जौनपुर: चोटें दिखातीं दलित महिलाओं का वीडियो वायरल, पुलिस ने अपने बचाव में क्या कहा?
दलित महिलाओं को इतना पीटा कि काले दाग पड़ गए!
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बदलापुर के देवरिया गांव की दलित महिलाओं ने पुलिस पर मारपीट का आरोप लगाया है
सोशल मीडिया पर यूपी के जौनपुर का एक वीडियो वायरल हो रहा है. जिसमें कुछ महिलाएं दिख रही हैं. ये महिलाएं अपने शरीर पर चोटों के निशान दिखा रही हैं. वीडियो में दावा किया जा रहा है कि इन महिलाओं को पुलिस ने बुरी तरह पीटा है. पत्रकार पीयूष राय ने इस वीडियो को ट्विटर पर शेयर करते हुए लिखा है,
जौनपुर पुलिस का क्या कहना है?
इस घटना को लेकर जौनपुर पुलिस का भी बयान आया है. उसने बताया है कि यह मामला जौनपुर के बदलापुर इलाके का है. बदलापुर के क्षेत्राधिकारी (सीओ) अशोक कुमार ने मीडिया को बताया,
पुलिस पर कर दिया था हमला
आजतक से जुड़े राजकुमार सिंह ने सीओ अशोक कुमार द्वारा बताई गई घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि रविवार, 20 मार्च को बदलापुर के देवरिया गांव में दलित समाज के दो पक्षों के बीच विवाद हुआ था. आरोप है कि जब पुलिस की एक टीम मौके पर पहुंची तो इस दौरान एक पक्ष ने पुलिस वालों पर ही हमला बोल दिया. इस हमले में एक पुलिसकर्मी कांस्टेबल राजेश यादव घायल हो गए थे. घायल कांस्टेबल की तहरीर पर पुलिस ने 14 लोगों के विरुद्ध केस दर्ज किया था और छह महिलाओं सहित 8 लोगों को घटना वाले दिन ही गिरफ्तार कर लिया था. वायरल हो रहे वीडियो में दिख रहीं महिलाएं भी गिरफ्तार किए गए लोगों में शामिल थीं.
पीड़ित महिलाओं का क्या कहना है?
बदलापुर के देवरिया गांव की पीड़ित दलित महिलाओं ने आजतक से बातचीत में पुलिस पर मारपीट का आरोप लगाया. मामले की एक पीड़िता शीला ने बताया,
शीला ने आगे कहा,
पीड़ित महिला शीला के मुताबिक उन्होंने घटना को लेकर जौनपुर के एसपी को एक प्रार्थना पत्र दिया है और उनसे न्याय दिलाने की मांग की है.
पुलिस ने कहा- मूर्ति नहीं, केले के पेड़ के चलते हुआ था विवाद
उधर, इस विवाद को लेकर आजतक के राजकुमार सिंह ने जब क्षेत्राधिकारी (सीओ) बदलापुर अशोक कुमार से बात की तो उन्होंने इन महिलाओं के दावे को गलत बताया. अशोक कुमार ने कहा,
इस दौरान सीओ अशोक कुमार ने एक बार फिर यह दोहराया कि महिलाओं को पुलिस ने नहीं पीटा है और ना ही उनके लिए जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया गया.

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