AAP मंत्री ने ली हिंदू देवी-देवताओं को ना मानने की शपथ, BJP बोली- चुनाव में तो बहुत याद आती है
बौद्ध सभा में ली मंत्री राजेंद्र पाल गौतम ने शपथ. कहा- बाबा साहेब आम्बेडकर ने भी ली थी.

दिल्ली (Delhi) के कैबिनेट मंत्री राजेंद्र पाल गौतम (AAP Minister Rajendra Pal Gautam) के बौद्ध महासभा के आयोजन में शामिल होने पर BJP ने सवाल उठाए हैं. दरअसल, दिल्ली सरकार में समाज कल्याण मंत्री राजेंद्र पाल गौतम बौद्ध महासभा के आयोजन में शामिल हुए थे. ये आयोजन बुधवार, 5 अक्टूबर को विजयादशमी के दिन दिल्ली के रानी झांसी रोड स्थित आम्बेडकर भवन में हुआ था. इसमें हिंदू धर्म के देवी-देवताओं को नहीं मानने की शपथ दिलाई गई. जब ये शपथ दिलाई गई, उस समय मंच पर राजेंद्र पाल गौतम भी मौजूद थे और वो भी शपथ ले रहे थे. इसको लेकर बीजेपी ने आम आदमी पार्टी को घेर लिया है.
बीजेपी प्रवक्ता हरीश खुराना ने कहा,
‘जिस राज्य में चुनाव होते हैं वहां केजरीवाल और उनके नेता जय श्री राम और जय श्री कृष्ण कहते थकते नहीं. लेकिन, जहां ये सत्ता में होते हैं वहां उनके मंत्री कैसे हमारे इष्ट देवताओं का अपमान करते हैं. गजब है केजरीवाल.’
वहीं, बीजेपी सांसद मनोज तिवारी ने वीडियो शेयर किया है, जिसमें हिंदू धर्म के देवी-देवताओं को नहीं मानने की शपथ ली जा रही है. वीडियो ट्वीट करते हुए मनोज तिवारी ने पूछा,
BJP को Rajendra Pal Gautam का जवाब‘इतनी हिंदू विरोधी क्यों है AAP. AAP के मंत्री हिंदू धर्म के खिलाफ शपथ ले भी रहे हैं और दिला भी रहे हैं.’
केजरीवाल सरकार में कैबिनेट मंत्री राजेंद्र पाल गौतम ने बीजेपी नेताओं के आरोपों का जवाब दिया है. आजतक के पंकज जैन से बातचीत में उन्होंने कहा,
'1956 से आजतक देश और दुनिया में बौद्ध धर्म की दीक्षा ली जाती है. हर साल ये कार्यक्रम आयोजित होता है. नागपुर में जहां बाबा साहेब आम्बेडकर ने दीक्षा ली थी, वहां भी हर साल 15 से 20 लाख लोग इकट्ठे होते हैं. गुजरात, उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, मध्य प्रदेश, बिहार में कार्यक्रम आयोजित हुए हैं.'
दिल्ली सरकार के कैबिनेट मंत्री ने आगे कहा,
'बाबा साहेब आम्बेडकर ने ज़ब दीक्षा ली थी तो उन्होंने 22 प्रतिज्ञा ली थीं. इसका मकसद किसी की आस्था या धर्म को ठेस पहुंचाना नहीं है. प्रतिज्ञाओं का एक ही मकसद है कि भारत मजबूत हो और जातिवाद मुक्त भारत बने. भारत में दलितों के साथ उत्पीड़न बढ़ गया, इसलिए आज ये दीक्षा का चलन बढ़ गया है.'
आजतक से बातचीत के दौरान राजेंद्र पाल गौतम ने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत का जिक्र किया और उनकी तारीफ की. उन्होंने कहा,
'पिछले दिनों मोहन भागवत ने अपने भाषण में कहा कि संविधान और कानून के प्रति लोगों की आस्था हो. दूसरे धर्म की आस्था की इज्जत करनी चाहिए. शमशान घाट एक हों, मंदिर में सामान अधिकार होना चाहिए. RSS चीफ के इन शब्दों की सराहना करता हूं कि उन्होंने एक गंभीर मुद्दे को उठाया.'
BJP को जवाब देते हुए राजेंद्र पाल गौतम ने साफ किया कि जिस आयोजन की बात हो रही है, वो आम आदमी पार्टी का आयोजन नहीं था. वो कोई राजनीतिक प्रोग्राम नहीं था. ये भारतीय बौद्ध महासभा का धार्मिक आयोजन था, जो 1956 से होता आ रहा है. राजेंद्र गौतम के मुताबिक बाबा साहेब अम्बेडकर ने ही बौद्ध सभा बनाई थी और उसी के बैनर के तले हर साल इस कार्यक्रम का आयोजन होता है.
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