25 मार्च की बात है. 24 साल की लड़की अपने ऑफिस में थी. एक आदमी आया. ये उसी के गांवका था. इसका नाम जगदीप था. उसे उसके ऑफिस से सड़क पर ले गया. सड़क पर बीच बाजारखींचते हुए ले गया. लड़की छूटने की कोशिश कर रही थी. उस समय सड़क पर दूसरी तरफगाड़ियां भी आ-जा रहीं थीं. यहां से उस लड़की को फॉर्म हाउस ले गया. वहां उसके साथरेप किया. और अगले दिन छोड़ दिया. सोचिए उसे किसी चीज का डर नहीं रहा होगा, पुलिस काभी नहीं. पकड़े जाने का भी नहीं. बाद में सही भी साबित हुआ क्योंकि इस सबके एक महीनेबाद जाकर पुलिस उसे पकड़ पाई. ये सारा वाकया सीसीटीवी कैमरे में साफ़-साफ़ कैद हो गया.एक महीने के लगभग बीतने को थे. ये वीडियो सामने आया तो सरगर्मी बढ़ी. लड़की दलित थी.कल नेशनल कमीशन फॉर शेड्यूल्ड कास्ट के पास पहुंची. खुद ही सबूत के तौर पर वोवीडियो लेकर जिसमें उस आदमी का चेहरा साफ़ दिख रहा था. कमीशन ने पंजाब पुलिस कोझिंझोड़ा. भटिंडा के आई जी और मुक्तसर के एसएसपी को सम्मन भेजा कि तीन मई के पहलेउसके सामने हाजिर हों. पुलिस हरकत में आई और जगदीप पकड़ा गया. ये खबर दहलाती है. आपसुरक्षित कहां हैं? ऑफिस में? बीच बाजार में? वहां तो आसपास लोग होते हैं, बुलानेपर आ सकते हैं. पर जब ऐसा होता है तो आप खुद को कहीं सुरक्षित नहीं पाते. इस वाकयेकी CCTV फुटेज हैं. जो वायरल हो रही हैं. घटना के 5 दिन बाद पुलिस में एफआईआर भीलिखा दी गई थी. पुलिस ने कुछ नहीं किया. गिरफ्तारी हुई लगभग एक महीने बाद. हम आपकोकुछ तस्वीरें दिखा रहे हैं. देखिए ये कितनी डरावनी हैं.