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"जानवरों को नहीं रोका तो...", वंदे भारत को लेकर RPF ने गांव के सरपंचों को नोटिस भेज दिया

जानवरों से टकराकर वंदे भारत एक्सप्रेस के क्षतिग्रस्त होने की खबरें आई हैं.

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4 नवंबर 2022 (अपडेटेड: 4 नवंबर 2022, 05:27 PM IST)
To stop Vande Bharat Express cattle cases RPF sends notice to sarpanches
टक्कर के बाद वंदे भारत एक्सप्रेस का फ्रंट टूटा. (फोटो: आज तक)
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वंदे भारत एक्सप्रेस (Vande Bharat Express). हाल के दिनों में इस ट्रेन ने कई बार सुर्खियां बटोरी हैं. वैसे तो ये ट्रेन कई रूटों पर चलती है. लेकिन मुंबई और गांधीनगर के बीच चलने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस पिछले दिनों आवारा पशुओं की टक्कर के कारण कई बार क्षतिग्रस्त हुई. इसको लेकर रेलवे पुलिस फोर्स (RPF) के मुंबई डिवीजन ने रेलवे लाइन के आसपास पड़ने वाले गांवों को नोटिस भेजा है. RPF की तरफ से कहा गया है कि आवारा पशुओं की देखभाल न करने पर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, पालघर रेलवे पुलिस फोर्स (RPF) ने रेलवे लाइन के किनारे बसे गांव को नोटिस भेजा है. नोटिस की एक कॉपी इंडियन एक्सप्रेस को मिली है. 28 अक्टूबर को जारी किए गए नोटिस में कहा गया कि कई आवारा मवेशी रेलवे ट्रैक के किनारे घूमते पाए जाते हैं. इसमें से कई मवेशी ट्रेनों से कुचले भी जाते हैं. इन क्षेत्रों के सरपंचों को ये निर्देश दिए गए हैं कि वो ये सुनिश्चित करें की सभी आवारा मवेशियों को गौशाला भेजा जाए. पश्चिमी रेलवे के सीनियर डिवीजनल सिक्योरिटी कमिश्नर विनीत खरब ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया, 

“महाराष्ट्र के पालघर से लेकर सूरत के उधना तक कई छोटे-छोटे गांव हैं. इन गांवों में काफी ज्यादा संख्या में मवेशी हैं. हाल की घटनाओं को देखते हुए हमने इन गांवों के सरपंचों को नोटिस जारी किया है. नोटिस में सरपंचों को ये सुनिश्चित करने को कहा गया है कि वो इन आवारा जानवरों को नियंत्रित करें और उन्हें रेलवे लाइन के पास न आने दें. ये दुर्घटनाएं न केवल लोकोमोटिव को नुकसान पहुंचाती हैं बल्कि यात्रियों की जान को भी खतरा रहता है.”

खरब ने आगे बताया कि इस साल जनवरी से अब तक एक हजार नोटिस जारी किए हैं. इन गांवों के जंक्शनों और चौकों जैसे भीड़भाड़ वाले इलाकों में 50 से अधिक जागरूकता अभियान चलाए गए हैं. ग्रामीणों को अपने मवेशियों की देखभाल करने के लिए कहा गया है.

गांव में जागरूकता

RPF ने सभी ग्राम पंचायतों की मासिक बैठकों का हिस्सा देने की अनुमति का अनुरोध भी भेजा है. इससे पंचायत के अधिकारियों में जागरूकता पैदा की जा सकेगी और सीधे संवाद किया जा सकेगा. पालघर RPF इंस्पेक्टर बसंत राय ने बताया,

“हमने सरपंचों से उनकी मासिक बैठकों का हिस्सा बनने की अनुमति देने के लिए कहा है. इन बैठकों में RPF जवान गांव वालों के बीच जागरूकता पैदा करेंगे और ट्रैक पार करते समय मवेशियों की बढ़ती मौत के बारे में ग्रामीणों से सीधा संवाद कर सकेंगे.”  

इससे पहले 29 अक्टूबर के दिन वंदे भारत एक्सप्रेस के सामने अचानक एक मवेशी आ गया था. ये घटना गुजरात के वलसाड में हुई थी. वलसाड के अतुल रेलवे स्टेशन के पास ट्रेन करीब 26 मिनट तक रुकी रही थी. वहीं 6 और 7 अक्टूबर को भी गुजरात में ऐसी घटना हुई थी. 6 अक्टूबर को मुंबई से गांधी नगर आते समय ट्रेन जानवरों के एक झुंड से टकरा गई थी. इसकी वजह से ट्रेन के आगे का हिस्सा टूट गया था. 7 अक्टूबर की घटना वडोदरा में आनंद के पास हुई थी. 

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