गौतम अडानी को राहत दिलाने वाले वकील रॉबर्ट गिफ्रा की कहानी, ट्रंप से गहरा कनेक्शन है
अमेरिका के जस्टिस डिपार्टमेंट में फंसे इस मामले को लेकर अडानी ग्रुप ने हाल ही में नई कानूनी टीम बनाई थी. इस टीम को लीड करने की जिम्मेदारी रॉबर्ट गिफ्रा जूनियर को दी गई थी.

अडानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी के लिए बीते दिनों अमेरिका से राहत की खबर सामने आई. दावा किया गया कि अमेरिकी जस्टिस डिपार्टमेंट (DOJ) में अडानी के खिलाफ चल रहे रिश्वत और धोखाधड़ी के आपराधिक मामले को खत्म करने की तैयारी चल रही है.
ये तब हुआ जब अडानी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के पर्सनल वकील को अपनी लीगल टीम का लीडर बनाया. जिस वकील ने अडानी की राह आसान की है, उनका नाम रॉबर्ट जे गिफ्रा जूनियर (Robert J. Giuffra Jr) है. राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के निजी वकीलों में शामिल होने के अलावा अमेरिका की एक बड़ी लॉ फर्म सुलीवन ऐंड क्रोमवेल (Sullivan & Cromwell) के सह प्रमुख भी हैं.
दलअसल, अमेरिका के जस्टिस डिपार्टमेंट में फंसे इस मामले को लेकर अडानी ग्रुप ने हाल ही में नई कानूनी टीम बनाई थी. इस टीम को लीड करने की जिम्मेदारी रॉबर्ट गिफ्रा जूनियर को दी गई थी. रॉबर्ट कोई मामूली वकील नहीं हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के केस संभालते हैं. अमेरिका के बड़े कॉरपोरेट वकीलों में गिने जाते हैं.
कौन हैं रॉबर्ट गिफ्रा जूनियर?रॉबर्ट की फर्म सुलीवन ऐंड क्रोमवेल (Sullivan & Cromwell) की वेबसाइट के मुताबिक, उन्होंने साल 1989 में ये फर्म जॉइन की थी. इससे पहले वह अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस William Rehnquist और ‘सेकंड सर्किट कोर्ट ऑफ अपील्स’ के जज राल्फ विंटर (Ralph Winter) के लिए लॉ क्लर्क रह चुके हैं. सिक्योरिटीज फ्रॉड, व्हाइट कॉलर क्राइम, बैंकिंग और टैक्स विवाद, कॉरपोरेट मुकदमे और सरकारी जांच जैसे मामलों के वो एक्सपर्ट माने जाते हैं.
गिफ्रा को अमेरिका के सबसे बड़े मुकदमेबाज वकीलों में माना जाता है. कई प्रतिष्ठित कानूनी संस्थाओं और मैगजीनों ने उन्हें ‘Litigator of the Year’, ‘Trailblazer’ और ‘MVP’ जैसे खिताब दिए हैं. इन सबके बारे में बस इतना जानिए कि ये खिताब उनके शानदार वकालत के करियर का सबूत हैं.
अमेरिकी सरकार में रही भूमिकाअमेरिका की सरकार में भी उनकी बड़ी भूमिका रही है. वो अमेरिकी सीनेट की बैंकिंग कमेटी के चीफ काउंसल रह चुके हैं. इसके अलावा कई कानूनी और शैक्षणिक संस्थाओं से भी जुड़े रहे हैं. उन्होंने प्रिंसटन यूनिवर्सिटी और येल लॉ स्कूल से पढ़ाई की. येल कानून स्कूल, हार्वर्ड लॉ स्कूल और स्टैनफोर्ड लॉ स्कूल जैसी संस्थाओं में कॉरपोरेट गवर्नेंस और क्लास-एक्शन केसेज पर लेक्चर के लिए भी उन्हें अक्सर बुलाया जाता है. रॉबर्ट गिफ्रा अमेरिकी सरकार की तीनों शाखाओं में काम कर चुके हैं.
ये भी पढ़ेंः अमेरिका में गौतम अडानी के खिलाफ सारे केस खत्म होंगे? 'अजीब ऑफर' ने दिलाई राहत?
ट्रंप के मुकदमे लड़ेगिफ्रा ने अमेरिका के राष्ट्रपति को भी कई मुकदमों से उबारने में मदद की है. मैनहट्टन जिला अटॉर्नी दफ्तर की ओर से द्वारा दायर एक मामले में ट्रंप को व्यापारिक रिकॉर्ड में हेराफेरी के 34 गंभीर अपराधों का दोषी पाया गया था. गिफ्रा ने ही इस मामले में ट्रंप को कोर्ट में मजबूती से डिफेंड किया.
इसके अलावा, गिफ्रा ने डॉनल्ड ट्रंप के चुनाव अभियान और रिपब्लिकन पार्टी से जुड़े अभियानों में चंदा भी दिया था. ट्रंप के पहले कार्यकाल में गिफ्रा को उनकी कानूनी टीम में शामिल करने पर विचार हुआ था, लेकिन आखिर में वह उनकी लीगल टीम का हिस्सा नहीं बने.
वीडियो: भारत के चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने युवाओं को कॉकरोच क्यों कहा?

