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CM का सांसद भाई हत्या में आरोपी, HC ने 'बेतुका' आदेश दिया तो सुप्रीम कोर्ट बुरी तरह भड़का

हाई कोर्ट के आदेश से सुप्रीम कोर्ट इतना नाराज हुआ कि कह दिया, "ऐसे तो हमें CBI को बंद करना पड़ सकता है."

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25 अप्रैल 2023 (अपडेटेड: 25 अप्रैल 2023, 08:55 PM IST)
Vivekanand Reddy murder supreme court
मार्च 2019 में विवेकानंद रेड्डी (दाएं) की हत्या हुई थी. (फोटो- पीटीआई)
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आंध्र प्रदेश के पूर्व CM वाईएस राजशेखर रेड्डी के भाई विवेकानंद रेड्डी की हत्या मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा आदेश दिया. उसने तेलंगाना हाई कोर्ट के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें मर्डर के एक आरोपी को पूछताछ से पहले ही लिखित सवाल देने को कहा गया था. हाई कोर्ट ने यह आदेश 18 अप्रैल को दिया था. जिस आरोपी को लिखित में सवाल देने को कहा गया, वो हैं YSR कांग्रेस पार्टी के सांसद YS अविनाश रेड्डी. आंध्र प्रदेश के सीएम जगन मोहन रेड्डी के चचेरे भाई.

लोकसभा चुनाव 2019 से कुछ ही दिन पहले आंध्र प्रदेश के पूर्व मंत्री विवेकानंद रेड्डी की उनके घर में हत्या कर दी गई थी. इसी मामले में उनके भतीजे और कडप्पा से सांसद अविनाश रेड्डी आरोपी हैं. मामले की जांच CBI कर रही है. तेलंगाना हाई कोर्ट ने अविनाश रेड्डी को 25 अप्रैल तक गिरफ्तारी से संरक्षण का आदेश दिया था. साथ ही CBI को निर्देश दिया गया था कि वो अविनाश रेड्डी को एडवांस में लिखित सवालों की लिस्ट दें.

इसी आदेश को सुप्रीम कोर्ट ने "बेतुका" बताया. 24 अप्रैल को चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस पीएस नरसिम्हा की बेंच ने कहा कि इस तरह का आदेश जांच को बेकार कर देगा. बेंच ने मौखिक रूप से टिप्पणी की, 

"इस आदेश को देखिये, CBI को कहा गया है कि उन्हें (अविनाश रेड्डी) सवालों को प्रिंट कराकर दें. तो फिर हमारे पास CBI क्यों है? अगर ये मानक होगा तो हमें CBI को बंद करना पड़ सकता है क्योंकि फिर सभी इसी को आधार बनाएंगे."

अविनाश रेड्डी की तरफ से कोर्ट में सीनियर वकील रंजीत कुमार पेश हुए थे. जस्टिस चंद्रचूड़ ने आगे उनसे कहा, 

"पहले अग्रिम जमानत और फिर CBI को सवालों की सूची वाला आदेश. यह आपराधिक कानून व्यवस्था को फिर से लिखने जैसा है. CBI आपको गिरफ्तार कर सकती है या नहीं भी कर सकती है. ऐसा लगता है कि अभी गिरफ्तार नहीं कर सकती, लेकिन ये तरीका नहीं है."

कोर्ट ने ये भी कहा कि अगर CBI को आरोपी को गिरफ्तार करना होता तो पहले कर लेती, लेकिन एजेंसी ने अब तक संयम दिखाया है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा,

"इस तरह का आदेश जांच को ही बेकार कर देगा. हाई कोर्ट संदिग्ध से लिखित रूप में पूछताछ का आदेश नहीं दे सकता है." 

सुप्रीम कोर्ट ने मामले की जांच 30 अप्रैल से बढ़ाकर 30 जून तक पूरी करने का आदेश दिया है. यह जांच तेलंगाना हाई कोर्ट की निगरानी में ही होती रहेगी.

विवेकानंद रेड्डी की हत्या

विवेकानंद रेड्डी की उनके घर पर ही अज्ञात लोगों ने हत्या कर दी थी. विवेकानंद रेड्डी पूर्व सांसद थे और राज्य सरकार में मंत्री भी रह चुके थे. हत्या के अगले दिन वे YSR कांग्रेस की चुनावी रैली शुरू करने वाले थे. राज्य विधानसभा चुनाव से पहले इसे एक बड़ा मुद्दा बनाया गया था. इस हत्याकांड की जांच पहले विशेष जांच टीम ने की थी. जुलाई 2020 में जांच CBI को सौंप दी गई थी. CBI ने मामले में पहली चार्जशीट अक्टूबर 2021 में दाखिल की थी. पिछले साल जनवरी में सप्लीमेंट्री चार्जशीट भी फाइल की गई थी.

16 अप्रैल को CBI ने अविनाश रेड्डी के पिता YS भास्कर रेड्डी को गिरफ्तार किया था. उन्हें 29 अप्रैल तक न्यायिक हिरासत में भेजा गया था. भास्कर रेड्डी के खिलाफ IPC की धारा-120B (साजिश), 302 (मर्डर), 201 (सबूतों से छेड़छाड़) के तहत केस दर्ज हुआ था. पिछले साल इस मामले के एक गवाह कल्लूरी गंगाधर रेड्डी की संदिग्ध परिस्थियों में मौत हो गई थी. CBI ने गंगाधर रेड्डी से भी पूछताछ की थी. मौत से पहले गंगाधर ने पुलिस में शिकायत भी दी थी कि उनकी जान को खतरा है. उन्होंने सुरक्षा की मांग की थी.

वीडियो: कर्नाटक के पूर्व CM जगदीश शेट्टार को खींच ले गई कांग्रेस, पांच प्वाइंट्स में जानिए पूरी कहानी

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