The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • News
  • UP Budaun Lekhapal Nashta DM Suspension Minister BL Verma

लेखपाल को मंत्री के सामने DM से नाश्ता मांगना भारी पड़ गया? ऐसा हुआ कि...

Budaun: नवनियुक्त लेखपाल ने DM से कहा कि सभी लेखपाल भूखे बैठे हैं और आप नाश्ता कर रहे हैं. ये तो पक्षपात है.

Advertisement
Samosa Chatani
लेखपाल ने DM पर पक्षपात करने का आरोप लगाया था. (सांकेतिक तस्वीर: इंडिया टुडे)
pic
रवि सुमन
12 जुलाई 2024 (पब्लिश्ड: 10:11 AM IST)
font-size
Small
Medium
Large
font-size
Small
Medium
Large
whatsapp share

उत्तर प्रदेश (UP) के बदायूं (Budaun) में एक लेखपाल को नाश्ता मांगना महंगा पड़ गया. लेखपाल को नियुक्ति पत्र मिले कुछ ही समय हुआ था कि SDM ने उनकी बर्खास्तगी का नोटिस दे दिया. दरअसल, हुआ यूं कि अटल बिहारी वाजपेयी सभागार में 110 नवनियुक्त लेखपालों को नियुक्ति पत्र दिया गया. मौके पर DM मनोज कुमार और केंद्रीय राज्य मंत्री बीएल वर्मा मौजूद थे. नियुक्ति पत्र बांटने के बाद अधिकारी और जनप्रतिनिधि वहीं पर नाश्ता करने लगे.

इस दौरान एक नवनियुक्त लेखपाल महेंद्र सिंह, DM और केंद्रीय मंत्री के पास पहुंचे. और कहा कि “सभी लेखपाल भूखे बैठे हैं और आप लोग नाश्ता कर रहे हैं. ये पक्षपात है.” लेखपाल ने कहा कि आप लोग निष्पक्ष रहने की बात करते हैं और खुद निष्पक्ष नहीं हैं. इसपर DM ने लेखपाल को अनुशासन में रहने को कहा. उन्होंने महेंद्र सिंह को बाकी लेखपालों के साथ बैठने को कहा. DM ने लेखपाल से कहा कि उनका नाश्ता उनकी सीट पर पहुंच जाएगा. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, लेखपाल इसके बावजूद भी वहीं खड़े रहे. इसके बाद केंद्रीय मंत्री और अधिकारी वहां से उठकर चले गए. इसके बाद केंद्रीय मंत्री थोड़ी देर तक DM के ऑफिस में बैठे रहे.

ये भी पढ़ें: बर्खास्त लेखपाल ने खुद को 'गेल' का अधिकारी बता लाखों की धोखाधड़ी की, जानिए पता कैसे चला

नोटिस जारी हुआ

घटना 10 जुलाई की है. इसी दिन शाम के 5 बजे SDM ने एक नोटिस जारी किया. इसके अनुसार, अगर 2 दिनों के भीतर लेखपाल महेंद्र सिंह संतोषजनक जवाब नहीं देते हैं, तो उन्हें बर्खास्त कर दिया जाएगा.

Image embed
SDM का नोटिस.

SDM के नोटिस में लिखा है कि मंत्री और DM आपस में बात कर रहे थे. तब लेखपाल ने ‘डाइस’ (मंच) पर पहुंचकर प्रोटोकॉल को तोड़ा. इससे लेखपाल ने अनुशासनहीनता का परिचय दिया. नोटिस में इसे आपत्तिजनक बताया गया है. महेंद्र सिंह को दो दिनों के भीतर स्पष्टीकरण देने को कहा गया. नोटिस के अनुसार, अगर लेखपाल ऐसा नहीं करते हैं तो उनकी सेवा को समाप्त करने पर विचार किया जाएगा. ख़बर लिखे जाने तक इस मामले पर लेखपाल का पक्ष सामने नहीं आया है.

वीडियो: इस शहर में एक साथ क्यों खाया जाता है समोसा और जलेबी?

Advertisement

Advertisement

()