The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • News
  • What is Wazu and why it's important for muslims before namaz Gyanvapi masjid

वजू क्या है और नमाज से पहले इसे करना कितना जरूरी है?

इस रिपोर्ट में जानेंगे कि नमाज पढ़ने से पहले मुस्लिम वजूखाने में वजू क्यों करते हैं और वजू होता क्या है.

Advertisement
wuzu
वुजू का इतिहास जानिए (फोटो- आजतक, ट्विटर)
pic
साजिद खान
18 मई 2022 (अपडेटेड: 18 मई 2022, 11:36 PM IST)
font-size
Small
Medium
Large
font-size
Small
Medium
Large
whatsapp share

ज्ञानवापी मस्जिद और इससे जुड़ी चीजें हर तरफ चर्चा का विषय बनी हुई हैं. इनमें मस्जिद का वजूखाना भी शामिल है. सर्वे के दौरान इसी वजूखाने में वो आकृति मिली थी जिसे हिंदू पक्ष ने 'शिवलिंग' करार दिया है. हम इस कथित शिवलिंग पर बात नहीं करने जा रहे. इस रिपोर्ट में जानेंगे कि नमाज पढ़ने से पहले मुस्लिम वजूखाने में वजू क्यों करते हैं और वजू होता क्या है.

वजू है क्या?

नमाज अदा करने से पहले मुस्लिम समुदाय के लोग शारीरिक शुद्धता के लिए वजू करते हैं. वजू इस्लाम धर्म की ऐसी प्रक्रिया है जिसमें शरीर को शुद्ध करने के लिए मुंह, सिर, पैर और दोनों हाथों को कुहनियों तक पानी से अच्छी तरह धोया जाता है. इस्लाम धर्म के जानकार बताते हैं कि वजू करने के बाद ही नमाज पढ़ी जा सकती है या अल्लाह की इबादत की जा सकती है.

लेकिन वजू के इतिहास और उससे जुड़े दूसरे तथ्यों की पूरी जानकारी तो हमारे पास नहीं थी गुरु. अब एक साथ सब विषयों का ज्ञाता तो बना नहीं जा सकता. लेकिन आप लोगों के लिए जानकारी जुटानी भी ज़रूरी है. सो हमने बात की इंडिया इस्लामिक अकेडमी के डायरेक्टर चीफ मेहंदी हसन से. उनसे सबसे पहले हमने सवाल पूछा कि वजू है क्या और उसके मायने क्या हैं? उन्होंने हमें बताया,

Embed

हमने मेहंदी हसन से अगला सवाल किया कि वजू का इतिहास क्या है? ये कहां से आया? इसके जवाब में उन्होंने हमें बताया,

Embed

मेहंदी हसन ने ये भी बताया कि अगर कोई उम्र दराज़ हो गया है और उसको पानी से वजू करने में ठंड लगती है या कोई परेशानी है, तो उसके लिए इस्लाम में एक सब्स्टिट्यूट दिया गया है. इसका नाम है तैयमुम. इसमें होता ये है कि आप किसी भी मिट्टी वाली जगह में हाथ-पैर को लगाकर वजू जैसी प्रक्रिया कर सकते हैं. बस उसमें हाथ-पैर फेरने हैं. और जहां मिट्टी न हो, वहां किसी पत्थर, चट्टान का इस्तेमाल किया जा सकता है. घर में हों तो दीवार से ये प्रकिया की जा सकती है.

क्या वजू बनाना फ़र्ज़ है, बिना इसके काम नहीं चलेगा?

इस सवाल के जवाब में मेहंदी हसन ने बताया कि बिना वजू के दूसरी इबादतें की जा सकती हैं. मसलन रोज़ा रखना या और कुछ. लेकिन नमाज़ पढ़ने के लिए वजू बनाना ज़रूरी है. लेकिन अगर आप गुसल (नहाना) करके आए हों, तो वजू बनाना ज़रूरी नहीं. इसका मतलब क्या? माने गुरु, अगर आप सिर से पांव तक नहा लिए हों तो आपको वजू करने की ज़रूरत नहीं है. क्योंकि वजू में वही किया जाता है. और जब आप नहा लेते हैं तो शरीर के वो हिस्से खुद ब खुद ही धुल जाते हैं.

दी सिनेमा शो: अल्लू अर्जुन की मूवी के लिए डायरेक्टर एटली ने बहुत ज़्यादा फीस मांग ली

Advertisement

Advertisement

()