वेनेजुएला की राजधानी हवाई हमलों से दहली, देर रात 7 जगहों पर धमाके; दो दिन पहले ट्रंप ने दी थी धमकी
Venezuela Blast: यह हमला ऐसे समय में हुआ है, जब वेनेजुएला और अमेरिका के बीच टकराव बढ़ा हुआ है. धमाकों के बाद शहर के अलग-अलग इलाकों में लोग घबराकर सड़कों पर निकल आए और चारों तरफ भगदड़ मच गई.
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Venezuela Attacked: वेनेजुएला की राजधानी काराकस में 2 और 3 जनवरी की दरम्यानी रात कम से कम सात हवाई हमले हुए. पहला धमाका स्थानीय समय के मुताबिक, रात करीब 2 बजे सुना गया. यह हमला ऐसे समय में हुआ है, जब वेनेजुएला और अमेरिका के बीच टकराव बढ़ा हुआ है. हालांकि, अमेरिका और वेनेजुएला की तरफ से इस पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है.
CBS न्यूज ने अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से बताया कि राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प ने वेनेजुएला के भीतर सैन्य ठिकानों पर हमले का आदेश दिया है. फॉक्स न्यूज ने भी वाशिंगटन के अधिकारियों से मिली जानकारी का हवाला देते हुए बताया कि अमेरिका ही वेनेजुएला के खिलाफ मिलिट्री अटैक कर रहा है.
लेकिन अमेरिका की तरफ से अभी कोई आधिकारिक बयान सामने आना बाकी है. दूसरी तरफ, वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने नेशनल इमरजेंसी घोषित कर दी है. घटना के कई वीडियो सामने आए हैं.
CNN के पत्रकार ने बताया, जो घटनास्थल पर मौजूद था, पहला धमाका स्थानीय समयानुसार लगभग 1.50 बजे दर्ज किया गया. इसके बाद कम से कम अलग-अलग जगहों पर छह और धमाके हुए. काराकस शहर के पश्चिम में स्थित वेनेजुएला के मुख्य सैन्य ठिकाने 'फोर्ट टिउना' और 'ला कार्लोटा' पर जोरदार धमाके हुए. उन्होंने कहा,
एक धमाका इतना जोरदार था कि उसके बाद मेरी खिड़की हिलने लगी.
शहर के कई इलाकों में बिजली नहीं थी और राजधानी में मौजूद CNN के पत्रकार धमाकों के बाद विमानों की आवाज सुन सकते थे.
धमाकों के बाद शहर के अलग-अलग इलाकों में लोग घबराकर सड़कों पर निकल आए और चारों तरफ भगदड़ मच गई.

कोलंबिया के राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो ने X पर एक पोस्ट में कहा,
काराकस पर इस समय बमबारी हो रही है. वेनेजुएला पर हमला हुआ है. वे मिसाइलों से बमबारी कर रहे हैं.

उन्होंने अमेरिकी राज्यों के संगठन (OAS) और संयुक्त राष्ट्र की आपातकालीन बैठक बुलाने की अपील की. काराकास में हुए धमाके वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और चीनी विशेष दूत किउ शियाकी से मुलाकात के एक दिन बाद हुए हैं.
वेनेजुएला ने क्या कहा?इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, वेनेजुएला सरकार ने एक आधिकारिक बयान में कहा है कि हालिया हमलों का मकसद देश के अहम संसाधनों, खासकर तेल और खनिजों पर कब्जा करना है. साथ ही उसकी राजनीतिक आजादी को कमजोर करना है. सरकार ने साफ कहा कि ऐसे मंसूबे कभी सफल नहीं होंगे.
बयान में कहा गया कि आज़ादी के 200 से ज़्यादा साल बाद भी वेनेजुएला की जनता अपने अधिकार की रक्षा करने के लिए पूरी तरह तैयार है. सरकार ने बाहरी ताकतों पर आरोप लगाया कि वे ‘फासीवादी ताकतों’ के साथ मिलकर सत्ता परिवर्तन की कोशिश कर रही हैं. सरकार का कहना है कि ये कोशिशें पहले भी नाकाम हुई थीं और आगे भी नाकाम होंगी.
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ये हमले अमेरिका के बढ़ते दबाव के बीच हुए हैं, जिसने हाल ही में कथित तौर पर नशीलें पदार्थों की तस्करी करने वाली नावों को निशाना बनाया था. जबकि वेनेजुएला इस मामले पर बातचीत करने के लिए राजी है.
ट्रंप प्रशासन ने राष्ट्रपति मादुरो पर नशीले पदार्थों की तस्करी और आतंकवादी संगठनों के साथ काम करने का आरोप लगाया है, जिसे मादुरो ने नकार दिया है. क्रिसमस की पूर्व संध्या पर, ट्रंप ने अपना टारगेट बताने से इनकार कर दिया, लेकिन चेतावनी दी कि अगर मादुरो 'कठोर रुख अपनाते हैं, तो यह उनके लिए कठोर रुख अपनाने का आखिरी मौका होगा.
इस बीच, अमेरिका ने वेनेजुएला के खिलाफ नए प्रतिबंध लगा दिए हैं. इन प्रतिबंधों में चार कच्चे तेल के टैंकर और चार कंपनियां शामिल हैं.
वीडियो: दुनियादारी: अमेरिका और वेनेजुएला के बीच होगी जंग?

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