'2024 की तैयारी', BJP गठबंधन में वापस जाने के सवाल पर ये बोले राजभर
ओम प्रकाश राजभर ने इस बार का यूपी चुनाव सपा के साथ गठबंधन में लड़ा था.
Advertisement

सुभासपा अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर (फोटो- इंडिया टुडे)
उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव खत्म होने के बाद भी कयासों और अटकलों की राजनीति जारी है. ऐसा ही एक ताजा कयास ओम प्रकाश राजभर को लेकर लगाया गया. राजभर, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (SBSP) के अध्यक्ष हैं. सुभासपा ने अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन कर हालिया विधानसभा चुनाव लड़ा था. अब मीडिया में खबरें आई हैं कि राजभर की पार्टी सुभासपा एक बार फिर एनडीए गठबंधन में शामिल हो सकती है. खबरें यहां तक चलीं कि ओम प्रकाश राजभर ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भी मुलाकात की है.
इन सियासी चर्चाओं और अटकलों के बीच अब ओम प्रकाश राजभर ने खुद सफाई दी है. आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने इन खबरों को निराधार बताते हुए कहा कि वे समाजवादी पार्टी के साथ हैं. राजभर ने कहा, राजभर ने बीजेपी नेताओं से मुलाकात की खबरों का भी खंडन किया. उन्होंने कहा, दरअसल, इस बार के यूपी विधानसभा चुनाव में सपा ने गठबंधन में सुभासपा को 18 सीटें दी थीं. इनमें से राजभर की पार्टी 6 सीटों पर जीत दर्ज करने में सफल रही. ओम प्रकाश राजभर ने जहूराबाद सीट से बीजेपी उम्मीदवार को हराकर बड़े अंतर से जीत दर्ज की. हालांकि, उनके बेटे अरविंद राजभर को वाराणसी की शिवपुर सीट पर हार का सामना करना पड़ा.
अखिलेश यादव और ओम प्रकाश राजभर (फाइल फोटो- आज तक)
इधर राजभर ने भारतीय जनता पार्टी पर सवाल उठाते हुए कहा कि उसने 5 सालों तक सामाजिक न्याय समिति की रिपोर्ट क्यों नहीं लागू की. सुभासपा अध्यक्ष ने कहा कि उन्हें भरोसा है कि आज नहीं तो कल, यह लागू जरूर होगा. चाहे वह योगी जी करें, या अखिलेश करें या मायावती करें.
उन्होंने यह भी कह दिया कि देश में एक बड़ा गठजोड़ बनने की तैयारी में हैं. राजभर ने आगे कहा, गृह मंत्री अमित शाह के साथ मुलाकात करने को भी ओम प्रकाश राजभर ने निराधार बताया. उन्होंने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा, सुभासपा के राष्ट्रीय महासचिव अरुण राजभर ने भी कहा कि पुरानी फोटो लगाकर माहौल बनाने के चक्कर में खबर ही फर्जी बन गई. उन्होंने कहा कि लोग अफवाहों से सावधान रहें. इससे पहले, राजभर की पार्टी सुभासपा ने 2017 का विधानसभा चुनाव बीजेपी के साथ गठबंधन में लड़ा था. ओम प्रकाश राजभर 2019 तक योगी सरकार में मंत्री भी थे. योगी सरकार ने उन्हें मंत्रिमंडल से बर्खास्त कर दिया था. इसके बाद हालिया विधानसभा चुनाव में उन्होंने सपा के साथ मिलकर चुनाव लड़ा.
इन सियासी चर्चाओं और अटकलों के बीच अब ओम प्रकाश राजभर ने खुद सफाई दी है. आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने इन खबरों को निराधार बताते हुए कहा कि वे समाजवादी पार्टी के साथ हैं. राजभर ने कहा, राजभर ने बीजेपी नेताओं से मुलाकात की खबरों का भी खंडन किया. उन्होंने कहा, दरअसल, इस बार के यूपी विधानसभा चुनाव में सपा ने गठबंधन में सुभासपा को 18 सीटें दी थीं. इनमें से राजभर की पार्टी 6 सीटों पर जीत दर्ज करने में सफल रही. ओम प्रकाश राजभर ने जहूराबाद सीट से बीजेपी उम्मीदवार को हराकर बड़े अंतर से जीत दर्ज की. हालांकि, उनके बेटे अरविंद राजभर को वाराणसी की शिवपुर सीट पर हार का सामना करना पड़ा.
अखिलेश यादव और ओम प्रकाश राजभर (फाइल फोटो- आज तक)
इधर राजभर ने भारतीय जनता पार्टी पर सवाल उठाते हुए कहा कि उसने 5 सालों तक सामाजिक न्याय समिति की रिपोर्ट क्यों नहीं लागू की. सुभासपा अध्यक्ष ने कहा कि उन्हें भरोसा है कि आज नहीं तो कल, यह लागू जरूर होगा. चाहे वह योगी जी करें, या अखिलेश करें या मायावती करें.
उन्होंने यह भी कह दिया कि देश में एक बड़ा गठजोड़ बनने की तैयारी में हैं. राजभर ने आगे कहा, गृह मंत्री अमित शाह के साथ मुलाकात करने को भी ओम प्रकाश राजभर ने निराधार बताया. उन्होंने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा, सुभासपा के राष्ट्रीय महासचिव अरुण राजभर ने भी कहा कि पुरानी फोटो लगाकर माहौल बनाने के चक्कर में खबर ही फर्जी बन गई. उन्होंने कहा कि लोग अफवाहों से सावधान रहें. इससे पहले, राजभर की पार्टी सुभासपा ने 2017 का विधानसभा चुनाव बीजेपी के साथ गठबंधन में लड़ा था. ओम प्रकाश राजभर 2019 तक योगी सरकार में मंत्री भी थे. योगी सरकार ने उन्हें मंत्रिमंडल से बर्खास्त कर दिया था. इसके बाद हालिया विधानसभा चुनाव में उन्होंने सपा के साथ मिलकर चुनाव लड़ा.

.webp?width=60)

