जिन देशों में कभी भारतीय पीएम गए ही नहीं, वहां मोदी ने जाकर क्या किया?
लंबी लिस्ट है उन देशों की, जहां मोदी से पहले कोई इंडियन PM नहीं गया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तीन देशों की यात्रा पर निकल चुके हैं. पहला पड़ाव जापान है, जहां वो पहुंच भी गए हैं. मोदी जापान के प्रधानमंत्री फूमियो किशिदा के निमंत्रण पर जी-7 शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे. इसके बाद 21 मई को पापुआ न्यू गिनी पहुंचेंगे. और फिर अमेरिका जाएंगे. पापुआ न्यू गिनी एक ऐसा देश है जहां पहली बार कोई भारतीय प्रधानमंत्री पहुंच रहा है. पीएम मोदी इससे पहले भी कई ऐसे देशों में गए हैं, जहां उनसे पहले कोई भी भारतीय पीएम नहीं गया. ये कौन से देश हैं? साथ ही जानेंगे कि आखिर ऐसे देशों में पीएम मोदी ने जाकर क्या किया? जिन्हें उनसे पहले किसी भारतीय पीएम से तरजीह नहीं मिली.
इतिहास बदलने इजरायल पहुंच गए05 जुलाई, 2017. इस दिन पीएम मोदी ने इजरायल की धरती पर कदम रखा. और इसके साथ ही वो इजरायल जाने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बन गए. ये यात्रा कई मायनों में ऐतिहासिक थी. इससे पहले तक आर्थिक, राजनीतिक और सामाजिक कारणों के चलते भारत का कोई भी प्रधानमंत्री इस देश का रुख करने की हिम्मत नहीं जुटा पाया था.
उनसे पहले तक किसी पीएम के वहां न जाने का सबसे प्रमुख कारण इजरायल के अरब देशों से कटुतापूर्ण रिश्ते और भारत की उन्हीं अरब देशों पर पेट्रोलियम पदार्थों के लिए निर्भरता को माना जाता है. इसके अलावा भारत के नेताओं में इजरायल के करीब जाने पर देश के मुस्लिम मतों की नाराजगी का भी डर बना रहता था. लेकिन, साल 2014 में मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद जब इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने उन्हें अपने यहां आमंत्रित किया, तो उन्होंने इसे तुरंत स्वीकार कर लिया. और कुछ महीने बाद इजरायल पहुंच गए.
इस मौके पर भारत और इजरायल के बीच सैन्य, वैज्ञानिक और खेती-किसानी सहित कई क्षेत्रों में 7 समझौते हुए. इनमें इसरो और इजरायल के बीच परमाणु घड़ी के लिए करार, भारत के राज्यों में पानी की जरूरतों को पूरा करने के लिए एमओयू, कृषि के लिए तीन साल के कार्यक्रम पर करार और 260 करोड़ रुपए के भारत-इजराइल इंडस्ट्रियल रिसर्च एंड डेवलपमेंट फंड जैसे करार शामिल थे.
इजरायल के बाद फिलिस्तीन भी जा पहुंचेफरवरी 2018 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी फिलिस्तीन भी पहुंच गए. मुल्क के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू 1960 में गाजा पट्टी के दौरे पर गए थे. लेकिन, 1988 में फिलिस्तीन को एक देश के रूप में स्वीकार्यता मिली थी. ऐसे में मोदी फिलिस्तीन जाने वाले पहले इंडियन पीएम बन गए.
मोदी के इस दौरे पर फिलिस्तीन ने उनका जोरदार स्वागत किया. उन्हें 'ग्रैंड कॉलर' सम्मान से नवाजा. ये विदेशी मेहमानों को दिया जाने वाला वहां का सबसे बड़ा सम्मान है. मोदी को ये सम्मान फिलिस्तीन के राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने खुद सौंपा. मोदी से पहले सऊदी अरब के किंग सलमान, बहरीन के किंग हामाद, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग जैसे कुछ चुनिंदा लोगों को ही ये सम्मान दिया गया था.
इस दौरे पर भारत और फिलिस्तीन के बीच करीब 400 करोड़ रुपए के छह समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए हुए थे. जिसमें फिलिस्तीन में एक सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल बनाने और महिला सशक्तिकरण के लिए एक केंद्र के निर्माण से जुड़ा समझौता भी शामिल था.
रवांडा भी हो आए पीएम मोदीप्रधानमंत्री मोदी 23 जुलाई, 2018 को पूर्वी अफ़्रीकी देश रवांडा पहुंचे. ये किसी भारतीय प्रधानमंत्री का पहला रवांडा दौरा था. राजधानी किगाली में रवांडा के तत्कालीन राष्ट्रपति पॉल कागमे ने मोदी का स्वागत किया. इस दौरान पीएम ने कैगम से कई मुद्दों पर बातचीत की. दोनों नेताओं के बीच व्यापार और कृषि क्षेत्र में सहयोग मजबूत करने के उपायों पर चर्चा हुई. प्रधानमंत्री ने रवांडा के राष्ट्रपति को तोहफे में 200 गायें भी दीं. इस दौरान भारत की तरफ से रवांडा को 20 करोड़ डॉलर (करीब 1600 करोड़ रुपए) के कर्ज की पेशकश भी की गई.
बहरीन ने भी फिलिस्तीन वाला काम कियाअगस्त 2019 में पीएम मोदी मध्य पूर्व के देश बहरीन पहुंचे. यहां के क्राउन प्रिंस सलमान बिन हमाद बिन ईसा अल खलीफा ने उनका स्वागत किया. क्राउन प्रिंस ने उन्हें ‘द किंग हमाद ऑर्डर ऑफ द रेनेसां’ सम्मान से सम्मानित किया.
दोनों नेताओं के बीच भारत और बहरीन की दोस्ती, व्यापारिक संबंधों और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को लेकर काफी बातचीत और कई एमओयू साइन हुए. भारत के विदेश मंत्रालय ने तब बताया था कि पीएम मोदी बहरीन की यात्रा करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री हैं.
बहरहाल, इन चार देशों के बाद पीएम मोदी अब पापुआ न्यू गिनी के दौरे पर हैं. अब देखना ये है कि इस अफ्रीकी देश में पहली बार भारतीय प्रधानमंत्री के पहुंचने पर क्या कुछ ख़ास होता है.

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