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'ईरान तुम कहो कि जंग हार गए, वरना फिर... ', वाइट हाउस अब बच्चों की तरह भी लड़ने लगा

White House ने कहा है कि अगर Iran यह मानने से इनकार करता है कि वह सैन्य रूप से हार चुका है, तो राष्ट्रपति Donald Trump मिलिट्री एक्शन और तेज करने के लिए तैयार हैं.

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26 मार्च 2026 (अपडेटेड: 26 मार्च 2026, 08:27 AM IST)
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अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप. (फाइल फोटो: इंडिया टुडे)
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ईरान के साथ चल रही जंग के बीच अमेरिका ने कड़ी चेतावनी दी है (US Israel Iran War). वाइट हाउस ने कहा है कि अगर तेहरान यह मानने से इनकार करता है कि वह सैन्य रूप से हार चुका है, तो राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप मिलिट्री एक्शन और तेज करने के लिए तैयार हैं. इससे पहले, ट्रंप ने दावा किया था कि ईरान के साथ बातचीत जारी है और वह जंग रोकने के लिए तैयार हैं. 

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, वाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने यह जानकारी दी. 25 मार्च को पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि ईरान के साथ कूटनीतिक बातचीत जारी है. लेविट ने सख्त लहजे में कहा,

“राष्ट्रपति ट्रंप कोई दिखावा नहीं करते और वे कहर बरपाने ​​के लिए तैयार हैं. ईरान को फिर से कोई गलत अंदाजा नहीं लगाना चाहिए.”

उन्होंने कहा कि वॉशिंगटन अभी भी तेहरान के साथ बातचीत कर रहा है. लेविट ने इस बातचीत को फायदेमंद बताया. उन्होंने यह भी कहा, 

“जैसा कि राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने सोमवार (24 मार्च) को कहा था, बातचीत फायदेमंद है और आगे भी जारी रहेगी… अगर ईरान मौजूदा हालात की हकीकत को स्वीकार नहीं करता. अगर वे यह नहीं समझते कि उन्हें सैन्य रूप से हरा दिया गया है, तो राष्ट्रपति ट्रंप यह सुनिश्चित करेंगे कि उन पर अब तक का सबसे जोरदार हमला किया जाए.”

ये भी पढ़ें: 'ईरान ने मेरे लिए बड़ा तोहफा भेजा, कीमत करोड़ों में', डॉनल्ड ट्रंप ने बताया बातचीत कहां तक पहुंची?

'अमेरिका ने दिया प्रस्ताव'

एक सीनियर ईरानी अधिकारी ने रॉयटर्स को बताया कि ईरान अभी भी लड़ाई खत्म करने के अमेरिकी प्रपोजल का रिव्यू कर रहा है. ट्रंप प्रशासन की ओर से जंग रोकने के लिए एक 15 पॉइंट का पीस प्लान भेजा गया था. शुरू में तेहरान ने नेगेटिव जवाब दिया था, लेकिन बाद में आए जवाब से पता चलता है कि बातचीत का रास्ता अभी भी खुला है. हालांकि लेविट ने पीस प्लान पर खास जानकारी देने से मना कर दिया. उन्होंने कहा, 

"इसमें कुछ सच्चाई है, लेकिन कुछ रिपोर्ट्स पूरी तरह से सही नहीं हैं. मैं यहां इस मंच से राष्ट्रपति ट्रंप की तरफ से बातचीत नहीं करने जा रही हूं."

भले ही अमेरिका यह दावा कर रहा है कि वह अपने खास मिलिट्री टारगेट्स पाने के करीब है, लेकिन डिप्लोमेसी और धमकियों का दोहरा रास्ता यह दिखाता है कि लड़ाई की हालत कितनी नाजुक है.

वीडियो: ईरान के खार्ग आइलैंड पर हज़ारों अमेरिकी सैनिक भेजे जा रहे, ट्रंप का प्लान क्या?

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