The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • News
  • up cm yogi adityanath dismiss cpcb report on mahakumbh

"संगम का पानी नहाने और पीने लायक", सीएम योगी ने CPCB की रिपोर्ट को बताया 'प्रोपेगैंडा'

CM Yogi Adityanath ने कहा कि संगम और उसके आसपास के इलाके के सभी नालों को टैप कर दिया गया है और वहां पानी शुद्धिकरण के बाद ही छोड़ा जा रहा है. यूपी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड पानी की गुणवत्ता बरकरार रखने के लिए लगातार निगरानी कर रहा है.

Advertisement
pic
19 फ़रवरी 2025 (पब्लिश्ड: 04:53 PM IST)
up cm yogi adityanath dismiss cpcb report on mahakumbh
योगी ने कहा, संगम का पानी नहाने के साथ-साथ आचमन के लायक भी है. (तस्वीर:इंडिया टुडे)
Quick AI Highlights
Click here to view more

उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने संगम के पानी को दूषित बताने वाली रिपोर्ट को खारिज कर दिया है. 19 फरवरी को सीएम योगी ने केंद्रीय पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड की रिपोर्ट को 'प्रोपेगैंडा' बता दिया. उन्होंने कहा कि संगम का पानी नहाने के लिए ‘पूरी तरह से फिट’ है.

'महाकुंभ का दुष्प्रचार करने का प्रोपेगैंडा'

सीएम योगी ने यूपी विधानसभा में संगम के पानी को दूषित बताने वाली रिपोर्ट पर अपनी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा,

“त्रिवेणी के पानी की गुणवत्ता पर सवाल किए जा रहे हैं. संगम और उसके आसपास के इलाके के सभी नालों को टैप कर दिया गया है और वहां पानी शुद्धिकरण के बाद ही छोड़ा जा रहा है. यूपी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड पानी की गुणवत्ता बरकरार रखने के लिए लगातार निगरानी कर रहा है.”

सीएम ने आगे कहा,

“आज संगम के इलाके में मौजूद पानी में घुली हुई ऑक्सीजन की मात्रा 8-9 है, जबकि BOD यानी बायोकेमिकल ऑक्सीजन डिमांड 3 से कम है. इसका मतलब है कि संगम का पानी केवल नहाने ही नहीं आचमन के भी योग्य है.”

सीएम योगी ने कहा,

“फीकल कोलीफॉर्म बैक्टीरिया के बढ़ने में जानवरों के मल और सीवेज के पानी के लीकेज की भूमिका हो सकती है. लेकिन प्रयागराज में अभी इसका स्तर प्रति 100 मिलीलीटर में 2,500 यूनिट से कम है. इसका मतलब केवल महाकुंभ की छवि खराब करने का प्रयास किया जा रहा है. NGT ने भी कहा है कि फीकल वेस्ट प्रति 100 मिलीलीटर में 2,000 यूनिट से कम है.”

यह भी पढ़ें:महाकुंभ के दौरान गंगा में बढ़ा Faecal Coliform Bacteria आपके शरीर में पहुंच गया तो क्या होगा?

CPCB की रिपोर्ट

इससे पहले सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (CPCB) ने 3 फरवरी को एक रिपोर्ट पेश की थी. इसमें महाकुंभ मेले के दौरान गंगा में इस बैक्टीरिया के स्तर में बढ़ोतरी के संकेत मिले हैं. रिपोर्ट में दी गई जानकारियां 18 फरवरी को सामने आईं. इसके मुताबिक, खासतौर पर संगम के पास दोनों नदियों में कई जगह पर इस बैक्टीरिया का लेवल बढ़ा पाया गया. शाही स्नान के दिनों में यह बढ़ोतरी ज़्यादा देखने को मिली.

CPCB की रिपोर्ट बताती है कि महाकुंभ मेले के दौरान फीकल कोलीफॉर्म का स्तर प्रति 100 मिलीलीटर में 2,500 यूनिट की सेफ लिमिट से कहीं ज़्यादा है, जो नदी में जाने वालों के लिए ‘खतरनाक’ है. 

वीडियो: महाकुंभ और राजकोट के अस्पताल से महिलाओं के CCTV फुटेज लीक हुए, पैसे लेकर बेचे जा रहे

Advertisement

Advertisement

()