फिर मिसाइल मारेगा ईरान? अमेरिका ने कतर के सैन्य अड्डे से कर्मचारियों को निकलने को कहा
America ने Iran में जारी सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बीच Qatar स्थित अपने सैन्य अड्डे से कर्मचारियों को हटाने का फैसला किया है. इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने चेतावनी दी है कि अगर ईरान की सरकार प्रदर्शनकारियों के खिलाफ जवाबी कार्रवाई जारी रखती है तो वह उनके खिलाफ सैन्य कार्रवाई कर सकते हैं.
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ईरान और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है. अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने ईरान में सैन्य कार्रवाई की धमकी दी है. वहीं जवाब में ईरान ने भी अमेरिका और उसके सहयोगियों के ठिकानों पर हमले की चेतावनी दी है. इस बीच अमेरिका ने कतर में मौजूद सबसे बड़े अमेरिकी सैन्य अड्डे से कुछ कर्मचारियों को निकलने की सलाह दी है.
कतर स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डा अल-उदीद से कुछ सैन्य और कुछ गैर सैन्य कर्मियों को 14 जनवरी की शाम तक वहां से निकलने की सलाह दी गई है. वाशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, एसोसिएटेड प्रेस से बातचीत में एक अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि यह कदम एहतियात के तौर पर उठाया गया है. वहीं कतर की ओर से बताया गया कि क्षेत्रीय तनावों को देखते हुए इस तरह के कदम उठाए जा रहे हैं.
कतर के इंटरनेशनल मीडिया ऑफिस ने एक्स पर एक पोस्ट करके बताया,
अमेरिकी रक्षा विभाग (पेंटागन) ने अल-उदीद सैनिक अड्डे से कर्मचारियों को हटाने के सवाल पर प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया. वहीं अमेरिकी विदेश विभाग ने भी अमेरिकी राजनयिकों या नागरिकों के लिए किसी तरह की सुरक्षा चेतावनी जारी किए जाने की संभावना पर कोई जवाब नहीं दिया है.
कतर की राजधानी दोहा स्थित अमेरिकी दूतावास ने जून 2025 में अमेरिकी नागरिकों के लिए 'सुरक्षित स्थान पर रहने' की एक एडवाइजरी जारी की थी. लेकिन तब भी राजनयिकों या आम अमेरिकी नागरिकों को देश छोड़ने की सलाह नहीं दी थी.
अमेरिका ने ईरान में जारी सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बीच कतर स्थित अपने सैन्य अड्डे से कर्मचारियों को हटाने का फैसला किया है. इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर ईरान की सरकार प्रदर्शनकारियों के खिलाफ जवाबी कार्रवाई जारी रखती है तो वह उनके खिलाफ सैन्य कार्रवाई कर सकते हैं.
कतर स्थित अल-उदीद सैनिक अड्डे पर हजारों अमेरिकी सैनिक तैनात हैं. जून 2025 में अमेरिका ने ईरान के परमाणु संयंत्रों पर हमला किया था. ईरान ने बदले की कार्रवाई करते हुए अल-उदीद सैन्य अड्डे को निशाना बनाया था.
डॉनल्ड ट्रंप के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामनेई के सलाहकार अली शमखानी ने एक्स पर लिखा,
उन्होंने आगे कहा कि इस हमले से निश्चित तौर पर किसी भी तरह की आक्रमकता का जवाब देने की ईरान की इच्छाशक्ति और क्षमता का सही आकलन करने में मदद मिलेगी.
इंडिया टुडे के मुताबिक, ईरान में चल रहे विरोध प्रदर्शन वहां के धार्मिक नेतृत्व के लिए सबसे बड़ी चुनौती के तौर पर उभरे हैं. एक ईरानी अधिकारी के मुताबिक, अब तक सरकार की ओर से की गई कार्रवाई में 2 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हुई है. वहीं एक मानवाधिकार समूह के मुताबिक ये आंकड़ा 2,600 से ज्यादा है. ये साफ नहीं है कि इनमें आम नागरिकों और सुरक्षाबलों की संख्या कितनी है. बताया ये भी जा रहा है कि विरोध प्रदर्शनों में बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मी मारे गए हैं.
वीडियो: ईरान में ख़ामेनेई के खिलाफ विरोध प्रदर्शन, सरकार ने किसको सुनाई मौत की सज़ा?

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