मेरठ में 400 लोगों को जबरन ईसाई 'बनाने' का आरोप, लॉकडाउन में मदद के नाम पर की साजिश?
शिकायत करने वालों ने कहा कि आरोपियों ने फाड़ दीं भगवान की तस्वीरें. ईसा को पूजने को कहा. मामले में 9 के खिलाफ FIR.

उत्तर प्रदेश के मेरठ में 400 लोगों के धर्म परिवर्तन (Meerut Conversion Row) के आरोप में 9 लोगों के खिलाफ केस दर्ज दिया गया है. शिकायत करने वालों का आरोप है कि उन्हें 'लालच देकर' कुछ लोग ईसाई धर्म अपनाने के लिए मजबूर कर रहे हैं. शिकायत करने वाले मेरठ के मंगतपुरम इलाके से हैं. बीजेपी के एक स्थानीय नेता दीपक शर्मा ने इलाके के लोगों को इकट्ठा किया और SSP ऑफिस पहुंच गए. लोगों ने पुलिस से कार्रवाई की मांग की है.
इंडिया टुडे से जुड़े उस्मान चौधरी की रिपोर्ट के मुताबिक, 9 लोगों पर FIR दर्ज करने के बाद पुलिस मामले की जांच में जुट गई है. FIR में तीन महिलाओं के भी नाम हैं. शिकायत में सामूहिक रूप से कहा गया है कि वे सभी ठेला चलाने और मजदूरी का काम करते हैं. लॉकडाउन के दौरान जब उनकी हालत खराब हुई, तो कुछ लोगों ने खाने और पैसे देकर उनकी मदद की थी. बाद में मदद करने वाले लोग उनसे चर्च आकर प्रार्थना करने और अपने भगवान को छोड़ने के लिए कहने लगे. ये शिकायत विक्रांत नाम के एक व्यक्ति ने दर्ज करवाई है, जिसमें 20 और लोगों ने अंगूठा लगाया है.
‘अस्थाई चर्च बना लिया’आरोप है कि इलाके में एक अस्थाई चर्च भी बना दिया गया है. FIR में दर्ज बयान के मुताबिक,
शिकायत में कहा गया है कि वे 'सनातन धर्मी' हैं और उनके साथ धोखा करके धर्म बदलवाया गया है. शिकायतकर्ताओं का कहना है कि आरोपी उनसे दो-दो लाख रुपये मांगने लगे. जब उन्होंने विरोध किया, तो वो चाकू और डंडे के साथ आ गए. धमकाने लगे कि अगर किसी अधिकारी के पास गए तो जान से मार देंगे. लोगों ने आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है. इस मामले पर मेरठ के एसपी पीयूष सिंह ने कहा कि मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच के आधार पर कार्रवाई की जाएगी.
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