वंदे भारत ट्रेन बनाने में देरी क्यों हो रही है? डॉक्यूमेंट से मिला जवाब भेजा भिन्नाट कर देगा
बिहार, झारखंड, गोवा और पंजाब को अब तक नहीं मिली वंदे भारत
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वंदे भारत ट्रेनों (Vande Bharat trains) के प्रोडक्शन में कमी को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है. कपूरथला स्थित भारतीय रेलवे की प्रमुख रेल कोच फैक्ट्री का एक डॉक्यूमेंट सामने आया है. इससे पता चला है कि साल 2022-23 में कोच फैक्ट्री ने 1885 कोच बनाने का टारगेट रखा था. लेकिन फैक्ट्री सिर्फ 1478 कोच बनाने में ही सफल हो पाई. ट्रेनें बन नहीं पा रही हैं जिस वजह से कई राज्यों में वंदे भारत ट्रेन शुरू नहीं की जा सकीं. ऐसे राज्यों में बिहार, झारखंड, गोवा और पंजाब शामिल हैं.
क्यों नहीं बन पा रहीं ट्रेनें?इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक ट्रेनों का प्रोडक्शन कच्चे माल की कीमत बढ़ने की वजह से कम हुआ है. कीमत बढ़ने के कारण सीट बर्थ, स्विच बोर्ड कैबिनेट, ट्रांसफार्मर जैसे माल की सप्लाई में कमी आई है. माल मिल नहीं पा रहा है जिस कारण कोच और ट्रेन के प्रोडक्शन में कमी आई है.
वहीं रेल मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने एक और भी वजह बताई है. इनके मुताबिक रेल कोच फैक्ट्री ने वंदे भारत ट्रेनों के लिए फ्रांस की रोलिंग स्टॉक कंपनी अल्सटॉम के डिजाइन को अभी तक मंजूरी नहीं दी है. फैक्ट्री ने कुल 92 डिजाइनों में से केवल चार को मंजूर दी है.
इस साल का टारगेट सेटसूत्रों के मुताबिक अधिकारियों ने बताया कि फैक्ट्री में वंदे भारत ट्रेनों का उत्पादन सितंबर 2024 से शुरू किया जाएगा. जानकारी के अनुसार रेलवे बोर्ड ने साल 2023-24 में कपूरथला रेल कोच फैक्ट्री को 64 वंदे भारत ट्रेन बनाने का टारगेट दिया है.
उत्तराखंड को मिली वंदे भारतप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 25 मई को देहरादून से दिल्ली के बीच चलने वाली पहली वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन को हरी झंडी दिखाई थी. ये ट्रेन हफ्ते में छह दिन चलाई जाएगी. ट्रेन देहरादून से सुबह 7 बजे चलेगी और 11 बजकर 45 मिनट पर आनंद विहार टर्मिनल पहुंचेगी. वहीं ये ट्रेन शाम 5 बजकर 50 मिनट पर आनंद विहार से चलकर रात 10 बजकर 35 मिनट पर देहरादून पहुंचेगी. ट्रेन 314 किलोमीटर का सफर ये ट्रेन 4 घंटे 45 मिनट में तय करेगी.
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