वंदे भारत ट्रेन पर फिर हुई पत्थरबाजी, PM मोदी हरी झंडी दिखाने वाले थे
ट्रायल रन के दौरान हुई पत्थरबाजी. रेलवे पुलिस ने केस दर्ज किया.

वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन (Vande Bharat Train) पर एक बार फिर पथराव हुआ है. इस बार ट्रेन आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम में निशाना बनी है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 19 जनवरी को इस ट्रेन का उद्घाटन करने वाले थे. वंदे भारत सीरीज की यह ट्रेन सिकंदराबाद से विशाखापट्टनम के बीच चलने वाली है. इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रेन पर पत्थरबाजी तब हुई जब विशाखापट्टनम रेलवे स्टेशन से मरीपलेम में कोच मेंटनेंस सेंटर जा रही थी.
इंडिया टुडे से जुड़े अब्दुल बशीर की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रायल रन के दौरान यह पत्थरबाजी हुई है. इसमें दो खिड़कियों के शीशे टूटे हैं. घटना के बाद रेलवे पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है. विशाखापट्टनम (वाल्टेयर) डिविजन के DRM अनूप सतपती ने इंडिया टुडे को बताया कि पत्थर फेंकने वालों की पहचान नहीं हो पाई है. घटना शाम साढे़ छह बजे की है. रेलवे पुलिस (RPF) ने केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है.
DRM ने कहा कि सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है. पकड़े जाने पर आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा कि रेलवे सार्वजनिक संपत्ति है. लोगों को ऐसी चीजों से बचना चाहिए. डीआरएम की माने तो विंडो ग्लास की कीमत करीब एक लाख रुपये हैं.
सिकंदराबाद से विशाखापट्टनम के बीच वंदे भारत एक्सप्रेस करीब 8 घंटों में दूरी तय करेगी. इसके बीच में वारंगन, खम्मम, विजयवाड़ा और रजामुंद्री स्टेशन होंगे. वंदे भारत सीरीज की यह आठवीं और दक्षिण भारत की दूसरी ट्रेन होगी. चेन्नई और मैसूर के बीच पहले से वंदे भारत ट्रेन चल रही है.
लगातार हो रही पत्थरबाजीवंदे भारत ट्रेन पर पत्थरबाजी की यह पहली घटना नहीं है. पिछले हफ्ते पश्चिम बंगाल में वंदे भारत एक्सप्रेस पर दो बार पत्थर फेंके गए. 3 जनवरी को जब ट्रेन न्यू जलपाईगुड़ी स्टेशन के यार्ड में खड़ी होने जा रही थी तभी पत्थरबाजी हुई. वहीं इससे एक दिन पहले 2 जनवरी को मालदा स्टेशन के पास ट्रेन पर पत्थर फेंके गए थे. बंगाल में जिस वंदे भारत ट्रेन पर पत्थरबाजी हुई, उसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीती 30 दिसंबर को ही किया था. ये ट्रेन हावड़ा से न्यू जलपाईगुड़ी रूट पर चलाई गई है.
नरेंद्र मोदी ने वंदे भारत एक्सप्रेस को 30 दिसंबर को हरी झंडी दिखाई, उस पर पत्थरबाजी क्यों हुई?

