The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • News
  • UP Panchayat Elections: In Prayagraj two candidate got equal votes result announced by toss

पंचायत चुनाव में दो उम्मीदवारों को बराबर वोट मिला, सिक्का उछाल कर चुना गया गांव का प्रधान

कोविड प्रोटोकॉल की धज्जियां उड़ाते हुए नए सरपंच को कंधे पर उठाकर निकाली गई रैली.

Advertisement
Img The Lallantop
ये तस्वीर करछना ब्लॉक के निंदौरी गांव सभा में लोगों ने जीत के बाद खूब जश्न मनाया. कोविड प्रोटोकॉल को भूल कर एक-दूसरे से गले मिले.
pic
मेघना
3 मई 2021 (Updated: 3 मई 2021, 01:21 PM IST)
font-size
Small
Medium
Large
font-size
Small
Medium
Large
whatsapp share
उत्तर प्रदेश में 2 मई को त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की मतगणना हुई. रात आठ बजे तक 23 विकास खंडों 217 गांव प्रधान, ग्राम पंचायत के 184 और बीडीसी के 268 पदों के परिणाम घोषित हुए. किसी को हार मिली किसी ने जीत दर्ज की. मगर एक वाकया ऐसा भी मिला जहां टॉस करके गांव के प्रधान को चुना गया.
घटना प्रयागराज के सोरांव के करौदी गांव की है. जहां प्रधान पद के लिए राज बहादुर और भुंवरलाल ने पर्चा भरा था. वोटिंग के बाद जब काउंटिंग हुई तो दोनों को बराबर-बराबर वोट मिले. दोनों को ही 170 मत मिले. इसके बाद रिटर्निंग ऑफिसर सुरेश चंद्र यादव ने दोनों के बीच टॉस करवाया. टॉस में जीते भुंवरलाल को विजयी घोषित कर दिया गया. उन्हें ग्राम प्रधान का सर्टिफिकेट भी दे दिया गया.
लोगों ने भुंवरलाल को कंधे पर उठाकर रैली भी निकाली. इस दौरान न खुद भुंवरलाल ने मास्क लगाया था और न ही उन्हें कंधे पर बैठाकर चल रहे लोगों ने. सोशल डिस्टेसिंग की धज्जियां देश में कोरोना वायरस का प्रकोप जारी है. उत्तर प्रदेश कोरोना से सबसे ज्यादा प्रभावित राज्यों में से एक है. उसके बावजूद पंचायत चुनाव में सोशल डिस्टेंसिंग ज़रा भी नहीं दिखी. 2 मई को वोटों की गिनती हुई. और कई काउंटिंग सेंटर्स से जो तस्वीरें आईं उनमें न सोशल डिस्टेंसिंग नज़र आ रही थी और न ही लोग ठीक से मास्क पहने नज़र आ रहे थे.
ये सभी अपने नए प्रधान की जीत के बाद उन्हें माला पहनाने के लिए खड़े हैं मगर सोशल डिस्टेंसिंग की किसी को कोई परवाह नहीं है. आधे से ज़्यादा लोगों ने मास्क ही नहीं पहने हैं.
ये सभी अपने नए प्रधान की जीत के बाद उन्हें माला पहनाने के लिए खड़े हैं मगर सोशल डिस्टेंसिंग की किसी को कोई परवाह नहीं है. आधे से ज़्यादा लोगों ने मास्क ही नहीं पहने हैं.

पंचायत चुनाव ड्यूटी में लगे करीब 1500 कर्मचारियों की मौत कोरोना वायरस से होने का दावा शिक्षक संघ और कर्मचारी संघों ने किया था. इन संघों ने सुप्रीम कोर्ट में गुहार लगाई थी कि पंचायत चुनाव के वोटों की गिनती टाल दें. चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में आश्वासन दिया कि कोविड प्रोटोकॉल का पालन किया जाएगा. सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखा जाएगा, लेकिन ऐसा होता दिखा नहीं.
 

Advertisement