था. एक दिन 65 साल के पृथ्वीराज, जयचंद के घर गए. उन्होंने उसकी 13 साल की बेटी संयोगिता को देख लिया. इतनी बड़ी गद्दारी की पृथ्वीराज ने कि जयचंद की बेटी का अपहरण किया और उसके मुंह बोले बेटे को धोखे से बुलाकर मार दिया. अब अपने छोटे भाई की बेटी का अपहरण कर लोगे, उसके बेटे को मार दोगे, फिर क्या उम्मीद करते हो तुम?

और जयचंद ने किसी भी जगह मोहम्मद गौरी की सहायता नहीं की. लेकिन लड़ाई छोड़कर चला गया. वो पृथ्वीराज चौहान के साथ नहीं लड़ा. जयचंद जैसे दोस्त दुर्लभ होते हैं. ये तो कायर हिंदू हैं जो राजाओं की वाह-वाह करते हैं. लोग जब असली इतिहास पढ़ेंगे ना... अब मैं कुछ कहूंता तो लोग बकवास करने लगेंगे. सारी की सारी गलती पृथ्वीराज चौहान की थी. अपने जितने भी राजपूत थे सबको मार दिया. मोहम्मद गौरी को नहीं मारा. तो जयचंद की दोस्ती तो बेमिसाल है. ये तो वो इन हिंदुओं में पैदा हुआ जो दलाली की वजह से, गुलामी की वजह से बहादुरों को गाली देते हैं."

नरसिंहानंद ने आगे कहा,

"मैं हिंदुओं को एक बात बताना चाहता हूं. जो आज मोदी जी कर रहे हैं ना, वही काम एक समय पृथ्वीराज चौहान ने किया था. किसी भी हिंदू को जीवित नहीं छोड़ा था. और किसी भी राजा की लड़की नहीं छोड़ी थी. सबकी लड़की उठा रहा था. यहां तक कि भाई की बेटी उठा ली. राजपूतों के जितने बड़े योद्धा थे सबको मार दिया. और मुसलमान को नहीं मारा, जो इतना बड़ा आतंकवादी था. उसे छोड़ता रहा महान बनने के लिए. आखिर में उसे मारा तो मुसलमानों ने ही, हिंदुओं ने तो नहीं मारा. यही आज के हुक्मरान कर रहे, यही गांधी ने किया. यही आज मोदी जी कर रहे हैं. और हम केवल इनकी वाह-वाह कर रहे हैं. कितना महान हमारा पृथ्वीराज चौहान, कितने सत्यवादी महात्मा गांधी और कितना बड़ा हमारा मोदी... विदेश में जाता है तो तालियां बजती हैं. पूरी दुनिया जीत ली मोदी ने.

अरे जब पता चलेगा ना क्या हुआ तुम्हारे साथ तो रोने की भी जगह नहीं मिलने वाली. तब पता चलेगा जयचंद कितना महान व्यक्ति था. जिसके साथ इतिहास ने इतना अन्याय किया. केवल इसलिए कि हिंदुओं को गुलामी की आदत है. ये वो देश है जहां गांधी महान हो जाते हैं. ये वो देश है जहां पृथ्वीराज चौहान महान हो जाते हैं. ये वो देश है जहां लोग जयचंद को, नाथूराम गोडसे को और वीर सावरकर को गाली देते हैं, गद्दार बताते हैं. ये गुलामों का देश है. जब तक हिंदुओं को जहनियत नहीं बदली जाएगी तब तक यही चलता रहेगा. व्यक्तिगत रूप से मैं हमेशा से जयचंद के साथ था, हूं और हमेशा रहूंगा."

भड़काऊ विचार, भड़काऊ बातों के लिए चर्चित नरसिंहानंद कई बार विवाद खड़े कर चुके हैं. मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक इस समय वो एक और “धर्म संसद” आयोजित करने की तैयारी कर रहे हैं. हालांकि यूपी पुलिस ने इसे लेकर उन्हें साफ निर्देश दिया है कि उससे अनुमति लिए बिना यति ये आयोजन नहीं कर सकते. वहीं महंत ने कहा है कि इस आयोजन के लिए उन्हें किसी से इजाजत लेने की जरूरत नहीं है. 

मदरसों और एएमयू पर यति नरसिंहानंद का ये भड़काऊ बयान जेल पहुंचा देगा?

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