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वक्फ संशोधन बिल लोकसभा में पास, पक्ष में कितने वोट पड़े?

लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने वोटिंग प्रक्रिया पूरी होने के बाद परिणाम बताया. उन्होंने कहा कि वक्फ संशोधन बिल, 2025 के समर्थन में 288 और विरोध में 232 वोट पड़े हैं. अब यह बिल 3 अप्रैल को राज्यसभा में पेश किया जाएगा.

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2 अप्रैल 2025 (अपडेटेड: 2 अप्रैल 2025, 01:32 AM IST)
waqf amendment bill voting in lok sabha tdp and jdu support
वक्फ संशोधन विधेयक पर लोकसभा में वोटिंग हुई. (तस्वीर:संसद टीवी)
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वक्फ संशोधन बिल, 2025 लोकसभा में पास (Waqf Amendment bill) हो गया है. बिल के समर्थन में 288 वोट पड़े हैं. इस बिल पर लोकसभा में 2 अप्रैल को दिनभर चर्चा हुई. सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों तरफ के सांसदों ने अपनी राय रखी. ये चर्चा रात लगभग 11:45 तक चली. इसके बाद लगभग 12 बजे के करीब वोटिंग की प्रक्रिया शुरु हुई थी.

समर्थन में 288, विरोध में 232 वोट  

लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने वोटिंग प्रक्रिया पूरी होने के बाद परिणाम बताया. उन्होंने कहा कि वक्फ संशोधन बिल, 2025 के समर्थन में 288 और विरोध में 232 वोट पड़े हैं. अब यह बिल 3 अप्रैल को राज्यसभा में पेश किया जाएगा.

इससे पहले अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने लोकसभा में 2 अप्रैल को वक्फ संशोधन बिल 2025 को पेश किया. दिनभर चली चर्चा के दौरान दोनों पक्षों के सांसदों में काफी गहमा-गहमी देखने को मिली. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने चर्चा के दौरान कहा कि इस बिल के जरिए कुछ लोग अल्पसंख्यकों को डराने की साजिश कर रहे हैं ताकि उन्हें वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल किया जा सके.

वहीं, लोकसभा सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने वक्फ (संशोधन) बिल, 2025 पर संसद में जारी चर्चा के दौरान बिल को प्रतीकात्मक रूप से फाड़कर अपना विरोध जताया. 

बिल पर वोटिंग 2 अप्रैल को होनी तय थी क्योंकि कई पार्टियों ने व्हिप जारी किया था. व्हिप एक लिखित आदेश होता है जिसे मानना सभी पार्टी सदस्यों के लिए जरूरी होता है. यह पार्टी के सदस्यों को भेजा जाता है, ताकि वे अहम मुद्दे पर वोटिंग के दौरान मौजूद रहें. 

यह भी पढ़ें:असदुद्दीन ओवैसी ने वक्फ संशोधन बिल को 'गांधी की तरह फाड़ दिया'

लोकसभा में बिल को पारित करने के लिए कम से कम 272 वोटों की जरूरत थी. भाजपा के सांसदों की संख्या 240 है. उनके सहयोगियों JDU के 12 सांसद, TDP के 16 सांसद, LJP के 5 सांसद, RLD के 2 सांसद और शिवसेना के 7 सांसदों को जोड़ दें तो ये संख्या 282 हो जाती है. वहीं, राज्यसभा में NDA के पास 125 सांसद हैं, जबकि बिल पारित होने के लिए 118 वोटों की जरूरत है. सरकार को भरोसा था कि उसे छोटी पार्टियों और मनोनीत सदस्यों का भी समर्थन मिलेगा.

इससे पहले अगस्त, 2024 में वक्फ संशोधन बिल को सदन में लाया गया था. तब विपक्ष के विरोध के बाद बिल को समीक्षा के लिए जेपीसी को सौंप दिया गया था. जेपीसी की सिफारिश के बाद बदलाव के साथ बिल को फिर से लोकसभा में पेश किया गया.

वीडियो: ‘वक्फ मुस्लिमों का है'; Waqf Amendment Bill के विरोध में क्या बोले कांग्रेस MP Imran Masood?

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