The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • News
  • UP : healthcare worker dies in Moradabad after receiving covid-19 vaccine

मुरादाबाद में वॉर्ड बॉय की मौत से हड़कंप, एक दिन पहले ही लगा था कोरोना का टीका

मौत के लिए परिवार वैक्सीन को जिम्मेदार ठहरा रहा, CMO का इनकार

Advertisement
pic
18 जनवरी 2021 (अपडेटेड: 17 जनवरी 2021, 03:35 AM IST)
Img The Lallantop
कोरोना की वैक्सीन की कमी क पूरा करने के लिए भारत सरकार ने विदेशों में पहले से इमरजेंसी इस्तेमाल का अप्रूवल पा चुकी वैक्सीन को भारत लाने का मन बना लिया है. सांकेतिक तस्वीर.
Quick AI Highlights
Click here to view more
यूपी का मुरादाबाद. यहां कोरोना की वैक्सीन लगवाने के एक दिन बाद एक स्वास्थ्यकर्मी की मौत हो गई. उनके बेटे ने इसके लिए वैक्सीन को दोष दिया है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि ये वैक्सीन का रिऐक्शन नहीं लग रहा है. पोस्टमॉर्टम और आगे की जांच से मौत की वजह का पता चलेगा. स्वास्थ्यकर्मी का नाम महिपाल सिंह था. 48 साल के महिपाल मुरादाबाद के जिला अस्पताल में वार्ड बॉय थे. 16 जनवरी को जब देश भर में कोरोना का टीकाकरण शुरू हुआ था, उसी दिन महिपाल को कोरोना का टीका दिया गया था. अगले दिन यानी 17 जनवरी की शाम महिपाल की तबियत बिगड़ने लगी. महिपाल के परिजनों ने इमरजेंसी हेल्पलाइन 108 पर कॉल करके जानकारी दी. आजतक के मुरादाबाद संवाददाता शरद गौतम की रिपोर्ट बताती है कि एम्बुलेंस आने तक महिपाल की तबियत और बिगड़ गयी. आनन-फ़ानन में महिपाल को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने महिपाल को मृत घोषित कर दिया.  महिपाल के बेटे विशाल ने आजतक से बातचीत में कहा,
“मेरे पापा वार्ड बॉय थे. जब सुबह ड्यूटी से आए थे, तब से उनकी तबियत ख़राब थी. पापा को कोरोना की वैक्सीन लगी थी. मेरे पास उनका साढ़े 12 बजे कॉल आया था. उन्होंने मुझसे कहा था कि बेटा आप ऑटो से ज़िला अस्पताल आ जाओ. मुझे कोरोना की वैक्सीन लगेगी और मुझसे गाड़ी नहीं चलेगी. मैं उसके बाद सिविल लाइन अस्पताल पहुंचा. वहां से क़रीब डेढ़ बजे वैक्सीन लगने के बाद उनको अपने साथ घर ले आया. उनकी हालत ख़राब थी. सांस फूल रही थी. वो खांस रहे थे. वो पहले कोरोना पॉज़िटिव नहीं थे. हल्का निमोनिया था. लेकिन वहां से आने के बाद उनको ज़्यादा तकलीफ़ होने लगी थी. पापा को गरम पानी दिया. चाय दिया. बिस्तर पर लिटाया कि थोड़ा आराम कर लें. फिर अगले दिन रविवार को शाम को फ़ोन आया कि पापा की तबियत ज़्यादा ख़राब हो रही है.”
विशाल का कहना है कि उनके पिता की मौत कोरोना की वैक्सीन की वजह से हुई है. लेकिन स्वास्थ्य विभाग शायद ऐसा नहीं मानता. महिपाल सिंह की मृत्यु के बाद जिले के मुख्य चिकित्साधिकारी यानी CMO एमसी गर्ग उनके घर पहुंचे. उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि वैक्सीन लगने के बाद महिपाल सिंह ने ड्यूटी भी की थी. लेकिन मृत्यु के कारणों की जांच की जाएगी. वैक्सीन का कोई रीऐक्शन नहीं प्रतीत हो रहा है. पोस्ट्मॉर्टम कराया जाएगा. देश भर में कुल कितने लोग बीमार हुए? देश में कोरोना का टीकाकरण शुरू होने के दो दिनों के अंदर 2 लाख 24 हज़ार 3 सौ लोगों को कोरोना की वैक्सीन लगायी जा चुकी है. स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा दिए गए डेटा के मुताबिक़, इनमें से कुल 447 लोगों में कोरोना की वैक्सीन लगने के बाद प्रतिकूल प्रभाव देखे गए हैं. और सरकार ने ये भी बताया है कि इनमें से महज 3 लोगों को अस्पताल में भर्ती करने की आवश्यकता पड़ी है.

Advertisement

Advertisement

()